Home Hindi पूर्णिमा के उपाय मौनी अमावस्या | मौनी अमावस्या का महत्त्व

मौनी अमावस्या | मौनी अमावस्या का महत्त्व

kalash

मौनी अमावस्या

हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्त्व है। माघ माह की शुक्ल पक्षकी अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता हैं। इस दिन मौन रहकर यमुना /गंगा किसी पवित्र नदी , जलाशय अथवा घर में जल में तिल और गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए। माघ मास की अमावस्या और पूर्णिमा दोनों ही तिथियाँ पर्व कही गयी हैं। लेकिन माघ मास के स्नान का सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण पर्व मौनी अमावस्या के स्नान का माना गया है,
जानिए मौनी अमावस्या, Mauni amavasya,मौनी अमावस्या का महत्त्व, Mauni Amavasya ka Mahtv ।

‘मौनी’ का अर्थ मुनि है। इसलिए इस दिन इस व्रत को मौन धारण करके समापन करने वाले को या स्नान से पहले मौन रहने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है। यदि यह अमावस्या सोमवार के दिन हो तो इसका महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है।

kalash

माघ मास को भी कार्तिक मास के समान पुण्य मास कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार सागर मंथन से धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। उस अमृत कलश को प्राप्त करने के लिए देवों व असुरों के बीच हुई खींचातानी से अमृत की कुछ बूंदें छलक कर प्रयाग, हरिद्वार नासिक व उज्जैन में जा गिरि थी। इसी लिए इन स्थानों पर कुंभ का पर्व मनाया जाता है। इसमें प्रयाग में लगने वाले कुम्भ में सवसे श्रेष्ठ स्नान माघी अमावस्या का ही कहा गया है।

kalash

मान्यतानुसार माघ में पड़ने वाली मौनी अमावस्या के दिन पवित्र संगम तीर्थ में तैंतीस कोटी देवताओं का निवास होता है इसलिए माघ अमावस्या पर संगम में स्नान से अमृत स्नान का पुण्य मिलता है। मौनी अमावस्या के दिन प्रातः गंगा नदी / पवित्र नदी या घर में जल में गंगा जल डाल कर स्नान करने से पितृदोष से, गृहक्लेश से मुक्ति मिलती है, सभी तरह के संकटो एवं दुर्घटना से रक्षा होती है।
इसीलिए इलाहबाद मे गंगा के तट पर इस भक्त जन एक मास तक कुटी बनाकर कल्प वास करके पुण्य अर्जित करते हैं।

kalash

मान्यता यह है कि मौनी अमावस्या के दिन हिन्दुओं की सबसे पवित्र नदी गंगा मैया का जल अमृत बन जाता है। शास्त्रों में कहा गया है सत युग में जो पुण्य तप से मिलता है, द्वापर युग में हरि भक्ति से, त्रेता युग में ज्ञान से, कलियुग में दान से पुण्य मिलता है, वहीँ माघ मास में संगम स्नान वह भी मौनी अमावस्या का स्नान हर युग में अन्नंत पुण्यदायी होगा।

kalash

मान्यता यह भी है कि यदि कोई मौन ना रह पाए तो वह अपने मन मस्तिष्क में किसी भी प्रकार का मैल न आने देने, किसी को भी कोई कटुवचन न कहे , तब भी मौनी अमावस्या का पूर्ण पुण्य प्राप्त होगा है।

kalash

एक मान्यता ऐसी भी है कि इस दिन मनु ऋषि का भी जन्म हुआ था जिसके कारण भी इस दिन को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।

kalash

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन किये गए उपाय अति शीघ्र सफल होते है और मौनी अमावस्या के दिन तो इन उपायों का और भी महत्त्व है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन प्रात: सूर्योदय से पूर्व जल में काले तिल और गंगाजल डाल कर स्नान करने से बहुत अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है कुंडली के ग्रह शुभ फल देने लगते है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन प्रात: जल में दूध, काले तिल, अक्षत और सफ़ेद पुष्प डाल कर पितरो का तर्पण करने से पितरो सो स्वर्ग में स्थान मिलता है, पितरो का पूर्ण आशीर्वाद मिलता है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन पितरो के निमित एक ब्राह्मण को अपने घर में भोजन कराएं। इससे पितृ प्रसन्न होते है, जीवन के सभी संकट दूर होते है, पितरो के शुभाशीष से जातक को किसी भी चीज़ का आभाव नहीं होता है।

kalash

मौनी अमावस्या पर सुबह स्नान आदि करने के बाद शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर कच्चा दूध या पंचामृत से अभिषेक करते हुए चांदी से निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें फिर इसे सफेद पुष्प के साथ बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इससे कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव से निश्चित ही राहत मिलती है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन शिव परिवार, माँ लक्ष्मी जी को चावल की खीर का भोग लगाने से धन-सम्पत्ति के भण्डार भरते है। खीर पितरो को भी अति प्रिय है अत: इस दिन पितरो के निमित भी इस खीर को किसी दोने में डालकर पीपल के वृक्ष के नीचे अवश्य ही रखवाएं।

kalash

इस दिन किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का अभिषेक, भगवान शंकर की आरधना करने से निश्चय ही सभी मनोरथ पूर्ण होगी ।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, घी, कम्बल, चावल, वस्त्रादि किसी गरीब ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान देने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन प्रात: पीपल के वृक्ष पर जल में दूध, काले तिल, गुड़ मिलाकर चढ़ाएं और 7 परिक्रमा करें एवं सांय काल प्रदोष काल में पीपल के वृक्ष के नीचे कड़वे तेल / तिल के तेल का दीपक जलाएं। इससे कुंडली की ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद लगातार भगवान का नाम लेते हुए आटे की गोलियां बनाएं। इसके बाद समीप के किसी भी तालाब या नदी में जाकर मछलियों को यह आटे की गोलियां खिला दें। इस उपाय से जीवन की अनेको परेशानियों का अंत हो सकता है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं। ऐसा करने से पापो का नाश होता है पुण्य बढ़ते है। समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन सांय काल घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। उसमें बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के कलावे / मोली / धागे का प्रयोग करें, साथ ही उस दीपक में थोड़ी-सी केसर भी अवश्य डाल दें। ऐसा करने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है , उस घर में सुख समृद्धि की कोई भी कमी नहीं होती है।

kalash

मौनी अमावस्या के दिन किसी सूखे कुएं या गहरे गड्ढे में में दूध डाले , इससे सेहत ठीक रहती है, रोग निकट भी नहीं आते है।

kalash

मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन किसी भूखे को भोजन कराने से जो पुण्य मिलता है वह पुण्य जन्म जन्मांतर तक अक्षय होता है, अत: इस दिन किसी भूखे को भोजन अवश्य ही करवाएं या किसी गरीब असहाय की मदद अवश्य करें।

kalash

अगर किसी जातक को बहुत मानसिक परेशानियाँ रहती है तो वह मौनी अमावस्या के दिन दूध में अपनी छाया देखकर उस दूध को किसी दोने में डालकर काले कुत्ते को पिलाएं। इससे सभी तरह की मानसिक परेशानियां अवश्य ही दूर होती है।

Published By : Memory Museum
Updated On : 2020-01-01 01:55:55 PM

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

ऐसे रहें स्वस्थ | Aise Rahen Swasth

ऐसे रहें स्वस्थ | स्वस्थ रहने का उपाय साथियों आज भारत की बहुत बड़ी आबादी...

How To Copy A Live WordPress Site To Localhost Manually (2)

You can select what widgets to display in the how to speed up wordpress sidebar and footer. With widgets providing easy drag and drop...

रविववार के शुभ -अशुभ मुहूर्त | Raviwar Ke Shub -Ashubh Muhurt

आज का शुभ मुहूर्तAaj Ka Shubh Muhurt अपने कार्यो में श्रेष्ठ फलो की प्राप्ति के लिए जानिए आज का...

शनिवार के शुभ -अशुभ मुहूर्त | Shaniwar Ke Shub -Ashubh Muhurt

आज का शुभ मुहूर्तAaj Ka Shubh Muhurt अपने कार्यो में श्रेष्ठ फलो की प्राप्ति के लिए जानिए आज का...

Recent Comments