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Kalash One Imageuric acid, यूरिक एसिड के उपाय, Kalash One Image


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यूरिक एसिड, यूरिक एसिड क्या है


उम्र बढ़ने के साथ बहुत से लोगो को हाथ पैरो में जकड़न, हड्डियों में दर्द, आदि की शिकायत होने लगती है लोग बहुत समय तक समझ ही नहीं पाते है कि यह परेशानी क्या है, क्यों है।  ज्यादातर लोग इसे बढ़ती उम्र के साथ की स्वाभाविक परेशानी ही समझते है और लम्बे समय तक लापरवाही करते रहते है। लेकिन यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह समस्या शरीर में यूरिक एसिड uric acid के बढ़ने से होती है और इसका समय से इलाज ना किया जाये तो गठिया gathiya की समस्या हो सकती है।   

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में uric acid यूरिक एसिड बढ़ने की परेशानी बहुत से लोगो में होने लगती है लेकिन 90% से ज्यादा लोग यूरिक एसिड क्या है या उसके दुष्प्रभाव को जानते ही नहीं है। दरअसल शरीर में uric acid यूरिक एसिड प्‍यूरिन के टूटने से बनता है. जब हमारे शरीर के सेल्स टूटते हैं, और नवनिर्मित होते हैं तो इनमे पाया जाने वाला प्यूरीन भी टूटता हैं ।
इस प्यूरीन के टूटने पर एक केमिकल रिएक्शन होता हैं जिस से यूरिक एसिड उत्पन्न होता हैं। यह ब्‍लड के माध्‍यम से बहता हुआ किडनी तक पहुंचता है, और यूरीन के रूप में शरीर के बाहर निकल जाता है । 

लेकिन जब किसी वजह से ये बाहर नहीं निकलता तब ये शरीर के अंदर ही इकठ्ठा होने लगता है और धीरे धीरे एक क्रिस्टल की तरह बन जाता है और जब इस यूरिक एसिड का स्तर अधिक हो जाता है तब ये शरीर में बहुत परेशानी करने लगता है । 

खून में यूरिक एसिड uric acid बढ़ने से यह क्रिस्‍टल के रूप में हमारे हाथ और पैरों के जोड़ों में जम जाता है,  पैर की उंगलियों, घुटनों और एडी में नस में दर्द होने लगता है। यह आगे चल कर जोड़ो के दर्द, गठिया, वातरोग, संधिवात को पैदा करता हैं ।

अगर सही समय पर यूरिक एसिड का उपचार uric acid ka upchar और उपाय ना किया जाए तो इस रोग से पीड़ित जातक के उठने बैठने, और चलने फिरने में भी परेशानी आने लगती है । यूरिक एसिड बढ़ने पर गठिया होने का ख़तरा बहुत बढ़ जाता है ।  वैसे तो यह समस्या 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो को ज्यादा होता है लेकिन अगर समय पर ध्यान ना दिया जाय तो यह परेशानी कम उम्र के लोगो को भी हो सकती है। 


यूरिक एसिड के लक्षण :



जैसा कि हम पहले ही लिख चुके है ज्यादातर लोगों को इस रोग के बारे में बहुत पता नहीं होता है। 

अक्सर हम शुरुआती लक्षण देख कर खुद ही उल्टा-सीधा इलाज करने लग जाते है। 

 पैरों के अंगूठे का सूज जाना, 

 उठते बैठते वक़्त जोड़ो विशेषकर घुटने में दर्द होना,

 शरीर के जोडों में दर्द और सूजन का होना, 

 जोड़ों में गाँठ बनने लगना आदि  यूरिक एसिड के लक्षण होते है इन्हे देखते ही सावधान हो जाना चाहिए और अपने डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


यूरिक एसिड में क्या ना खाएं :


 यूरिक एसिड बढ़ने पर उन खाद्य पदार्थो जिनसे प्यूरिन अधिक बनता है दूरी बना लेनी चाहिए।

 दूध या अधिक फैट वाले दूध का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 

 रेड मीट का प्रयोग ना करें, रेड मीट खाने से यूरिक एसिड अधिक बढ़ता है।  

 डिब्बा बंद खाद्य पदार्थो से दूर रहना चाहिए, इनके सेवन से भी यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। 

 यूरिक एसिड बढ़ने पर बेकरी के पदार्थो जैसे केक, पेस्ट्री आदि को कम से कम खाना चाहिए।  


यूरिक एसिड के उपाय, यूरिक एसिड के उपचार 



यहाँ हम कुछ आयुर्वेदिक उपाय बता रहे है जिससे बड़े हुए यूरिक एसिड का आसानी घरेलू  उपचार करके इसके दर्द से छुटकारा पा सकते है ।

जानिए यूरिक एसिड कम करने के उपाय और यूरिक एसिड के घरेलू उपाय : -

1. यूरिक एसिड कम करके के लिए नित्य खाली पेट दो से तीन अखरोट खाने चाहिए इससे बढ़ा हुआ यूरिक एसिड नियंत्रित होने लगता है ।

2. भोजन के आधा घंटे बाद एक चम्मच अलसी के बीज चबा कर खाने से यूरिक एसिड में आराम मिलता है ।

3. एक गिलास हल्के गरम दूध के साथ एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर पिए, लेकिन गर्मियो में अश्वगंधा कम मात्रा में ले ।

4.  यूरिक एसिड बढ़ने पर ये शरीर में क्रिस्टल जैसे बन कर शरीर में दूसरे अंगों में जमा हो जाते है। इससे छुटकारा पाने के लिए 1 चम्मच बेकिंग सोडा एक गिलास पानी में मिलाकर पिए इससे यूरिक एसिड के क्रिस्टल टूट कर पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाते है ।

5. आंवले का रस एलोवेरा के जूस में मिलाकर पीने से यूरिक एसिड में बहुत आराम मिलता है ।

6. एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका,( एप्पल साइडर विनिगर ) डालकर दिन में दो बार पियें।  इससे यूरिक एसिड के क्रिस्टल 15 से 20 दिन में ही टूटकर समाप्त हो जाते है। 

7. यूरिक एसिड को कम करने के लिए दिन में दो तीन बार हल्के गर्म पानी में नीबूं निचोड़ कर नीबूं पानी पियें। 

8. यूरिक एसिड को कम करने के लिए अधिक से अधिक विटामिन सी युक्त पदार्थो का प्रयोग करें।  

9. यूरिक एसिड बढ़ने पर अधिक फाइवर वाले पदार्थो का प्रयोग करें। 

10. यूरिक एसिड अधिक बढ़ जाने पर 8-10 दिन लगातार सुबह खाली पेट बथुए के पत्तों का जूस निकाल कर पिए और इसके दो घंटे बाद तक कुछ ना खाए। इससे यूरिक एसिड, गठिया में बहुत आराम मिलता है।  

11. एक कच्चे पपीते को साफ करके उसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें और इसके अंदर के बीजों के भी टुकड़े कर लें फिर इन सबको लगभग दो लीटर उबलते पानी में 8-10 मिनट तक और उबाल लें इसमें साथ ग्रीन टी की कुछ पत्तियां भी डाल लें । 

उबालने के बाद इसे ठंडा करके छान लें और सुबह शाम इसका सेवन करें इससे यूरिक एसिड ख़त्म होता है , हाथ पैरो के जोड़ो में बहुत राहत मिलती है । 

इन उपायों को यदि समय और नियम से किया जाय तो निश्चित ही यूरिक एसिड में पूरा आराम मिलेगा और उम्र बढ़ने के साथ गठिया जैसी बीमारी भी नहीं होगी।  

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Published By : MemoryMuseum
Updated On : 2018-08-27 16:42:43




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