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सूर्य ग्रहण 2019
Surya Grahan 2019


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सूर्य ग्रहण का महत्व
Surya Grahan Ka Mahatva


hand logo सूर्य ग्रहण ( Surya grahan ) एक बहुत ही प्रमुख खगोलीय घटना, प्रकृ्ति का एक अद्भुत चमत्कार है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण ( Surya grahan ) तब होता है, जब सूर्य आंशिक अथवा पूर्ण रूप से चन्द्रमा द्वारा बाधित हो जाए। अर्थात जब चन्दमा पृथ्वी और सूर्य के बीच यानि घूमते-घूमते चन्द्रमा, सूरज व पृथ्वी तीनो एक ही सीध में होते हैं और इस कारण चन्द्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है इसे सूर्यग्रहण कहा जाता हैं। सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन में ही होता है।

hand logo वैदिक काल से ही हमारे ऋषि मुनियों को खगोलीय संरचना सूर्य ग्रहण, चन्द्र ग्रहण तथा उनकी पुनरावृत्ति का ज्ञान था । ऋग्वेद के अनुसार अत्रिमुनि के परिवार के पास यह ज्ञान उपलब्ध था। महर्षि अत्रिमुनि ग्रहण के ज्ञान को देने वाले प्रथम आचार्य थे।

hand logo वेदांग ज्योतिष से हमारे वैदिक पूर्वजों के इस महान ज्ञान का पता चलता है। प्राचीन काल से ही ग्रह नक्षत्रों की दुनिया की इस घटना का ज्ञान भारतीय मनीषियों के पास था उन्होंने सफलतापूर्वक इसकी गणना करनी शुरू कर दी थी। ग्रहण पर धार्मिक, वैदिक, वैचारिक, वैज्ञानिक विवेचन प्राचीन ज्योतिषीय ग्रन्थों से ही होता चला आया है।

hand logo पुराणों की मान्यता के अनुसार राहु चंद्रमा को डसता है तो चंद्र ग्रहण एवं केतु सूर्य को ग्रसता है तो सूर्य ग्रहण होता है ।
ये दोनों ही छाया की संतान हैं जो चंद्रमा और सूर्य की छाया के साथ-साथ चलते हैं। चंद्र ग्रहण के समय कफ की प्रधानता बढ़ती है और मन की शक्ति क्षीण होती है, जबकि सूर्य ग्रहण के समय जठराग्नि, नेत्र तथा पित्त की शक्ति कमज़ोर पड़ती है।

hand logo ग्रहण के सम्बन्ध में एक बात और विशेष है कि चन्द्रग्रहण तो अपने संपूर्ण तत्कालीन प्रकाश क्षेत्र में अर्थात जहाँ जहाँ चंद्रमा निकला हो देखा जा सकता है किन्तु सूर्यग्रहण अधिकतम 10 हज़ार किलोमीटर लम्बे और 250 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में ही दिखाई पड़ता है। सम्पूर्ण सूर्यग्रहण की वास्तविक अवधि अधिक से अधिक 11 मिनट ही हो सकती है उससे अधिक नहीं।

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hand logo खगोल शास्त्रीयों के अनुसार 18 वर्ष 18 दिन की समयावधि में 41 सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) और 29 चन्द्रग्रहण होते हैं। एक वर्ष में 5 सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) तथा 2 चन्द्रग्रहण ( chandra grahan ) तक हो सकते हैं। किन्तु 4 से अधिक ग्रहण बहुत कम ही देखने को मिलते हैं।

hand logo एक दिलचस्प बात और है कि चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) से कहीं अधिक सूर्यग्रहण ( surya grahan ) होते हैं। 3 चन्द्रग्रहण पर 4 सूर्यग्रहण का अनुपात आता है।

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hand logo वर्ष 2019 में कुल 5 ग्रहण आएंगे । जिसमें 3 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे 2019 में पड़ने वाले सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे लेकिन चंद्र ग्रहण देखे जा सकेंगे ।

तीसरा सूर्य ग्रहण hand logo साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगने जा रहा है यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा जिसे वैज्ञानिक भाषा में वलयाकार सूर्यग्रहण कहा जाता है ।

hand logo भारत के अलावा इस सूर्य ग्रहण को एशिया के कुछ हिस्सों अमेरीका और ऑस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा।

hand logo भारत में ग्रहण काल 2 घंटे 40 मिनट तक रहेगा।



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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )


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