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सूर्य ग्रहण 2019
Surya Grahan 2019


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सूर्य ग्रहण कब है
Surya Grahan Kab hai


सूर्य ग्रहण ( Surya grahan ) के अदभुत खगोलीय घटना है जो प्राय: प्रति वर्ष पूरी दुनिया में होती ही है , कई बार कोई सूर्यग्रहण ( Suryagrahan ) विश्व के किसी हिस्से में दिखाई देता है कई बार किसी और जगह।
समान्यता एक वर्ष में 5 सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) तथा 2 चन्द्रग्रहण ( chandra grahan ) तक हो सकते हैं। हमारे ऋषि मुनियों , ज्योतिषियों ने अति प्राचीन काल से ही ग्रहण की बिलकुल सटीक गणना करना प्रारम्भ कर दी थी, हमारे ज्योतिषियों को यह पता होता है कि सूर्य ग्रहण कब है , ( Surya grahan kab hai ) सूर्य ग्रहण कब होगा,( Surya grahan kab hoga )
जानिए सूर्य ग्रहण कब होता है, sury grahan kab hota hai सूर्य ग्रहण कैसे लगता है, sury grahan kaise lagta hai

सूर्य ग्रहण 2019


पहला सूर्य ग्रहण: वर्ष 2019 में पहला सूर्य ग्रहण 5 जनवरी दिन शनिवार पौष कृष्ण पक्ष अमावस्या की अर्ध रात के बाद भोर में अर्थात 6 जनवरी दिन रविवार की सुबह लग रहा है।

hand logo दूसरा सूर्य ग्रहण: वर्ष 2019 में दूसरा सूर्य ग्रहण 2 जुलाई को पड़ेगा। आषाढ़ माह की अमावस्या को पड़ने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 11 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 3 जुलाई की सुबह 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।

तीसरा सूर्य ग्रहण : साल 2019 का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 11 अगस्त शनिवार को दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और ग्रहण मोक्ष सायं काल 5 बजे होगा ।

अंतिम सूर्य ग्रहण : साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगने जा रहा है यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा जिसे वैज्ञानिक भाषा में वलयाकार सूर्यग्रहण कहा जाता है । भारत के अलावा इस सूर्य ग्रहण को एशिया के कुछ हिस्सों अमेरीका और ऑस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण काल 2 घंटे 40 मिनट तक रहेगा।

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Kalash One Image यह सूर्य ग्रहण मुख्यता अमरीका और ऑस्ट्रेलिया में नज़र आएगा । इसके कारण ग्रहण के सूतक काल का प्रभाव भारत में नहीं पड़ेगा, लेकिन ग्रहण पर निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अवश्य पड़ेगा।

Kalash One Image मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से वातावरण अशांत और दूषित होता है। जिसका मनुष्यों, जीव जंतुओ और प्रकृति पर नकारात्मक असर दिखाई पड़ता है।
चूँकि यह ग्रहण आषाढ़ की अमावस्या पर पड़ रहा है और इस अमावस्या के दिन दान और पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इसी कारण चाहे यह सूर्य ग्रहण भारत में नज़र नहीं भी आ रहा है लेकिन इसका महत्त्व और भी अधिक बड़ गया है।

Kalash One Image ग्रहण के समय पवित्र नदियों, सरोवरों में स्नान करना से बहुत पुण्य मिलता है लेकिन ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार ग्रहण ( grahan ) के समय गायों को हरा चारा या घास, चींटियों को पंजीरी या चीनी मिला हुआ आटा, पक्षियों को अनाज एवं निर्धन, असहायों को वस्त्रदान से बहुत ज्यादा पुण्य प्राप्त होता है।

Kalash One Image सूर्यग्रहण (Surya Grahan) के सूतक और ग्रहण काल में स्नान, दान, जप, तप, पूजा पाठ, मन्त्र, तीर्थ स्नान, ध्यान, हवनादि शुभ कार्यो का करना बहुत लाभकारी रहता है। ज्ञानी लोग इस समय का अवश्य ही लाभ उठाते है ।

Kalash One Image वेदव्यास जी ने कहा है कि - सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया जप , तप, ध्यान, दान आदि एक लाख गुना और सूर्य ग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। और यदि यह गंगा नदी के किनारे किया जाय तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण ( surya grahan ) के दिन जलाशयों, नदियों व मन्दिरों में राहू, केतु व सुर्य के मंत्र का जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है और ग्रहों का दुष्प्रभाव भी खत्म हो जाता है ।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण के समय सूर्य देव का मन्त्र "ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ "॥ और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मन्त्र का जाप अवश्य ही करना चाहिए ।

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Kalash One Image यदि कोई श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी के रस / पाक का स्पर्श करके 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहण की समाप्ति के बाद शुद्ध होकर उस रस को पी ले तो उसकी बुद्धि अत्यंत प्रखर हो जाती है वह भाषा, कविता, लेखन और वाक् पटुता में अत्यंत प्रवीण हो जाता है ।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के स्पर्श के समय में स्नान, मध्य के समय में देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण के दिन ग्रहण के पूर्ण होने पर सूर्य देव का शुद्ध बिम्ब देखकर ही भोजन करना श्रेष्ठ और पुण्यदायक माना जाता है ।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) में ग्रहण से चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। लेकिन बालक, बूढ़े, और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक भोजन कर सकते हैं।

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Kalash One Image चूँकि सूर्यग्रहण में 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है और सूतक काल में देव दर्शन वर्जित माने गये हैं इसीलिए सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) में मन्दिरों के कपाट भी बन्द कर दिये जाते हैं ।

Kalash One Image सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) या चन्द्रग्रहण के समय तो भोजन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए । शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक उसे नरक में वास करता है। फिर वह मनुष्य उदर रोग से पीड़ित होता है फिर काना, दंतहीन होकर उसे अनेक रोगो से पीड़ा मिलती है।

Kalash One Image किसी भी ग्रहण पर चाहे वह चन्द्रग्रहण हो या सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) पर किसी भी दूसरे व्यक्ति का अन्न नहीं खाना चाहिए । स्कन्द पुराण के अनुसार अनुसार यदि ग्रहण के दिन किसी दूसरे का अन्न खाये तो बारह वर्षों से एकत्र किया हुआ सम्पूर्ण पुण्य नष्ट हो जाता है।

Kalash One Image ग्रहण ( grahan ) के दौरान भगवान की मूर्ति को छूना, धूप बत्ती जलाकर पूजा करना, भोजन पकाना, खाना - पीना, खरीददारी करना, सोना, कामवासना आदि का त्याग करना चाहिए। ग्रहण के समय भोजन व पानी में दूर्वा या तुलसी के पत्ते डाल कर रखना चाहिए। ग्रहण के पश्चात पूरे घर की शुद्धि एवं स्नान कर दान देना चाहिए।

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Kalash One Image शास्त्रो के अनुसार ग्रहण लगने से जिन पदार्थों में तुलसी या कुश की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं माना जाते है । लेकिन पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना ही धर्म और स्वास्थ्य की दृष्टि से श्रेष्ठ होता है ।

Published By : Memory Museum
Updated On : 2019-12-18 11:50:55 PM



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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )


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