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सोलह श्रंगार

vijaydashami ke upay

सोलह श्रंगार जिसके आगे चाँद भी शरमा जाएं

सोलह श्रंगार

Solah Shringar


करवा चौथ का व्रत


13 . बिछिया– बिछुए को स्त्रियां अपने पैरो में पहनती है जो चाँदी के बने होते है।इसे वह कनिष्का को छोडकर तीनों अंगूलियों में पहनती है। पैरें के अंगूठे में रिंग की तरह पहने जाने वाले आभूषण को अरसी या अंगूठा कहा जाता है। विवाहित स्त्री द्वारा अपने पैरों में बिछुए को पहनना सौभाग्य की निशानी समझा जाता है ।

14 . पायल - पैरों में पहने जाने वाला यह आभूषण पायल बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है । पायल में घुंघरू लगे होते है जिसकी मधुर ध्वनि से घर में पवित्र और सकारात्मक वातावरण बनता है और घर में लक्ष्मी खींची चली आती है ।

15 शादी का जोडा – शादी के समय दुल्हन को जरी के काम से सुसज्जित शादी का लाल , सुनहरे, गुलाबी, हरे रंग का जोड़ा पहनाया जाता है। इस पहनावे से दुल्हन सबसे अलग परी सरीखी लगती है । शादी के बाद प्रमुख त्योहारो विशेषकर करवा चौथ में स्त्री अपनी शादी का जोड़ा या लाल , गुलाबी , सुनहरे, पीले रंग के वस्त्र ही पहनती है ।

16 . गजरा - श्रंगार में फूलो का गजरा अनिवार्य माना जाता है । किसी भी दुल्हन , स्त्री के जूड़े / बालो में जब तक सुगंधित फूलों का गजरा न लगा हो तब तक उसका श्रृंगार अधूरा ही लगता है। घर में होने किसी भी मांगलिक आयोजनो , त्योहारो में गजरे का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाता है ।

इन सबके अतिरिक्त होठों पर लाली यानि लिपस्टिक , सुगन्धित इत्र , त्वचा और चेहरे की कांति के लिए उबटन, पैरो के लिए महावर , बालो के लिए तेल , बढ़िया केश सज्जा / जूड़ा आदि भी किसी भी दुल्हन एवं सौभाग्यवती स्त्री के श्रंगार में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है ।
अत: इससे यह स्पष्ट है कि स्त्री के सोलह श्रंगार से घर में सुख समृद्धि, प्रेम , ऊर्जा का सकारात्मक वातावरण बनता है इसलिए घर परिवार के किसी भी मांगलिक आयोजनो , शुभ पर्वों में घर की सभी सौभाग्यवती स्त्रियों का यह अवश्य ही करना चाहिए ।
इन सबके बावजूद सबसे अच्छा श्रंगार तो पति पत्नी के मध्य आपस का प्रेम होता है। पति पत्नी मे इतना प्रेम हो कि दोनों एक दूसरे का, एक दूसरे के परिवार के सभी सदस्यों का आदर कर सकें , एक दूसरे के दुख सुख मे दोनो शामिल रहे ! आपस में इतना विश्वास रहे कि कोई भी तीसरा दोनो के बीच मे फूट न डलवा पाये।
यह भी ध्यान रहे यदि परिवार में किसी तरह का आभाव है तो कोई भी आभूषण धारण् न करने से परिवार मे किसी भी तरह की कोई भी हानि नही होती है।



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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )


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Published By : Memory Museum
Updated On : 2019-10-26 07:10:00 PM

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