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श्राद्ध का अधिकार

Shradh Ka Adhikar

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जानिए श्राद्ध करने का अधिकार किसको है ?


Shradh Krne Ka Adhikar Kisko Hai


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लेकिन यदि किसी के पुत्र नहीं है तो क्या होगा ? जानिए शास्त्रों के अनुसार पुत्र न होने पर कौन-कौन अपने पितरों के श्राद्ध का अधिकारी हो सकता है

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Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार पिता का श्राद्ध पुत्र को ही करना चाहिए, तभी पिता को मोक्ष और उस पुत्र को पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है ।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार पुत्र के न होने पर उस व्यक्ति की पत्नी अपने पति का श्राद्ध कर सकती है।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार पुत्र और पत्नी के न होने पर सगा भाई और यदि वह भी नहीं है तो संपिंडों को श्राद्ध करना चाहिए।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार एक से अधिक पुत्र होने पर सबसे बड़ा पुत्र श्राद्ध करने का अधिकारी है।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार पुत्री का पति एवं पुत्री का पुत्र भी श्राद्ध के अधिकारी हैं।

Kalash One Image शास्त्रों में यह भी लिखा है कि पुत्र के न होने पर पौत्र या प्रपौत्र को श्राद्ध करना चाहिए ।

Kalash One Image शास्त्रों में यह भी लिखा है कि पुत्र, पौत्र या प्रपौत्र किसी के भी न होने पर विधवा स्त्री श्राद्ध कर सकती है।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार कोई अपनी पत्नी का श्राद्ध तभी कर सकता है, जब उसका कोई पुत्र न हो।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार पुत्र, पौत्र या पुत्री का पुत्र न होने पर भतीजा भी श्राद्ध कर सकता है।

Kalash One Image शास्त्रों में यह भी लिखा है कि इन सब के ना होने पर गोद में लिया पुत्र भी श्राद्ध का अधिकारी है।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार किसी के भी ना होने पर राजा को उसके धन से श्राद्ध करने का विधान है।

नोट:- यदि घर का बड़ा लड़का अपने पिता और पूर्वजो का श्राद्ध Purvjon Ka Shradh नहीं करता है और उसके कई पुत्र है तो किसी अन्य पुत्र को यह दायित्व अवश्य ही संभाल लेना चाहिए ।

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