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शत्रु निवारण के उपाय

shatrunash-ke-upay

जानिए शत्रुओं से कैसे छुटकारा पाए

शत्रुनाश के उपाय
Shatrunash ke Upay


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शत्रु निवारण के उपाय
Shatru Nivaran ke Upay



जीवन में कई बार ऐसा भी समय आता है कि कोई ताकतवर व्यक्ति / शत्रु किसी को अकारण ही परेशान करने लगता है। उससे जितना भी पीछा छुड़ाया जाय वह और भी ज्यादा परेशान करता है। उसके कारण व्यक्ति का जीना हराम हो जाता है हर समय भय, चिन्ता और असुरक्षा की भावना घेरे रहती है । उसकी शिकायत भी नहीं हो पाती है या शिकायत करने से भी कोई फायदा नहीं होता है । अनावश्यक धन की भी हानि होती है स्वास्थ्य भी ख़राब होने लगता है , मन किसी अज्ञात आशंका से भरा रहता है,
जानिए शत्रु नाश के उपाय, Shatrunash ke Upay,शत्रुनाश के उपाय, Shatrunash ke Upay ।
ऐसी स्तिथि में कुछ ऐसे उपाय बताये गए है जिन्हे चुपचाप पूर्ण विश्वास से करने से शत्रु के विरुद्ध जातक के प्रयास सफल होते है, शत्रु कमजोर पड़ने लगता है / शान्त हो जाता है अथवा मित्रवत व्यवहार करने लगता है ।
इन उपायों को करने से साहस आता है, नए शक्तिशाली मददगार मिल जाते है , सम्बंधित अधिकारी जिसके पास हम मदद के लिए जाते है वह ध्यान पूर्वक समस्या को सुनता है और उचित मदद करता है ।

शत्रु को परास्त करने के अचूक और अजमाए हुए उपाय
Shatru ko prast karne ke achuk aur ajmaye hue upay


Swastik यदि आपको कोई शत्रु अनावश्यक परेशान कर रहा हो तो एक भोजपत्र का टुकड़ा लेकर उस पर लाल चंदन से उस शत्रु का नाम लिखकर उसे शहद की डिब्बी में डुबोकर रख दें। आपका शत्रु आपका अहित नहीं कर पायेगा।

Swastik यदि कोई व्यक्ति किसी को बगैर किसी को अकारण ही परेशान कर रहा हो, तो शौच करते समय शौचालय में बैठे-बैठे वहीं के पानी से उस व्यक्ति का नाम लिखें और बाहर निकलने से पहले जिस जगह पर पानी से नाम लिखा था, उस स्थान को अपने बाएं पैर से तीन बार ठोकर मारें। लेकिन यह प्रयोग किसी बुरी भावना से न करें, अन्यथा खुद की हानि हो सकती है।

Swastik शत्रु shatru को शांत करने के लिए साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और उसके ऊपर नीबू को निचोड़ दें। नीबू निचोड़ते समय लगातार उस शत्रु का नाम लेते रहें, इस उपाय से जैसा भी शत्रु होगा वह बिलकुल निस्तेज जो जायेगा और वह आपका कोई भी अहित नहीं कर पायेगा ।

Swastik अगर शत्रु shatru पीछे पड़ा हो, किसी को बिना किसी कारण से परेशान कर रहा हो तो हनुमान जी की शरण में जाएँ । नित्य हनुमान जी को गुड़ या बूंदी का भोग लगाएं, हनुमान जी को लाल गुलाब चढ़ाकर हनुमान चालीसा , बजरंग बाण का पाठ करें और प्रतिदिन कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें , और अपने उनसे शत्रु को नष्ट करने / परास्त करने की प्रार्थना करें। अपनी कमीज़ की सामने वाली जेब में लाल रंग की छोटी हनुमान चालीसा रखें ,इससे संकटमोचन की कृपा से सभी तरह के अनिष्ट दूर होते है, मनोबल बढ़ता है, जातक निर्भय हो जाता है, नए और शक्तिशाली मित्र बनते है। शत्रु कुछ भी नहीं बिगाड़ पाता है और शांत हो जाता है।

Swastik यदि शत्रु shatru बहुत अधिक परेशान कर रहा हो तो एक मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक के सिन्दूर से मंगलवार या शनिवार रात्री में उस शत्रु का नाम लिख कर अपने घर के मंदिर में रात भर रखें फिर प्रातःकाल उठकर बिना नहाये धोए उस मोर पंख को बहते हुए पानी में बहा देने से शत्रु शान्त हो जाता है ।

Swastik यदि कोई व्यक्ति किसी को बगैर किसी कारण के परेशान कर रहा हो तो शनिवार की रात्रि में 7 लौंग लेकर उस पर 21 बार उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले दिन रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार 7 बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है अगर कोई शत्रु परेशान कर रहा हो तो वह शांत हो जाता है । लेकिन ध्यान दें कि यह प्रयोग किसी बुरी भावना से अथवा किसी का अहित करने के लिए कदापि नहीं करना चाहिए ।

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1.
यदि आपको कोई शत्रु परेशान करता हो तो सूर्यास्त से पहले एक मुट्ठी तिल में शक्कर मिलाकर किसी सुनसान जगह में ईश्वर से अपने शत्रु पर विजय की प्रार्थना करते हुए डाल दें फिर वापस आ जाएँ पीछे मुड़ कर न देखे शत्रु पक्ष धीरे धीरे शांत हो जायेगा। इस उपाय को माह में एक दिन, 6 माह तक अवश्य ही करें ।
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2.
यदि किसी जातक को उसका शत्रु अकारण ही करता हो तो किसी तरह से उसकी फोटो हासिल करके उसे किसी सुनसान जगह में गड्ढे में दबा दें फिर उसके ऊपर थूकें और मल मूत्र करें । इससे शत्रु निस्तेज हो जायेगा, उस जातक को परेशान करना बंद देगा ।
लेकिन यह प्रयोग किसी को बेवजह परेशान करने के लिए नहीं करना चाहिए ।
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3.
श्री अरविन्द त्रिपाठी जी आप से अनुरोध है कि आप इस साइट पर बहुत ज्यादा अपना प्रचार ना करें इससे वास्तविक यूजर जिनको अपनी बात कहनी होती है वह कह नहीं पाते है। आप कृपा करके कुछ कुछ दिन के अंतराल में ही अपने बारे में लोगो को बताएं । धन्यवाद
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4.
श्री उमा शंकर जी आप कृपा इस साइट पर किसी से कोई भी गिला शिकवा ना करें , अगर आपको किसी से कोई भी शिकायत है तो आप कंपनी की मेल आई डी पर संपर्क करके अपनी बात कहे, और कृपा अपना मोबाईल नंबर भी अवश्य ही डालें । धन्यवाद
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5.
यदि आपको कोई शत्रु अकारण ही परेशान करता हो तो उसका नाम लेते हुए दो जायफल कपूर से जलाकर उसकी राख को नाले में बहाएं ।इस उपाय को करने से शत्रु शान्त जायेगा , यह उपाय बिलकुल गोपनीय तरीके से करें किसी को कुछ भी ना बताएं ।
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6.
यदि आपको कोई शत्रु बेवजह ही परेशान कर रहा हैं तो कर्पूर के काजल से शत्रु का नाम लिखकर उसे अपने पैर से मिटा दें। इससे शत्रु परास्त होने लगता है ।
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7.
षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्कंद देव अर्थात् भगवान कार्तिकेय हैं। भगवान कार्तिकेय शक्ति के देवता , देवताओं के सेनापति है।
मनुष्य को जीवन में रूप, निर्भयता, विजय, प्रतिष्ठा आदि सब इनकी कृपा से ही प्राप्त होते है। "षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर नीला धागा / रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है"।
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8.
यदि आपका कोई शत्रु आपको बहुत परेशान करता है या आपको लगता है की को आपको हानि पहुंचाता सकता है तो मंगलवार के दिन एक नए लाल कपडे में 900 ग्राम लाल मसूर की दाल , सवा किलो गुड , कोई भी एक ताम्बें का बर्तन , एक शीशी चमेली के तेल की और 11 रुपये बांधकर उसे पहले हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी के चरणों से लगाकर अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें फिर किसी भी गरीब जरुरतमंद को दान में दें दें ….
यह उपाय लगातार 3 मंगलवार तक बिलकुल चुपचाप करें और इस दौरान कोई भी गलत कार्य, किसी पर भी गुस्सा न करें ,शत्रु अपने आप शांत होने लगेंगे ।
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9.
जो लोग बाहर से घर पर आकर अपने जूते, चप्पल, मोज़े इधर-उधर फैंक देते, फैला देते हैं, उनके शत्रु बहुत प्रबल होते है उन्हें बहुत परेशान करते हैं।
इससे छुटकारा पाने के लिए अपने चप्पल-जूते आदि को नियत जगह पर सलीके से रखें, इससे शत्रु निस्तेज रहते है, लोग सम्मान करते है।
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10.
भगवान कार्तिकेय, भगवान शिव के पुत्र और देवताओं के सेनापति माने गए है। इनकी आराधना करने से व्यक्ति को निर्भयता मिलती है, कोई भी संकट निकट भी नहीं आता है।
षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय ( शिव मंदिर में शिव दरबार में होते है ) पर नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है, मुक़दमे , राजद्वार, समाज में विजय मिलती है।
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11.
षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र और देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय हैं। इनकी कृपा से निर्भयता प्राप्त होती है, राजद्वार , मुक़दमे आदि में सफलता मिलती है, शत्रु परास्त होते है। भगवान कार्तिकेय के गायत्री मंत्र "ओम तत्पुरुषाय विधमहे: महा सैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यात:॥" की एक माला का का जप अवश्य ही करें |
षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर ( मंदिर में शिव दरबार में कार्तिकेय जी भी होते है ) नीला रेशमी धागा / रिबन चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है ।
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1.
यदि आपको कोई शत्रु परेशान करता हो तो सूर्यास्त से पहले एक मुट्ठी तिल में शक्कर मिलाकर किसी सुनसान जगह में ईश्वर से अपने शत्रु पर विजय की प्रार्थना करते हुए डाल दें फिर वापस आ जाएँ पीछे मुड़ कर न देखे शत्रु पक्ष धीरे धीरे शांत हो जायेगा। इस उपाय को माह में एक दिन, 6 माह तक अवश्य ही करें ।
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यदि किसी जातक को उसका शत्रु अकारण ही करता हो तो किसी तरह से उसकी फोटो हासिल करके उसे किसी सुनसान जगह में गड्ढे में दबा दें फिर उसके ऊपर थूकें और मल मूत्र करें । इससे शत्रु निस्तेज हो जायेगा, उस जातक को परेशान करना बंद देगा ।
लेकिन यह प्रयोग किसी को बेवजह परेशान करने के लिए नहीं करना चाहिए ।
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श्री अरविन्द त्रिपाठी जी आप से अनुरोध है कि आप इस साइट पर बहुत ज्यादा अपना प्रचार ना करें इससे वास्तविक यूजर जिनको अपनी बात कहनी होती है वह कह नहीं पाते है। आप कृपा करके कुछ कुछ दिन के अंतराल में ही अपने बारे में लोगो को बताएं । धन्यवाद
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4.
श्री उमा शंकर जी आप कृपा इस साइट पर किसी से कोई भी गिला शिकवा ना करें , अगर आपको किसी से कोई भी शिकायत है तो आप कंपनी की मेल आई डी पर संपर्क करके अपनी बात कहे, और कृपा अपना मोबाईल नंबर भी अवश्य ही डालें । धन्यवाद
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यदि आपको कोई शत्रु अकारण ही परेशान करता हो तो उसका नाम लेते हुए दो जायफल कपूर से जलाकर उसकी राख को नाले में बहाएं ।इस उपाय को करने से शत्रु शान्त जायेगा , यह उपाय बिलकुल गोपनीय तरीके से करें किसी को कुछ भी ना बताएं ।
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6.
यदि आपको कोई शत्रु बेवजह ही परेशान कर रहा हैं तो कर्पूर के काजल से शत्रु का नाम लिखकर उसे अपने पैर से मिटा दें। इससे शत्रु परास्त होने लगता है ।
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7.
षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्कंद देव अर्थात् भगवान कार्तिकेय हैं। भगवान कार्तिकेय शक्ति के देवता , देवताओं के सेनापति है।
मनुष्य को जीवन में रूप, निर्भयता, विजय, प्रतिष्ठा आदि सब इनकी कृपा से ही प्राप्त होते है। "षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर नीला धागा / रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है"।
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8.
यदि आपका कोई शत्रु आपको बहुत परेशान करता है या आपको लगता है की को आपको हानि पहुंचाता सकता है तो मंगलवार के दिन एक नए लाल कपडे में 900 ग्राम लाल मसूर की दाल , सवा किलो गुड , कोई भी एक ताम्बें का बर्तन , एक शीशी चमेली के तेल की और 11 रुपये बांधकर उसे पहले हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी के चरणों से लगाकर अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें फिर किसी भी गरीब जरुरतमंद को दान में दें दें ….
यह उपाय लगातार 3 मंगलवार तक बिलकुल चुपचाप करें और इस दौरान कोई भी गलत कार्य, किसी पर भी गुस्सा न करें ,शत्रु अपने आप शांत होने लगेंगे ।
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9.
जो लोग बाहर से घर पर आकर अपने जूते, चप्पल, मोज़े इधर-उधर फैंक देते, फैला देते हैं, उनके शत्रु बहुत प्रबल होते है उन्हें बहुत परेशान करते हैं।
इससे छुटकारा पाने के लिए अपने चप्पल-जूते आदि को नियत जगह पर सलीके से रखें, इससे शत्रु निस्तेज रहते है, लोग सम्मान करते है।
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10.
भगवान कार्तिकेय, भगवान शिव के पुत्र और देवताओं के सेनापति माने गए है। इनकी आराधना करने से व्यक्ति को निर्भयता मिलती है, कोई भी संकट निकट भी नहीं आता है।
षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय ( शिव मंदिर में शिव दरबार में होते है ) पर नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है, मुक़दमे , राजद्वार, समाज में विजय मिलती है।
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11.
षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र और देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय हैं। इनकी कृपा से निर्भयता प्राप्त होती है, राजद्वार , मुक़दमे आदि में सफलता मिलती है, शत्रु परास्त होते है। भगवान कार्तिकेय के गायत्री मंत्र "ओम तत्पुरुषाय विधमहे: महा सैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यात:॥" की एक माला का का जप अवश्य ही करें |
षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर ( मंदिर में शिव दरबार में कार्तिकेय जी भी होते है ) नीला रेशमी धागा / रिबन चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है ।
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