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सर्व पितृ अमावस्या के उपाय

Sarv Pitra Amavasya Ke upay

Sarv Pitra Dosh Image

सर्व पितृदोष अमावस्या का अमोघ उपाय

Sarv Pitradosh Amavasya Ka upay

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सर्व पितृदोष अमावस्या का उपाय


Sarv Pitradosh Amavasya Ka upay


सर्व पितृदोष अमावस्या का अमोघ उपाय

hand logo इस मनुष्य जीवन में मनुष्य से पाप और पुण्य दोनों ही कर्म होते है। और इन्ही कर्मो के आधार पर मृत्यु के पश्चात जीव को स्वर्ग या नरक भोगना पड़ता है । शास्त्र कहते है कि पुत्र-पौत्रादि का यह कर्तव्य होता है कि वे अपने पूर्वजों के निमित्त

hand logo शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे कर्म करें जिससे उनके पूर्वजो को नरक से मुक्ति मिले अथवा वे जिस भी योनियों में हो उन्हें वहाँ पर सुख की प्राप्ति हो सके।


hand logo इसलिए सनातन धर्म में पितृऋण से मुक्त होने के लिए तर्पण Tarpan, श्राद्ध Shradh, दान Daan आदि करने का बहुत ही महत्व बताया गया है। लेकिन बहुत खेद का विषय है कि वर्तमान समय में अधिकांश मनुष्य शास्त्रोक्त विधि को ना जानने के कारण, या जानते हुए भी लापरवाही के कारण केवल रस्मी तौर पर ही पितरों pitron के प्रति अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हैं, इससे पितरो को कष्ट होता है वह रुष्ट हो जाते है जिसके फलस्वरूप जातक को पूरे वर्ष भर अनेको कठनाइयों, अस्थिरताओं का सामना करना पड़ता है।

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hand logo सूर्य की अनन्त किरणों में जो सबसे प्रमुख है उसका नाम 'अमा' है। उस अमा नामक प्रधान किरण के तेज से ही भगवान सूर्य तीनो लोको को प्रकाशित करते हैं। उसी अमा किरण में तिथि विशेष को भगवान चन्द्रदेव निवास (वस्य) करते हैं, इसलिए उसका नाम अमावस्या है। अमावस्या प्रत्येक धर्म सम्बन्धी कार्यों के लिए अक्षय फल देने वाली बताई गयी है।

hand logo शास्त्रों के अनुसार यदपि प्रत्येक अमावस्या पितरों की पुण्य तिथि होती है मगर आश्विन मास की अमावस्या पितरों के लिए परम फलदायी कही गई है। इस अमावस्या को सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या अथवा सर्व पितृ दोष अमावस्या Pitradosh Amavasya अथवा महालया के नाम से भी जाना जाता है।

hand logo महा का अर्थ होता है 'उत्सव का दिन' और आलय से अर्थ है 'घर' चूँकि आश्विन कृष्ण पक्ष में पितरों का पृथ्वी पर निवास माना गया है, इस समय में वे अपने घर अपने सम्बन्धियों के आस पास मंडराते रहते है, अत: अश्विन की अमावस्या ashwin amavasya पितरों के लिए उत्सव का दिन कहलाता है ।

hand logo पितृ अमावस्या को पितृ दोष Pitradosh, काल सर्प दोष Kaalsarp Dosh और जीवन के सभी प्रकार के संकटो को दूर करने के लिये अति उत्तम कहा गया है और इस दिन वह उपाय अवश्य ही करें जिससे पितृ प्रसन्न हो और अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

hand logo सर्वपितृ दोष अमावस्या Sarv Pitra Dosh Amavasya के दिन पितरों को शांति देने के लिए, उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए गीता के सातवें अध्याय का पाठ अवश्य ही करें और उसका पूरा फल पितरों को समर्पित करें।

hand logo पितृदोष अमावस्या Pitradosh Amavasya के दिन हर श्राद्धकर्ता को अपने घर में दोपहर में प्रेम और श्रद्धा से ब्राह्मण भोजन अवश्य ही कराना चाहिए, भोजन के पश्चात ब्राह्मण देवता को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान और नकद दक्षिणा देकर उनसे आशीर्वाद भी जरूर लें।

hand logo इस दिन श्राद्धकर्ता की बहन, बहनोई और भान्जा जो भी उसी शहर में रहते है तो उन्हें भी आदर से बुलवाकर ब्राह्मण भोजन के बाद भोजन अवश्य ही कराना चाहिए, इससे पितृ अत्यंत प्रसन्न होते है और जातक के जीवन में हर्ष की वर्षा करते हुए उसके सभी संकटो को दूर करके विदा होते है।

hand logo इस दिन गाय को 5 फल भी अवश्य खिलाएं ।

hand logo इस दिन घर में जो भोजन बने उसमें गाय, कुत्ते, कोए और चीटियों का भोजन भी अवश्य ही निकल दें।

hand logo पितृ अमावस्या ( pitr amavasya ) के दिन क्रोध, हिंसा, अनैतिक कार्य, माँस, मदिरा का सेवन एवं स्त्री से शारीरिक सम्बन्ध, मैथुन कार्य आदि का निषेध बताया गया है, जीवन में स्थाई सफलता हेतु इस दिन इन सभी कार्यों से दूर रहना चाहिए ।

hand logo पितृ अमावस्या के दिन खीर बनाकर उसे दो दोने या पत्तल पर निकाल कर मंदिर जाएँ । एक जगह खीर शिवलिंग पर चढ़ाएं, फिर दूसरे खीर के दोने को पीपल के पेड़ के नीचे रखकर पीपल पर हाथ जोड़कर वापस आ जाएँ। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते है , पितरो का भी आशीर्वाद मिलता है।


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