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नकारात्मक ऊर्जा से बचें


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7. कैक्टस,बोन्साई के पौधे : कभी भी अपने घर में कांटे वाले पौधे, बोन्साई के पौधे या उनकी तस्वीर न लगाएं । यह संघर्ष, मानसिक खिन्नता, सीमित दायरे को दर्शाता है । इसकी निगेटिव ऐनर्जी आपके विकास में अवरोध का कार्य कर सकती है ।

8.जंगली जानवर :घर में किसी भी जंगली जानवर जैसे मतवाले हाथी, बेलगाम दौड़ते हुए घोड़े, शेर, कुत्तों, भेड़ियों का फोटो या शोपीस बिलकुल भी नहीं लगाना चाहिये। यह आपके आस पास के वातावरण में असभ्यता और जंगली पन को बढ़ावा देते हैं आप और आपके परिवार और संगी साथी बात बात पर लड़ने झगड़ने पर अमादा हो सकते है ।

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9. पानी का फुहारा: इसको बहुत से वास्तु शास्त्री शुभ मानते है और बहुत से अशुभ । पानी को उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। लेकिन घर में किसी भी दिशा में पानी का फुहारा बहाव को दर्शाता है। इसके अनुसार अगर आपके पास पैसा है तो वह ज्‍यादा दिनों तक रुकेगा नहीं ,आप जितनी भी मेहनत कर लें समय के साथ बिलकुल पानी कि तरह आपका पैसा बह ही जाएगा।इसलिए इस खूबसूरत लेकिन वास्तु के विरुद्ध प्रतीक से भी यथासम्भव छुटकारा ही पा लें तो अच्छा है ।

10. सूखे फूल : अपने घरों को फूलों से सजाना सबको अच्छा लगता है और आजकल तो फूलों का गुलदस्ता देना फैशन हो गया है । अगर आप को भी अपने घर को फूलों से सजाना है तो ताजे फूल रखिये, उनका पानी बदलते रहिये लेकिन सूखे फूल .......उनको अपने घर से तुरंत बाहर फेंक दीजिये । घर में सूखे फूलों को रखना अशुभता,नीरसता का प्रतीक है, इसके कारण घर के सदस्यों के मध्य दूरियाँ हो सकती है ।

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11. जानवरों की खालें,उनका सर,सींग : बहुत से लोग अपने घर ,आफिस में जानवरों की खालें,उनका सर, सींगे आदि सजा कर रखते है, यह बहुत ज्यादा निगेटिव ऊर्जा को उत्पन्न करता है। यह ख़ामोशी, घात लगाना, हमला, हिंसा को दर्शाता है । इसके प्रभाव से सम्बन्धो में टूटन, विछोह,वियोग आदि के भाव उत्पन्न होते है । अत: इन मरे हुई ए जानवरों के अवशेषो को उनके चित्रों को अपने से दूर ही रखिये ।

12. हथियार :बहुत से घरों में लोग तरह तरह के हथियार जैसे बंदूक, तलवार,भालें, कटार, चाकू आदि सजा कर रखते है ..........यह उस व्यक्ति उसके परिवार के लिए बहुत ही घातक है । अगर आपके पास कोई भी हथियार है तो उसे छुपा के, सम्भाल के घर के सदस्यों कि पहुँच से दूर रखें ..........यह सभी हथियार हिंसा,क्रोध,आवेश का भाव उत्पन्न करते है । सामान्यता ये हथियार हमारे रक्षक नहीं होते है वरन हमें इनसे नुकसान ही उठाना पड़ सकता है।यह शाश्वत सत्य है कि जिन घरों में हथियार होते है कभी न कभी उस घर के सदस्य क्रोध,आवेश में आकर उसे अपने ऊपर, या अपने सम्बन्धो में ही इस्तेमाल कर लेते है इससे होने वाली क्षति अपूर्णनीय होती है ।

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