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Diwali Diye नाग पंचमी की पूजा कैसे करें Diwali Diye


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Nag Panchami Ki Puja Kaise kareNag Panchami Ki Puja Kaise kare नाग पंचमी की पूजा कैसे करें


Diwali Diye नाग पंचमी (Nag Panchmi) के दिन देवो के देव महादेव, भगवान शिव,सम्पूर्ण शिव दरबार और नागों की पूजा करनी चाहिए । नागपंचमी (Nag Panchmi) के दिन सभी शिव भक्तो को चाहिए कि प्रात: जल्दी उठकर नित्यकर्म, स्नान आदि करके सर्वप्रथम शिव मंदिर में जाकर भगवान शंकर की पूजा, शिवलिंग का अभिषेक (Shivling Ka Abhishek) करें, क्योंकि उन्होनें अपने गलें में नागराज वासुकि को धारण कर रखा है।

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Diwali Diye फिर भगवान शंकर के सामने अथवा शिवलिंग पर नाग-नागिन के (Nag Nagin) जोड़े को (सोने, चांदी या तांबे से निर्मित) रखकर उसको दूध से स्नान करवाकर, गंगाजल, शुद्ध जल से स्नान कराएं फिर इत्र, सफ़ेद अथवा पीला चन्दन, पुष्प, धूप, दीप तथा खीर, सफेद मिठाई का भोग लगाकर उनकी पूजा करें उन्हें धान, खील और दूब घास भी चढ़ाएं। इसके बाद "ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा"

मन्त्र का जाप करें तत्पश्चात नाग देवता की आरती करें।

Diwali Diye उपरोक्त मन्त्र का जाप करने से सर्प दोष दूर होता है। इस तरह से पूजन करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं, अपने भक्त की सभी संकटो से रक्षा करते हुए उसे निर्भयता का वरदान देते है उसकी सभी मनोकामनायें पूर्ण करते हैं।

Diwali Diye मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ सर्पों को बहुत प्रेम करते है और नाग पंचमी के दिन सर्पों और नागों की पूजा-अर्चना करने से भक्तो को भगवान आशुतोष की भी कृपा प्राप्त होती है ।
नागपंचमी की कथा
Nag Panchmi Ki Katha

Diwali Diye धर्मग्रंथों के अनुसार जो भी जातक नागपंचमी (Nag Panchmi) के दिन नाग देवता की पूजा करता है उसे और उसके परिवार में किसी को भी नागों द्वारा काटे जाने का भय नहीं सताता है। नागपंचमी (Nag Panchmi) का पर्व मनाए जाने के पीछे एक प्रचलित कथा है ।

Diwali Diye एक किसान अपने खेतों में हल चला रहा था उसी समय दुर्घटना वश उसके हल से कुचल कर एक नागिन के बच्चे मर गए। अपने बच्चों को मरा देखकर नागिन बहुत ही क्रोधित हो गयी और उसने क्रोध में आकर किसान, उसकी पत्नी और उसे लड़कों को डस लिया।

Diwali Diye जब वह नागिन उस किसान की कन्या को डसने गई तब उसने देखा किसान की कन्या दूध का कटोरा रखकर नागपंचमी (Nag Panchmi) का व्रत कर रही है। उस कन्या ने नागिन से हाथ जोड़कर अपने पिता के द्वारा भूलवश हुई घटना के लिए क्षमा मांगी और उस नागिन को पीने के लिए दूध दिया ।

Diwali Diye यह देख कर वह नागिन उस कन्या पर प्रसन्न हो गई और उसने उस कन्या से वर मांगने को कहा। तब उस किसान की कन्या ने अपने माता-पिता और भाइयों को जीवित करने का वर मांगा। उस नागिन ने कन्या से प्रसन्न होकर उस किसान के पूरे परिवार को जीवित कर दिया। उसी समय से यह परम्परा चली आ रही है कि श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागदेवता का विधिपूर्वक पूजा करने से किसी प्रकार का कष्ट और भय नहीं रहता है।



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