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मदीना
Madina


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मदीना
Madina






इस्लाम धर्म के मक्का के बाद मदीना दूसरा प्रमुख धार्मिक स्थल है। मदीना का पूरा नाम "मदीना-रसूल-अल्लाह" है जिसका मतलब अल्लाह के पैगम्बरों की धरती है। इस्लाम धर्म के अनुसार यह पूरी दुनिया के मुसलमानों की प्रथम राजधानी है। यह पैगम्बर के नगर के रूप में पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, मदीना में ही पैगम्बर जिब्राइल साहब आये थे। कहते है जब पैगम्बर मोहम्मद साहब का विरोध करने पर उस समय के शासकों ने उन्हें मक्का छोड़ने पर मजबूर किया था तो उन्होंने इसी पवित्र शहर को अपना ठिकाना बनाया था, यहीं से इन्होंने अल्लाह के पवित्र संदेशों को दुनिया के सामने प्रथम बार पहुँचाया था। यहीं से मोहम्मद साहब के धर्म और समाज में व्याप्त बुराइयों और अन्याय का विरोध किया था, कहते है यहीं से जिहाद की शुरूआत हुयी थी। जिस समय मोहम्मद साहब मदीना पहुँचे उस समय मदीना अलग-अलग गुटों और धर्माें में बँटा था उनके बीच आये दिन झगड़े होते थे मोहम्मद साहब ने सबको एक सूत्र में बाँधकर इस्लाम धर्म को स्वीकार करवाया फिर सभी गुटों पूरी आवाम का समर्थन लेकर मक्का पर चढ़ाई की जिससे अन्ततः इस्लाम धर्म की जीत हुयी, इसके बाद इस्लाम धर्म सर्वमान्य रूप से स्थापित हुआ।

दुनिया भर के मुसलमानों के लिये यह जगह इसलिये भी परम श्रद्धा का केन्द्र है क्योंकि इसी जगह पैगम्बर साहब ने अपने जीवन का बहुत समय बिताया था तथा यहीं पर 632 ई0 में उनका निधन भी हुआ था। मोहम्मद साहब ने यह सन्देश दिया था कि हर शख्स को अल्लाह में विश्वास रखते हुये हर तरह की बुराई से बचना चाहिये और अच्छाइयों को अपनाना चाहिये, उनके अनुसार सभी लोगों को अपने धर्म का पालन करते हुये एक होकर रहना चाहिये।

माना जाता है कि पैगम्बर मोहम्मद साहब इस्लाम के आखरी नबी है तथा अब कयामत तक कोई भी नबी नही आयेगा तथा इन्होंने अल्लाह के हुक्म से ही लोगों तक इस्लाम धर्म को पहुँचाया था। इस्लाम से पहले अरब में कोई एक धर्म नही था लोग अलग अलग धर्माें से जुड़े थे उनकी मान्यतायें, रीति रिवाज़ अलग अलग थे हर जगह हिंसा, अराजकता थी, औरतो, बच्चों, कमजोरों की जानमाल की कोई भी सुरक्षा नही थी उसी समय हज़रत मोहम्मद साहब ने इस्लाम धर्म के रूप में लोगों को एक नई चेतना, नई रोशनी प्रदान की।

यहाँ पर "अल नबवी" के नाम से एक बहुत ही प्रसिद्ध मस्जिद है इसका निर्माण पैगम्बर साहब के घर के निकट ही किया गया है, यहीं पर उनकों दफनाया गया है। इस्लाम धर्म की अति पवित्र प्रथम मस्जिद "मस्जिद-अल-कूबा" जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है इसी शहर में है।

हर साल लाखों हज यात्री मक्का के बाद इस पवित्र इस्लाम शहर में जरूर आते है और इस पाक जमीं पर सज़दा करके अपना जीवन सफल बनाते है।






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