Memory Alexa Hindi

खिड़कियों का वास्तु

Rashi Anusaar Rog Nivaran Ke Upay

जानिए खिड़कियों के वास्तु टिप्स...

खिड़कियों का वास्तु
Khidkiyon ka Vastu

 khidkiyon ka vastu




किसी भी भवन में खिड़कियों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है ।भवन की खिड़कियां, भवन के भीतर ऊर्जा को, प्रकाश को अंदर लाती हैं। वास्तु के अनुसार खिड़कियों की स्थिति का भी हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गलत दिशा में खिड़कियाँ होने से भवन में रहने वाले निवासियों को उसके अशुभ प्रभावों का सामना करना पड़ सकता हैं। इसलिए इनका वास्तु अनुरूप ही होना चाहिए जिससे भवन में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का ही आगमन हो,
जानिए खिड़कियों का वास्तु, Khidkiyon ka Vastu ।

यहां हम आपको वास्तुशास्त्र के अनुसार खिड़कियों के नियम बता रहे है जिन्हें अपनाकर आप अपने भवन अपनी ज़िंदगी को और भी अधिक बेहतर बना सकते हैं।



Kalash One Image मान्यता है कि भवन में खिड़कियों की संख्या सम होनी चाहिए ( जैसे 2-4-6-8-10 आदि ),विषम संख्याँ सही नहीं मानी जाती है ।

Kalash One Image घर में खिड़कियां का मुख्य उद्द्देश्य भवन के अंदर शुद्ध वायु और रौशनी लिए होता है अत: इसी के अनुरूप ही खिड़कियाँ बनानी चाहिए ।

Kalash One Image खिड़कियां मुख्य द्वार के दोनों तरफ होनी चाहिए ताकि चुम्बकीय चक्र पूर्ण उचित रहे, इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

Kalash One Image खिड़कियाँ का निर्माण भवन की पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी दीवार पर होना शुभ माना जाता है ।

Kalash One Image पूर्व दिशा भगवान सूर्य की दिशा है अत: इस दिशा में भी ज्यादा से ज्यादा खिड़कियाँ होनी चाहिए जिससे भवन में सूर्य की रौशनी और उसका प्रकाश पर्याप्त मात्रा में भवन में आ सके। इससे भवन के निवासियों को अच्छे स्वास्थ्य और मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

Kalash One Image उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा है अत: इस दिशा में अधिक खिड़कियां होनी चाहिए इससे भवन के निवासियों पर कुबेर की कृपादृष्टि बनी रहती है एवं परिवार में धन-धान्य की कोई भी कमी नहीं रहती हैं।

Kalash One Image यदि भवन के उत्तर दिशा में दीवार के साथ मिली हुई किसी और भवन की दीवार हो अर्थात उत्तर दिशा की तरफ खिड़कियाँ ना बन पाएं तो उस दीवार और अपने भवन के मध्य एक गैलरी बनाकर और उसमें खिड़की बना दें, इससे हो सकता है कि आपका कक्ष कुछ छोटा हो जाय लेकिन इस उपाय से भवन के स्वामी से आर्थिक संकट दूर ही रहते है । ( उत्तर दिशा में वैसे भी खाली स्थान अवश्य ही छोड़ना चाहिए ) ।

Kalash One Image दक्षिण दिशा यम की दिशा है अत: इस दिशा में खिड़कियाँ छोटी और कम से कम ही बनानी चाहिए जिससे भवन में हवा का क्रास वेंटिलेशन तो हो सके लेकिन दोपहर बाद की सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणें घर में प्रवेश न कर सकें। यदि यहाँ पर खिड़कियाँ बनाना आवश्यक हो तो उन्हें कम ही खोलना चाहिए और उन पर मोटा परदा लगा देना चाहिए ।

Kalash One Image खिड़कियों का निर्माण भवन के संधि भाग में नहीं होना चाहिए।

Kalash One Image खिड़कियां भवन की जिस भी दीवार में बनाई जाय वह ऊपर-नीचे न होकर एक ही लाइन में बनानी चाहिए ।

Kalash One Image खिड़कियां का भवन के अंदर की ओर खुलना शुभ माना जाता है । यदि भवन में खिड़कियों में अंदर और बाहर दोनों तरफ पल्ले होते है तो वहाँ पर अंदर की तरफ के पल्लो वाली खिड़कियों को ही नित्य खोलना चाहिए ।

Kalash One Image खिड़कियों को हमेशा साफ-सुथरी एवं अच्छी हालत में ही रखना चाहिए, खिड़कियों के खुलने बंद करने में आवाज़ भी नहीं होनी चाहिए ।

Kalash One Image जिस भवन में मुख्य द्वार के पास बनी खिड़कियाँ साफ और सुन्दर होती है तो वहाँ पर रहने वाले भवन के निवासियों का जीवन भी सुखमय रहता है ।

Kalash One Image यदि भवन के मुख्य द्वार के पास बनी खिड़कियां टूटी-फूटी और पुरानी हो तो परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उन पर मिथ्या आरोप लगने का भी भय रहता हैं और उस परिवार के बच्चो की पढ़ाई-लिखाई में भी बुरा असर पड़ता है ।

Kalash One Image भवन की खिड़कियों में पुरानी अथवा टूटी फूटी जाली उपयोग में नहीं लाई चाहिए, ना ही उसके पल्ले और सिटकनीयाँ टूटे होने चाहिए अन्यथा जातक का जीवन आर्थिक संकटो में कट जाता है, उसे अपने परिवार के दायित्वों को पूरा करने में बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

Kalash One Image भवन में खिड़कियों को बहुत छोटा नहीं बनाना चाहिए, छोटी खिड़कियों से मन अज्ञात भय से ग्रसित रहता है ।

Kalash One Image यदि भवन की किसी खिड़की के सामने कोई सेटेलाइट टावर, बिजली का ट्रांसफार्मर अथवा डिश एन्टिना आदि लगा हो तो इससे घर में बच्चों की पढ़ाई में बाधायें आने की सम्भावनाये रहती है और उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है। इसका दुष्प्रभाव दूर करने के लिए इस खिड़की पर परदे अवश्य लगायें। इसके अतिरिक्त यदि संभव हो तो खिड़की के बाहरी हिस्से पर गमलों में पौधे भी अवश्य ही लगवाएं ।

Kalash One Image भवन की खिड़कियां सुबह के समय अवश्य ही खोलकर रखनी चाहिए इससे भवन में प्रकाश, स्वच्छ वायु और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है । जो कि स्वास्थ्य, और शुभता की प्राप्ति होती है ।

Kalash One Image यदि भवन की खिड़कियां सुबह के समय बंद रखी जाए तो परिवार की संतानो को गंभीर हादसों का शिकार होना पड़ सकता है ।

Kalash One Image भवन के पीछे सड़क का होना भी अच्छा नहीं समझा जाता है इससे भवन में रहने वाले व्यक्तियों को अपनों से ही विश्वासघात का सामना करना पड़ सकता है। भवन के स्वामी को अपयश का भागी भी बनना पड़ सकता है और उसको जीवन में बहुत संघर्ष भी करने पड़ते है । इसके निराकरण के लिए भवन की पिछली दीवार पर अष्टकोणीय दर्पण लगाना चाहिए तथा यदि उस तरफ की दीवार दक्षिण अथवा पश्चिम की है तो उसे अधिक ऊंचा करने से भी शुभफल मिलने लगते है ।

अत: इससे बिलकुल स्पष्ट है कि भवन में वास्तु के अनुसार खिड़कियों का निर्माण करके हम अपने जीवन को और भी अधिक ऊँचाइयों पर ले जा सकते है ।

Ad space on memory museum


अपने उपाय/ टोटके भी लिखे :-----
नाम:     

ई-मेल:   

उपाय:    


  • All Post
  •  
  • Admin Post
1.
mrea makan uttarmukhi he dakshin disa me kamra he me dakshin disa me khidki lagwa sakta hoo
rakesh patel  

2.
south ke taraf windows hai and mukya darwaze ke samne stairs (sirih hai)
upay
kumarsoni  

3.
south ke taraf windows hai and mukya darwaze ke samne stairs (sirih hai)
upay
kumarsoni  

4.
south ke taraf windows hai and mukya darwaze ke samne stairs (sirih hai)
upay
kumarsoni  

5.
south ke taraf windows hai and mukya darwaze ke samne stairs (sirih hai)
upay
kumarsoni  

6.
south ke taraf windows hai and mukya darwaze ke samne stairs (sirih hai)
upay
kumarsoni  

No Tips !!!!
दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।