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भोजन से ग्रहो के शुभ फलो की प्राप्ति

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जानिए कैसे हम भोजन के माध्यम से अपनी कुंडली के ग्रहो के शुभ फल प्राप्त कर सकते है

स्वर का चमत्कार
Swar Ka Chamatkaar


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जीवन में स्वर का चमत्कार
Jevan Me Swar Ka Chamatkaar




जब दायाँ स्वर चलता हो तभी भोजन करना चाहिए इससे भोजन जल्दी पच जाता है लेकिन पेय पदार्थ पीना हो तब बायाँ स्वर चलना चाहिए। यदि पेय पदार्थ पीते समय बायाँ स्वर न चलता हो तो दायें नथुने को कुछ पल के लिए अपनी उँगली से दबा दें ताकि बायाँ स्वर चलने लगे। भोजन या किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करते समय यदि दायाँ स्वर चालू न हो तो थोड़ी देर बायीं करवट लेटकर या बायें नथुने को अपनी उँगली से दबा कर दायाँ स्वर चालू किया जा सकता है, तभी कुछ भी खाना उत्तम रहता है। इससे स्वास्थ्य की रक्षा होती है तथा बीमारी जल्दी नहीं आती।

यह भी ध्यान रखें कि जब शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस हो तब दाहिनी करवट लेट लें इससे बायाँ स्वर शुरू हो जायेगा ।और शीघ्र ही शरीर में ठण्ड कि अनुभूति होने लगेगी । और जब शरीर में ज्यादा ठंडक महसूस हो तब बांयी करवट लेट लें, इससे दाहिना स्वर शुरू हो जाएगा और शरीर में गर्मी कि अनुभूति होने लगेगी, अर्थात ठण्ड दूर हो जायेगी ।

एक बहुत ही खास बात आपको जिस व्यक्ति से कोई काम निकलना हो तो उसे अपने उस तरफ रखें जिस तरफ का स्वर चल रहा हो। इससे आप आसानी से सामने वाले व्यक्ति को प्रभावित कर पाएंगे।

जब दोनों नाक से स्वर निकलें, तब कोई भी महत्वपूर्ण काम, यात्रा न करें, कोई भी योजना न बनाये अन्यथा नुकसान उठाना पद सकता है । इस समय ईश्वर का ध्यान करें ध्यान बहुत जल्दी लगेगा।

यदि कोई आपसे मिलने आए, आप उसे पसंद नहीं करते है और आप चाहते हैं कि वह ज्यादा समय आपके पास नहीं बैठे तो ऎसे में जब भी सामने वाले व्यक्ति से आप मिलें तो उस समय आप अपनी पूरी साँस को चुपचाप बाहर निकालिये, ऐसा कई बार कीजिये आप पाएंगे कि वह व्यक्ति आपके पास से जल्दी ही चला जायेगा । इसके विरुद्ध यदि आप किसी को अपने पास ज्यादा देर बिठाना चाहें तो उससे मिलते ही अपनी सांस को अन्दर खींचे। इस क्रिया को भी कई बार चुपचाप करें इससे वह व्यक्ति आपके साथ ही रहेगा।

तो आपने देखा कि स्वर विज्ञानं के छोटे छोटे से नियमों को समझकर आप अपने जीवन को कैसे नियंत्रित कर सकते है।



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