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जन्माष्टमी के अचूक उपाय

जन्माष्टमी

जानिए कैसे जन्माष्टमी के दिन आप कुछ आसान और अचूक उपायों से अपनी सभी मनोकामनाओ को पूर्ण कर सकते है ।

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जन्माष्टमी



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16 कलाओं से सम्पन्न भगवान श्री कृष्ण का अवतरण भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात्रि 12 बजे मथुरा नगरी के कारागार में वासुदेव जी की पत्नी देवकी के गर्भ से रोहिणी नक्षत्र में एवं वृषभ के चंद्रमा की स्थिति में बुधवार के दिन हुआ था।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान श्री कृष्ण लगभग 5 हजार 243 वर्ष पूर्व मध्य रात्रि में इस धरती पर अवतरित हुए थे। वर्ष 2018 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी ( Krish Janmashtami ) का पर्व 2nd सितंबर 2018, दिन रविवार को मनाया जायेगा ।

हिन्दू धर्म शास्त्रों में जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन व्रत रखने का बहुत महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रसन्नचित होकर इस दिन व्रत रखते हैं, उनके घर कारोबार में सदैव स्थिर लक्ष्मी का वास रहता है, उनको कार्यो में मनवाँछित सफलता प्राप्त होती है ।स्कंद पुराण के अनुसार यदि जो मनुष्य जानते हुए भी जन्माष्टमी ( Janmashtami ) का व्रत नहीं रखता, वह जंगल में सृप के समान होता है।

जन्माष्टमी ( Janmashtami ) की रात्रि तंत्र मन्त्र के लिए, अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए किये गए उपायों के लिए बहुत ही विशेष मानी गयी है । इसीलिए इस रात्रि को मोह रात्रि भी कहते है ।
शास्त्रों के अनुसार श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणी माँ लक्ष्मी का अवतार थी अत: अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। अपनी समस्त इच्छाओं की पूर्ति के लिए, अभीष्ट लाभ की सिद्धि के लिए जन्माष्टमी के दिन ये उपाय पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से अवश्य ही करें-

इन उपायों को करने से बनने लगेंगे सभी काम, कार्यो में रुकावटें होंगी दूर, जानिए कार्यो में रूकावट दूर करने के उपाय

Diwali Diye प्रेम में सफलता पाने के उपाय :- यदि आप अपने जीवन में किसी लड़की या लड़के से प्रेम करते हैं और उससे विवाह करना चाहते हैं पर आपके प्रेम विवाह में कोई समस्या आ रही है तो आप इस श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपने आसपास राधा कृष्ण जी के मंदिर में जाकर अपने प्रेमी या प्रेमिका को ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गये मंत्र का रोजाना 5 बार जाप करें ! और राधा कृष्ण जी की पूजा अर्चना करके उन्हें भोग लगाये ! ऐसा करने से प्रेम विवाह ( prem vivah ke upay ) में आ रही समस्या दूर हो जाएगी !

मंत्र : ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा: !


Diwali Diye जल्दी विवाह होने के उपाय : यदि आप किसी से विवाह करना चाहते हैं और आपके विवाह में कोई बाधा या समस्या उत्पन्न हो रही है किसी ना किसी वजह से आपका विवाह टल जा रहा हो और आप चाहते हैं कि आपके विवाह में देरी न हो जल्द से जल्द हो जाए तो आपको यहाँ पर दिए गये मंत्र का रोजाना श्री कृष्ण जन्माष्टमी से जाप करने से विवाह में हो रही समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और जल्द ही आपके विवाह के योग बनेगे और आपका विवाह बिना किसी बाधा के सफलता पूर्वक संपन्न हो जायेगा
मंत्र : ॐ नमो भगवते रुक्मिणी वल्लभाय स्वाहा !


Diwali Diye धन लाभ के लिए :- आर्थिक संकट के निवारण के लिए ,धन लाभ के ;लिए जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: स्नान आदि करने के बाद किसी भी राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर प्रभु श्रीकृष्ण जी को पीले फूलों की माला अर्पण करें। इससे आर्थिक संकट दूर होने लगते है धन लाभ के योग प्रबल होते है ।

Diwali Diye मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें । इसके बाद यह उपाय हर शुक्रवार को करें । इस उपाय को करने वाले जातक से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। इस उपाय को करने से समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है ।

यदि घर में किसी की तबियत ख़राब रहती हो, तो अवश्य ही करें ये उपाय, जानिए रोग निवारण के अचूक उपाय

Diwali Diye ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई, साबुतदाने अथवा चावल की खीर यथाशक्ति मेवे डालकर बनाकर उसका भोग लगाएं उसमें चीनी की जगह मिश्री डाले , एवं तुलसी के पत्ते भी अवश्य डालें। इससे भगवान द्वारकाधीश की कृपा से ऐश्वर्य प्राप्ति के योग बनते है।


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1.
વશીકરણ શીખવુશ
AksHay  

2.
भारतीय संस्कृती व सनातन पर्व मूलतः शास्त्र धर्मसिंधु के आधार पर मनाए जाते हैं। शास्त्र धर्मसिंधु के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र में ठीक रात 12 बजे हुआ था। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शास्त्र धर्मसिन्धु तथा ज्योतिष के महूर्त खंड की पूर्णिमान्त प्रणाली अनुसार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाते हैं। इसकी पुष्टि पद्म पुराण, मत्स्य पुराण, अग्नि पुराण में कृष्ण माहात्म्य में विशिष्ट रूप से की गई है। ज्योतिष के महूर्त खंड की अमान्त प्रणाली अनुसार श्रावण भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव अर्थात जन्माष्टमी का पर्व श्रावण माह के कृष्णपक्ष को मनाया जाता है। पौराणिक मतानुसार कृष्ण जन्म हेतु भाद्रपद, अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र को मूल माना जाता है।


शास्त्र धर्मसिंधु के अनुसार वर्ष 2016 में जन्माष्टमी पर्व गुरुवार दिनांक 25.08.16 को मनाई जाएगी। परंतु कृष्ण जन्म और जागरण बुधवार दिनांक 24.08.16 की रात महा निशाकाल में रात 11 बजकर 47 मिनट से लेकर गुरुवार दिनांक 25.08.16 रात 12 बजकर 14 मिनट तक मनाया जाएगा। पंचांग काल गणना के अनुसार अष्टमी तिथि दिनांक 24.08.16 को 10 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ होकर गुरुवार दिनांक 25.08.16 रात 08 बजकर 09 मिनट तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र का उदय गुरुवार दिनांक 25.08.16 दिन 12 बजकर 07 मिनट पर होकर अगले दिन तक रहेगा। अर्थात अष्टमी तिथि दिनांक 24.08.16 की मध्य रात्रि में कृष्ण जन्म विद्यमान होगा तथा कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व और व्रत गुरुवार दिनांक 25.08.16 को मनाया जाएगा।


वर्ष 2016 में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 52 वर्षों के उपरांत त्रिगुणकारी महायोग बना रहा है। इस वर्ष माह, तिथि, वार व चंद्रमा की स्थिति ठीक वैसी ही बनी है, जैसी श्रीकृष्ण जन्म के समय बनी थी। शास्त्रानुसार कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, बुधवार, रोहिणी नक्षत्र व वृष राशि के चंद्र की स्थिति में हुआ था। इससे पूर्व ऐसा त्रिगुणकारी महायोग वर्ष 1958 में बना था। वर्ष 2016 में स्मार्त समुदाय जन्माष्टमी व्रत बुधवार दिनांक 24.08.16 को रखेंगे तथा वैष्णव समुदाय जन्माष्टमी व्रत गुरुवार दिनांक 25.08.16 को रखेंगे परंतु जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का महायोग गुरुवार दिनांक 25.08.16 को पड़ रहा है अतः मूलतः सभी समुदाय जन्माष्टमी पर्व गुरुवार दिनांक 25.08.16 को मानेंगे।


शास्त्रनुसार जन्माष्टमी व्रत का पारण नवमी के दिन सूर्योदय उपरांत ही किया जाता है। यदि अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र में से कोई भी सूर्यास्त तक समाप्त नहीं होता तब जन्माष्टमी व्रत दिन के समय नहीं पारण नहीं किया जाता। वर्ष 2016 में शास्त्र धर्मसिंधु के अनुसार, जो व्यक्ति दो दिनों तक व्रत करने में असमर्थ है, वो जन्माष्टमी के अगले दिन ही सूर्योदय के पश्चात व्रत का पारण कर सकते हैं। शास्त्रनुसार जन्माष्टमी पूजन निशीथ काल में किया जाता है। इस समय काल में पूरे विधान से लोग कृष्ण का षोडशोपचार पूजन में सोलह वस्तुएं सम्मिलित करते हैं। जन्माष्टमी पर निशीथ काल का समय बुधवार 24.08.16 की रात 12 बजे से प्रारंभ होकर रात 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इसी काल में जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
jitendarparsad  

3.
इस संसार में कोई भी ऐसा प्राणी नहीं होगा जो धन की इच्छा न रखता हो, हर कोई यह चाह रखता है की उसके पास इतना सारा धन हो की वह उससे अपनी सभी इच्छाएं पूर्ण कर सके.

यदि बहुत सारा नहीं तो कम से कम इतना धन हो की वह अपना गुजारा कर सके. धन को प्राप्त करने के लिए कुछ सही राह चुनते है, वे धन पाने के लिए कड़ी मेहनत करते है परन्तु कुछ लोग छल-कपट का सहारा लेकर अति शीघ्र धन कमाने की कामना करते है.

दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी होते है जिनके पास पैसे ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाते. उनकी इस आदत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की सुबह उनका पर्स पैसो से भरा रहता है, लेकिन शाम होते ही कुछ चंद सिक्कों के अलावा उनके पास कुछ शेष नहीं रहता. ऐसे में अधिकतर लोगो की यह शिकायत रहती है की उनके पास धन तो आता है परन्तु वह अधिक समय तक टिक नहीं पाता .

इस तरह की समस्या से निपटने के लिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे शास्त्रों से जुड़े अचूक उपाय लाये है जिन्हे अपनाने से आपके पास सदैव धन टिका रहेगा और आपका पर्स कभी खाली नहीं होगा........
माँ लक्ष्मी करती है धन की वर्षा, यदि आपके पर्स में होंगी ये 9 चीजे !
sneha  

4.
LAXMI PRAPTI KE UPAY AND TOTKE
MAHESH CHAND SHARMA  

5.
0562
annu singh   

6.
Vaselaran ka upay bolo
Sunil sharma  

7.
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Sunil sharma  





No Tips !!!!

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