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गणेश जी के आसान उपाय

Ganesh ji ke Asan upay


गणेश जी


गणेश जी को प्रसन्न करने के उपाय
Ganesh ji Ko Prassan Karne Ke upay


om गणेश जी ( Ganesh ji ) को मोदक का भोग बहुत ही प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए सर्वोत्तम उपाय मोदक का भोग है । माना जाता है कि यदि गणपति पूजा में मोदक का भोग अर्पित नहीं किया तो जातक की पूजा अधूरी ही रहती है। शास्त्रों में मोदक को अमृत मिश्रित माना गया है। पद्म पुराण के सृष्टि खंड के अनुसार मोदक का निर्माण अमृत से हुआ है। गणपति अथर्वशीर्ष के अनुसार जो व्यक्ति गणेश जी Ganesh ji को मोदक का भोग लगाता है गणपति उसका अवश्य जी मंगल करते हैं। मोदक का भोग लगाने वाले जातक की समस्त मनोकामना शीघ्र ही पूरी होती है।

om जीवन में आर्थिक लाभ ( Arthik Labh ) और किसी भी प्रकार के संकट निवारण के लिये शुक्ल पक्ष के बुधवार से शुरू करते हुए भगवान गणेश Bhagwaan Ganesh की मूर्ति पर कम से कम 21 दिन तक थोड़ी-थोड़ी जावित्री चढ़ावे और रात को सोते समय थोड़ी जावित्री स्वयं भी खाकर सोएं ।
यह प्रयोग 21, 42, 64 या 84 दिनों तक अवश्य ही करें। इससे सभी विघ्न दूर होते है, घर में निश्चय ही धन (Dhan), सुख समृद्धि ( Sukh Smradhi ) का वास होता है।
मान्यता है की कैसा भी कार्य हो अधिकतम 84 दिनों तक इस उपाय को करने से कार्य में अवश्य ही सफलता मिलती है।

om जो लोग भगवान गणेश जी Ganesh ji की घी से नित्य पूजा करते है उन पर प्रभु विघ्नहर्ता की सदैव कृपा बनी रहती है । घी को पुष्टिवर्धक और रोगनाशक कहा जाता है। पंचामृत में एक अमृत घी भी होता है। भगवान गणेश Bhgwaan Ganesh को घी काफी पसंद है। गणपति अथर्वशीर्ष के अनुसार घी से गणेश की पूजा करने से जातक को ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है।
कहते है कि नित्य घी से गणेश की पूजा करने वाला व्यक्ति अपनी बुद्धि, ज्ञान और योग्यता के बल से संसार में श्रेष्ठ स्थान हासिल कर लेता है।

om शास्त्रों के अनुसार जो लोग नित्य भगवान गजानन की शमी पत्र से पूजा करते है उन पर प्रभु सदैव प्रसन्न रहते है । शमी गणेश जी Ganesh ji को अत्यंत प्रिय है। शमी ही एक मात्रा पौधा है जिसकी पूजा से भगवान शंकर, गणेश जी Ganesh ji और शनि सभी प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री राम ने रावण पर विजय पाने के लिए शमी की पूजा की थी।
जो जातक शमी के कुछ पत्ते नियमित रूप से गणेश जी को अर्पित करता है जीवन में कोई भी संकट उसके पास भी नहीं आता है उसके घर में धन - धान्य , सुख - समृद्धि की कोई भी कमी नहीं होती है ।


om भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए उन्हें पवित्र अखंडित अक्षत अर्थात चावल अर्पित करें। अखंडित अर्थात जो टूटा हुआ नहीं हो। गणेश जी को सूखा अक्षत नहीं चढ़ाते है। उनको अक्षत चढ़ाने से पहले उसमें कुछ बुँदे गंगाजल / जल की डालकर उसे गीला करें फिर यह मन्त्र 'इदं अक्षतम् ऊं गं गणपतये नमः' बोलते हुए गणेश जी Ganesh ji को तीन बार अक्षत चढ़ाएं। इससे जातक को अपने कार्य क्षेत्र में मनवाँछित सफलता प्राप्त होती है।

om गणेश जी Ganesh ji पर तुलसी नहीं चढाई जाती है । आचार भूषण ग्रंथानुसार भगवान श्रीगणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढ़ाए जा सकते हैं। पद्मपुराण आचाररत्न में भी लिखा है कि 'न तुलस्या गणाधिपम' अर्थात् तुलसी से गणेश जी Ganesh ji की पूजा कभी न करें। गणेश जी Ganesh ji को सफ़ेद चन्दन और गेंदे का फूल भी नहीं चढ़ाना चाहिए ।



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