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Kalash Fourth Image एकादशी के भाग्य चमकाने के उपाय Kalash Fourth Image
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Kalash Fourth Image एकादशी के उपाय Kalash Fourth Image
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आषाढ़ मास की कृष्ण एकादशी को "योगिनी" एकादशी कहते है। योगिनी एकादशी की व्रतकथा पद्मपुराण के उत्तरखण्ड से प्राप्त होती है। योगिनी एकादशी के व्रत से समस्त पाप दूर हो जाते हैं और अंत में स्वर्ग प्राप्त होता है। योगिनी एकादशी का ब्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर फल देता है। वर्ष 2018 में योगिनी एकादशी सोमवार 9 जुलाई को है। इस व्रतकथा के वक्ता भगवान श्रीकृष्ण एवं मार्कण्डेय जी हैं। इस कथा को युधिष्ठिर एवं हेममाली को सुनाया गया है।
Kalash Fourth Image योगिनी एकादशी ब्रत कथा Kalash Fourth Image


om धर्मराज युधिष्ठिर श्री कृष्ण जी से कहने लगे कि भगवान, मैंने आपसे ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के व्रत का माहात्म्य सुना। अब कृपया करके हमें आषाढ़ कृष्ण एकादशी की कथा सुनाइए। इसका क्या नाम है? इसका माहात्म्य क्या है? हमें यह भी विस्तार से बताइए, आपकी महान कृपा होगी।

om भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन! आषाढ़ कृष्ण एकादशी को योगिनी एकादशी कहते है। इसका व्रत करने से, इसकी कथा कहने / सुनने से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। यह एकादशी इस लोक में समस्त सुख और परलोक में मुक्ति देने वाली है। यह तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। मैं आपसे पुराणों में वर्णन की हुई कथा कहता हूँ। इसे ध्यानपूर्वक सुनिए।

om स्वर्गधाम की अलकापुरी नामक नगरी में कुबेर नाम का एक राजा रहता था। वह शिव भक्त था और प्रतिदिन शिव की पूजा किया करता था। हेम नाम का एक माली पूजन के लिए उसके यहाँ फूल लाया करता था। हेम की विशालाक्षी नाम की सुंदर स्त्री थी। एक दिन वह मानसरोवर से पुष्प तो ले आया लेकिन कामासक्त होने के कारण वह अपनी स्त्री से हास्य-विनोद तथा रमण करने लगा।


om इधर राजा उसकी दोपहर तक राह देखता रहा। अंत में राजा कुबेर ने सेवकों को आज्ञा दी कि तुम लोग जाकर माली के न आने का कारण पता करो, क्योंकि वह अभी तक पुष्प लेकर नहीं आया। सेवकों ने कहा कि महाराज वह पापी अतिकामी है, अपनी स्त्री के साथ हास्य-विनोद और रमण कर रहा होगा। यह सुनकर कुबेर ने क्रोधित होकर उसे बुलाया।

om हेम माली राजा के भय से काँपता हुआ ‍उपस्थित हुआ। राजा कुबेर ने क्रोध में आकर कहा- ‘अरे पापी! नीच! कामी! तूने मेरे परम पूजनीय ईश्वरों के ईश्वर श्री शिवजी महाराज का अनादर किया है, इस‍लिए मैं तुझे शाप देता हूँ कि तू स्त्री का वियोग सहेगा और मृत्युलोक में जाकर कोढ़ी होगा।’

om कुबेर के शाप से हेम माली का स्वर्ग से पतन हो गया और वह उसी क्षण पृथ्वी पर गिर गया। भूतल पर आते ही उसके शरीर में श्वेत कोढ़ हो गया। उसकी स्त्री भी उसी समय अंतर्ध्यान हो गई। मृत्युलोक में आकर माली ने महान दु:ख भोगे, भयानक जंगल में जाकर बिना अन्न और जल के भटकता रहा।

om रात्रि को निद्रा भी नहीं आती थी, परंतु शिवजी की पूजा के प्रभाव से उसको पिछले जन्म की स्मृति का ज्ञान अवश्य रहा। घूमते-घ़ूमते एक दिन वह मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम में पहुँच गया, जो ब्रह्मा से भी अधिक वृद्ध थे और जिनका आश्रम ब्रह्मा की सभा के समान लगता था। हेम माली वहाँ जाकर उनके पैरों में पड़ गया।

om उसे देखकर मारर्कंडेय ऋषि बोले तुमने ऐसा कौन-सा पाप किया है, जिसके प्रभाव से यह हालत हो गई। हेम माली ने सारा वृत्तांत कह ‍सुनाया। यह सुनकर ऋषि बोले- निश्चित ही तूने मेरे सम्मुख सत्य वचन कहे हैं, इसलिए तेरे उद्धार के लिए मैं एक व्रत बताता हूँ। यदि तू आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी नामक एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करेगा तो तेरे सब पाप नष्ट हो जाएँगे।
यह सुनकर हेम माली ने अत्यंत प्रसन्न होकर मुनि को साष्टांग प्रणाम किया। मुनि ने उसे स्नेह के साथ उठाया। हेम माली ने मुनि के कथनानुसार विधिपूर्वक योगिनी एकादशी का व्रत किया। इस व्रत के प्रभाव से अपने पुराने स्वरूप में आकर वह अपनी स्त्री के साथ सुखपूर्वक रहने लगा।

om भगवान कृष्ण ने कहा- हे राजन! यह योगिनी एकादशी का व्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर फल देता है। इसके व्रत से समस्त पाप दूर हो जाते हैं और अंत में स्वर्ग प्राप्त होता है।

om योगिनी एकादशी का ब्रत करने वाले एवं इस ब्रत की कथा करने, सुनने वाले जातको पर भगवान श्री विष्णु जी की सदैव कृपा बनी रहे।


Kalash Fourth Image एकादशी के उपाय Kalash Fourth Image
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Kalash Fourth Image एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु के मंदिर में एक नारियल व थोड़े बादाम चढ़ाएं। इस उपाय से जीवन में आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है कार्यों में समस्त बाधाएं भी दूर हो जाती है ।

Kalash Fourth Image एकादशी के दिन प्रांत: भगवान विष्णु की पूजा करते समय कुछ पैसे विष्णु भगवान की मूर्ति या तस्वीर के सामने रख दें। फिर पूजन करने के बाद यह पैसे अपने पर्स में रख लें। अब हर एकादशी को पूजन के समय यह सिक्के भी पर्स से निकाल कर पूजा में रखा करें और पूजन के बाद फिर से अपनी जेब में रख लें । इस उपाय को करने से कभी भी पैसों की तंगी नहीं रहती है।

Kalash Fourth Image पीपल में भगवान विष्णु का ही वास माना गया है। यदि आप कर्ज से परेशान है तो एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष पर मीठा जल चढ़ाएं और शाम के समय दीपक लगाएं। इस उपाय से शीघ्र ही कर्ज मुक्ति के योग प्रबल होते है , कार्यों में सफलता मिलती है , धन टिकता है ।

Kalash Fourth Image एकादशी के दिन सांय के समय तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाकर और ऊँ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें । इस उपाय से घर के सदस्यों के मध्य प्रेम, सुख-शांति बनी रहती है उस परिवार पर किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं आता है।

Kalash Fourth Image एकादशी के दिन रात्रि में भगवान विष्णु के सामने नौ बत्तियों का दीपक जलाएं और एक दीपक ऐसा जलाएं जो रात भर जलता रहे। इससे माँ लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती है। उस जातक को जीवन में सभी सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होते है।


Published By : Memory Museum
Updated On : 2018-06-22 07:05:55 PM



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