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दीपावली क्यों मनाई जाती है

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Diwali Diye दिवाली 2018, दीपावली का पर्व क्यों मनाया जाता है Diwali Diye
Diwali Diye Diwali 2018, Dipawali ka parv kyon manaya jata haiDiwali Diye


हम दीपावली Dipawali का त्यौहार क्यूँ मनाते हैं ? ज्यादातर लोग यही जानते है कि 'भगवान श्रीराम जी के लंकापति रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराकर वनवास से लौटने की ख़ुशी में' दीपावली Dipawali का पर्व मनाया जाता है, लेकिन दीपावली का पर्व मनाने का केवल यही एकमात्र कारण नहीं है इस हर्ष-उल्लास के पर्व को मनाने के और भी कई धार्मिक और ऐतिहसिक कारण है जिसके कारण दीपावली का पर्व और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है .......
जानिए दीपावली क्यों मनाई जाती है, dipawali kyon manai jati hai.....दीपावली किन किन कारणों से मनाई जाती है.....

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Diwali Diye राजा राम जी की विजय पर :-

Om Sign रामायण के अनुसार दशरथ पुत्र भगवान श्री राम ने अपने वनवास काल मे लंका पति राजा रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था।
Om Sign भगवान श्री राम माता सीता और भाई लक्ष्मण जी के साथ कार्तिक मास की अमावस्या के दिन ही रावण और उसकी लंका का दहन करकेअयोध्या नगरी में वापिस लौटे थे।
Om Sign रामायण के अनुसार ये चंद्रमा के कार्तिक मास की अमावस्या के नए दिन की शुरुआत थी तथा इसी शुभ अवसर पर अयोध्या के नागरिकों ने पूरे राज्य को दीपमाला से प्रकाशित किया था और दीपावली का पर्व मनाने की प्रथा प्रारम्भ हुई ।

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Diwali Diye भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस का वध :-

Om Sign दीपावली के एक दिन पहले को नरक चतुर्दशी कहते है। क्योंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था।

Om Sign नरकासुर एक पापी राजा था, वह अपने शक्ति के बल से देवताओं पर अत्याचार करता था और अधर्म करता था।
Om Signउसने अपने बल और अभिमान के कारण सोलह हजार कन्याओं को बंदी बनाकर रखा था। इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके उन कन्याओं को मुक्त कराया था ।
इसलिए इस दिन को नरक चतुर्दशी कहते है और उस दिन से बुराई पर सत्य की जीत पर लोगो ने दो दिनों तक हर्ष और उल्लास के साथ दीपक जलाकर दीपावली का त्यौहार मनाया। इसे विजय पर्व के नाम से भी जाना जाता है।

Diwali Diye भगवान श्री विष्णु ने राजा बलि से तीनो लोको को मुक्त कराया :-

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Om Sign महाप्रतापी तथा दानवीर राजा बलि ने अपने बाहुबल से तीनों लोकों पर विजय प्राप्त कर ली, तब राजा बलि से भयभीत देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर प्रतापी राजा बलि से दान के रूप में तीन पग पृथ्वी मांगी।
Om Signमहाप्रतापी राजा बलि भगवान विष्णु की चालाकी समझ गए लेकिन फिर भी उन्होंने याचक को निराश नहीं किया और तीन पग पृथ्वी दान में दे दी।

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Om Sign भगवान श्री विष्णु ने अपने तीन पग में तीनों लोकों को नाप लिया। वह दिन कार्तिक अमावस्या का था , राजा बलि की दानशीलता से प्रभावित होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक का राज्य दे दिया, साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि उनकी याद में भू लोकवासी प्रत्येक वर्ष दीपावली मनाएंगे।

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Diwali Diye पांडवो की वापसी ;-

Om Sign महाभारत के अनुसार कार्तिक अमावस्या को पांडव अपना 12 साल का वनवास काट कर वापिस आये थे जो की उन्हें कौरवों द्वारा चौसर खेल में हराये जाने के परिणाम स्वरूप मिला था।
Om Signइस प्रकार पांडवो के लौटने की खुशी में दीपावली मनाई गई थी ।

Diwali Diye आर्य समाज के लिए प्रमुख दिन:-

Om Sign कार्तिक अमावस्या अर्थात दीपावली के दिन ही एक महान व्यक्ति स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने हिंदुत्व का अस्तित्व बनाये रखने के लिए आर्य समाज धर्म की स्थापना की थी।

Diwali Diye विक्रमादित्य का राजतिलक:-

Om Sign दीपावली के दिन ही भारत के महान राजा विक्रमदित्य का राज्याभिषेक हुआ था। जिसके कारण राजा विक्रमादित्य के राज्य में लोगो ने हर्ष उल्लास के साथ दीपावली का पर्व मनाया था ।

Diwali Diye जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण दिन:*

Om Sign दीपावली का जैन धर्म में भी बहुत महत्त्व है।शास्त्रों के अनुसार जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर ने भी दीपावली के दिन ही बिहार के पावापुरी में अपना शरीर त्याग दिया।
Om Sign महावीर-निर्वाण संवत्‌ इसके दूसरे दिन से शुरू होता है। इसलिए अनेक प्रांतों में इसे वर्ष के आरंभ की शुरुआत मानते हैं।

Diwali Diye सिक्खों के लिए महत्त्व :-

Om Sign तीसरे सिक्ख गुरु अमरदास जी ने दीपावली के दिन को लाल पत्र दिवस के रूप में मनाया था जिसमें सभी श्रद्धालु गुरु से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे और 1577 में अमृतसर में हरिमंदिर साहिब का शिलान्यास किया गया था।

Om Sign 1619 में सिक्ख गुरु हरगोबिन्द जी को ग्वालियर के किले में 52 राजाओ के साथ मुक्त किया गया था जिन्हें मुगल बादशाह जहांगीर ने नजरबन्द किया हुआ था। इसे सिक्ख समाज बंदी छोड़ दिवस के रूप में भी जानते हैं।

Diwali Diye प्राचीन इतिहास :-

Om Sign ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में रचित कौटिल्य अर्थशास्त्र के अनुसार कार्तिक अमावस्या के अवसर पर मंदिरों और घाटों (नदी के किनारे) पर बड़े पैमाने पर दीप जलाए जाते थे।


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डा० उमाशंकर मिश्र ( आचार्य जी )


Published By : Memory Museum
Updated On : 2018-11-03 03:39:00 PM

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1.
वर्षा ऋतु समाप्त हो जाता है कीड़े मकोड़े अधिक मात्रा में उतपन्न हो जाते हैं दीपक की लौ से अधिक मात्रा मे नष्ट हो जाते है
ratendra kumar  

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