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चन्द्रग्रहण 2018
Chandra Grahan 2018



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चंद्रग्रहण कब होता है
Chandra Grahan kab hota hai



ग्रहण खगोलीय विज्ञान एवं ज्योतिश विज्ञानं के लिए एक महत्वपूर्ण घटना होती है। चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) पूर्णिमा तिथि को ही होता है। सूर्य व चन्द्रमा के बीच पृथ्वी के आ जाने से पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा का पूरा या आंशिक भाग ढक जाता है , और पृथ्वी सूर्य की किरणों के चांद तक पहुंचने में अवरोध लगा देती है। तब चन्द्र ग्रहण होता है।

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Kalash One Image चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते है :- पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण, और उपच्छाया चंद्र ग्रहण।
Kalash One Image पूर्ण चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा को पृथ्वी पूरी तरह से ढक लेती है, उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते है।
Kalash One Image आंशिक चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा को पृथ्वी आंशिक रूप से ढक लेती है, तो उसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहते है।
Kalash One Image उपच्छाया चंद्र ग्रहण: जब पृथ्वी की उपच्छाया से होकर चंद्रमा गुजरता है, उस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी अपूर्ण सी लगती है। इसे उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते है।

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ज्योतिषियों के अनुसार चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है अत: जिन राशियों पर इसका प्रभाव हो उन्हें विशेष रूप से चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) के समय जप और दान करना चाहिए । ग्रहण समाप्त होने के बाद पानी में गंगा जल डालकर स्नान करना चाहिए ।

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2018 में चंद्रग्रहण
2018 me Chandra Grahan



hand-logo इस साल वर्ष 2018 में 2017 की भाँति ही 2 बार चंद्र ग्रहण लगेगा। इनमें पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी 2018 को पड़ेगा, जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 जुलाई 2018 में दिखाई देगा। ये दोनों पूर्ण चंद्र ग्रहण होंगे और भारत सहित अन्य देशों में दिखाई देंगे। भारत में नज़र आने के कारण इनका धार्मिक महत्त्व बहुत अधिक होगा तथा इनका धार्मिक सूतक भी मान्य होगा।

hand-logo इस वर्ष 2018 में आषाढ़ पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण chandra grahan लगेगा। इस वर्ष का दूसरा व अंतिम चंद्रग्रहण इस दिन रात्रि 23:56:26 से शुरू होगा और इसका अंत अर्थात मोक्ष काल मध्य रात्रि 03:48:59 बजे होगा। इस तरह यह चंद्र ग्रहण लगभग 3 घंटे 55 मिनट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण को वैज्ञानिक ने 'ब्‍लड मून' (Blood Moon) का नाम दिया है।

hand-logo यह चंद्रग्रहण chandragrahan भारत के साथ-साथ यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और पश्चिम एशिया में भी साफ-साफ देखा जा सकेगा।

hand-logo इस बार चंद्र ग्रहण chandra grahan में चांद काला नहीं बल्‍कि तांबे के रंग जैसा नारंगी या गहरा लाल जैसा दिखाई देगा। ऐसा इसलिए होगा क्‍योंकि सूर्य और चन्द्रमा के बीच में पृथ्‍वी के आ जाने की वजह से चन्द्रमा पर पूरा प्रकाश नहीं पहुंच पाता है ।

hand-logo यह चंद्र ग्रहण chandra grahan भारत के अतिरिक्त लगभग सम्पूर्ण एशिया, यूरोप के ज्यादातर हिस्सों, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका के दक्षिणी हिस्से, साउथ अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक, हिन्द महासागर, अंटार्कटिका के इलाको में नज़र आएगा।

hand-logo यदि रविवार को सूर्यग्रहण हो तथा सोमवार को चन्द्रग्रहण हो तब उसे " चूड़ामणि सूर्यग्रहण " एवं " चूड़ामणि चन्द्रग्रहण " कहा जाता है । "चूड़ामणि ग्रहण" का महत्व स्नान, दान, जप, होम आदि के लिए समान्य ग्रहण से कोटिगुणा माना जाता है। अतः इस ग्रहण में शास्त्रों द्वारा बताये गए उपाय अवश्य ही करने चाहिए ।


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पं० कृष्णकुमार शास्त्री

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