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कैंसर, कैंसर क्या है
Cancer, Cancer Kya Hai


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कैंसर, कैंसर के लक्षण,
Cancer, Cancer Ke Lakshan


कैंसर ( Cancer ) का नाम सुनते ही मन में एक डर सा पैदा हो जाता था। वजह, इस बीमारी का बहुत ही घातक होना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% महिलाओ और 25% पुरुषो को उनके जीवनकाल में कैंसर ( Cancer ) होने की सम्भावना होती है।
कैंसर ( Cancer ) जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर ( Cancer ) जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है। डब्ल्यूएचओ (हू) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक देश के प्रत्येक घर का एक व्यक्ति कैंसर ( Cancer ) से पीड़ित होगा।
लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से 40-50% कैंसर ( Cancer ) से बचाव भी संभव है। मासिक स्वयं जाँच के द्वारा 10-20% कैंसर ( Cancer ) मामलो का पता लगाया जा सकता है।
समय से कैंसर ( Cancer ) की पहचान और इलाज होने पर इसको पूर्ण रूप से ठीक करना संभव है। और ठीक होने के बाद कोई भी व्यक्ति सामान्य रुप से जिंदगी को जी सकता है।


हमारे शरीर की सबसे छोटी यूनिट सेल (कोशिका) है। शरीर में 100 से 1000 खरब सेल्स होते हैं। हर वक्त ढेरों सेल पैदा होते रहते हैं और पुराने व खराब सेल खत्म भी होते रहते हैं। लेकिन कैंसर ( Cancer ) में यह संतुलन बिगड़ जाता है।
उनमें सेल्स की बेलगाम बढ़ोतरी होती रहती है।गलत लाइफस्टाइल और तंबाकू, शराब जैसी चीजें किसी सेल के जेनेटिक कोड में बदलाव लाकर कैंसर ( Cancer ) पैदा कर देती हैं।
कैंसर ( Cancer ) सेल अपने जैसे सेल बेतरतीब तरीके से पैदा करता जाता है।
वे सही सेल्स के कामकाज में रुकावट डालने लगते हैं। कैंसर ( Cancer ) सेल एक जगह टिककर नहीं रहते।
वे शरीर में किसी दूसरी जगह जमकर वहां भी अपने तरह के बीमार सेल्स का ढेर बना डालते हैं और उस अंग के कामकाज में भी रुकावट आने लगती है। इन अधूरे बीमार सेल्स का समूह ही कैंसर ( Cancer ) है। अर्थात कैंसर (Cancer) एक बेकाबू व हद से ज्यादा कोशिकाओं के अधिक बढ़ने वाली घातक बीमारी है ।

भारत में पुरुषो में फेफड़ो,आवाज की नली ,गले, जीभ ,मुह, खाने की नली ,पित्ताशय,पौरुष-ग्रंथि(प्रोटेस्ट), इत्यादि कैंसर होने की सम्भावना अधिकतर होती है जबकि महिलाओं में स्तन,गर्भाशय, ग्रीवा, मसाना, अंडाशय, थाइरॉइड, फेफड़े, गले,जीभ, पित्ताशय, व मस्तिष्क के कैंसर (Cancer) की सम्भावना अधिक होती है।
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कैंसर ( Cancer ) के लक्षण, Cancer Symptoms


hand-logo कैंसर के लक्षण ( cancer symptoms ) मुंह के अंदर छालों का होना, सफ़ेद, लाल या भूरे धब्बो का पाया जाना, मुंह का सिकुड़ना और पूरी तरह से मुंह का न खुलना है।

hand-logo शौच या मूत्र की आदतो में बदलाव आना भी कैंसर के लक्षण ( cancer symptoms ) है ।

hand-logo कभी न ठीक/न भरने वाला घाव/नासूर आदि का होना भी कैंसर के लक्षण ( cancer symptoms ) हो सकता है ।

hand-logo स्तन में/या शरीर के किसी हिस्से में गांठ व असामान्य उभार भी कैंसर के लक्षण ( cancer symptoms ) हो सकता है, तुरंत डॉक्टर से इसकी जाँच करवायें ।

hand-logo याददाश्त में कमी, देखने-सुनने में दिक्कत होना , सिर में भारी दर्द होना यह भी कैंसर की पहचान, ( cancer ki pahchan ) है ।

hand-logo कमर या पीठ में लगातार दर्द ।

hand-logo मुंह खोलने, चबाने, निगलने या खाना हजम करने में परेशानी होना भी कैंसर की पहचान, ( cancer ki pahchan ) है ।

hand-logo शरीर के किसी भी तिल/मस्से के आकार व रंग में बदलाव का होना यह भी एक प्रकार से कैंसर की पहचान, ( cancer ki pahchan ) है ।

hand-logo लगातार होने वाली खासी व आवाज का बैठ जाना ।

hand-logo यदि इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण 2 हफ्ते से अधिक समय तक हो तो तुरंत इसकी जाँच किसी अच्छे डाक्टर से कराये की कहीं ये कैंसर ( Cancer ) तो नही है वैसे इन लक्षणों के अन्य कोई और कारण भी हो सकते है।



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1.
Tll
Jafruddin  

2.
Tll cancer btaya h ilaz hopayga y nhi kitna kimo chadta h is cancer m 1 red 2 safad Chad gay hee
Jafruddin   

3.
सर मुझे केसंर है चार बार ऑपरेशन हो चुका है इसका कोई उपाय बताए कि ये वापस नहीं हो
मोहन सिंह   

4.
Blood cancer
Ashish   

5.
Mujhe bhut dino se muh me chhale hai.. Muh fika fika rehta h. Brown and white patches v gaal me dikhte h aur jiv ke side me v brown hogya hai... Kya kru.. Kya ye cancer hai
Hritesh Ratan   

6.
सर जीभ में लाल रंग का धब्बा हो गया है और आज से दर्द होने लगा है उपाय बताए
Saurabh saini  

7.
किसी भी स्टेज के कैंसर का नाश कर देंगी ये चाय, बस 3 माह तक लगातार दिन में दो बार पियें इस चाय को:---

शोध से पता चला है की पपीता कैंसर के नाश में बहुत उपयोगी है जी हाँ, सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग पर काबू पाया जा सकता है।

शोधो के अनुसार पपीता के सभी भागो फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ आदि विशेषकर पपीता की पत्तियों में कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की अभूतपूर्व शक्ति पाई जाती है। सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है
Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है।
पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को बढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है। पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने ( proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मोजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय :-
दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें,

पपीते की चाय बनाने की अलग अलग विधियाँ हैं। 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुख ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबाल लें। इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए।
अथवा पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml। करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।
पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।
पपीते की चाय ने जिन लोगों का कैंसर सही किया है, उनमें कैंसर की तीसरी और चौथी स्टेज भी थी।
admin memorymuseum.net  

8.
cancer m अडा kha skte h ya nhi
rahul  

9.
mere pair me hua tha usko surgery karaya hu to khane me kya kya mana he aur kya khana chahie
kanhei lal sahu  

10.
Bacha dani me kansar
soni kumari  

11.
Meri ma ko brest cancer ka frist stage h chemotherapy chl rhi unke Khane ke liye btaye jo asani se Pch jaye vomit bhot ho rhi h to
Tejasvini   

12.
कैंसर
Rishipal   

13.
Cancer hai muje
pawan Raikwar  

14.
maa ko cancer hai chemo chal raha hai ab ham kya khane me de plz batao ager pta hai to kisi ki life ka sawal hai
Atul kumar  

15.
Blood cancer ka rupay batye




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Arbind  

16.
kensar
amit kapoor  

17.
kensar
amit kapoor  

18.
kensar
amit kapoor  

19.
kensar
amit kapoor  

20.
kensar
amit kapoor  

21.
Agar bisbas nhi hai to call kar ke dekho khud hi pata chal jaye ga mudde lakh bura chahe to kya hota hai bohi hita hai manjure khuda hota hai kya pata upar bala fariste ke rup mai kise ko bhaij hi dete hai bisbas karna hoga aapko ok email no-raj97svpsl@gmail.com
Dr Amit Raj  

22.
Aupay to har bimari ka hai mere pas janna hai to email ya phone kare 8862997163 8804196911 har bimari ka jar se ilaz h mere pas hai agar bisbas kar paye to kyu ki dekheye bhagban ko to kise ne dekha nhi hai magar phir bhi bisbas hai ki bhagban hote h ise parkar har bimari ka ilaz h magar bisbas karne par success hota hai ok janna hai to kariye nhi to koi baise to
ham bahut busy rahte petion marij ko dekhne mai
Amit raj  

23.
Aupay to har bimari ka hai mere pas janna hai to email ya phone kare 8862997163 8804196911 har bimari ka jar se ilaz h mere pas hai agar bisbas kar paye to kyu ki dekheye bhagban ko to kise ne dekha nhi hai magar phir bhi bisbas hai ki bhagban hote h ise parkar har bimari ka ilaz h magar bisbas karne par success hota hai ok janna hai to kariye nhi to koi baise to
ham bahut busy rahte petion marij ko dekhne mai
Amit raj  

24.
Canser
RAkesh kumsr  

25.
मेरे पिता जी को आंत का केंसर हे
कीमो चल रही है क्याखाने को दे और क्या नही
daulat ram  

26.
sir mere muh ka cancer ho sakta h mere muh me hamesa chhale hote rhate h or hoto me sujam rahti ha
Anurag dabariya  

27.
Lung censar ka ticment btao
shravan  

28.
Diet for breast cancer patients
sima  

29.
नित्य प्रात: दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से कैंसर दूर रहता है|
यह प्रयोग दिन में तीन बार सुबह दोपहर रात को खाना खाने से एक घंटा पहले करने से कैंसर रोग में भी बहुत लाभ मिलता है|
admin memorymuseum.net  

30.
Pat ka cancer ka keya elage hai kripia suaghw dai
bablu kumar  



1.
प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के बाद नीम व तुलसी के पाँच-पाँच पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है ।
admin memorymuseum.net  

2.
meri mata ji ko 8 mah se cancer hai, davaiyan khakar aur tamam tesh karakar sharir bahut hi kamjor ho gaya hai, kripa madad karen .
admin memorymusuem.net  

3.
कैंसर से पीड़ित को सुबह सूर्योदय से पहले 2 गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्मच आँवले के रस में एक चम्मच शहद डालकर पीना चाहिए । इसके 2 घंटे बाद यदि 5 पत्ते तुलसी और 5 पत्ते पुदीने का सेवन करें तो कैंसर जल्द ही बेअसर होने लगता है ।
admin memorymuseum.net  

4.
नित्य भोजन से पहले या भोजन के आधे एक घंटे के बाद लहसुन की 2 -3 कली छीलकर चबाया करें। ऐसा करने से पेट का कैंसर नहीं होता है । यदि कैंसर हो भी गया तो लगातार 2-3 माह तक नित्य खाना खाने के बाद लहसुन की 1-2 कली पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट के कैंसर में लाभ होता है।
नवीन खोजों के अनुसार कैंसर का प्रमुख कारण मानसिक तनाव है। शरीर के किस भाग में कैंसर होगा यह मानसिक तनाव के स्वरूप पर निर्भर है।
कैंसर पीड़ित व्यक्ति को नित्य अनारदाने का सेवन करना चाहिए , कैंसर के रोगी को रोटी ना खाकर मूँग का ही सेवन करना चाहिए।
admin memorymuseum.net  

5.
नित्य भोजन के आधे घंटे के बाद लहसुन की 1-2 कली छीलकर चबानी चाहिए ।इससे पेट का कैंसर नहीं होता।
कैंसर भी हो गया तो लगातार 1-2 माह तक नित्य खाना खाने के बाद आवश्यकतानुसार लहसुन की 1-2 कली चबाकर खाने / पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट के कैंसर में लाभ होता है।
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6.
किडनी की समस्या, कैंसर, डायलिसिस, रक्त में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए एक रामबाण उपाय है , इस पेय को नियमित रूप से पीने से मरणासन्न अवस्था में बिस्तर पर पड़ा हुआ रोगी भी शीघ्र ही स्वस्थ हो जाता है।

गेंहू के जवारों (गेंहू घास) का रस 50 ग्राम और गिलोय (अमृता की एक फ़ीट लम्बी व् एक अंगुली मोटी डंडी, इसके डंठल को पानी में उबालकर, मसलकर छान लें ) का रस निकालकर दोनों को एक साथ मिलाकर नित्य सुबह खाली पेट लगातार लेने से डायलिसिस में रक्त चढ़ाये में आशातीत रूप से लाभ मिलता है।

इस मिश्रण को प्रतिदिन सुबह के समय ताजा निकालकर खाली पेट घूँट घूँट करके पीना है। इसको लेने के बाद कम से कम एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाएं।
इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत बढ़ जाती है। कई प्रकार के कैंसर में चमत्कारी लाभ मिलता है। खून में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की मात्रा तेज़ी से बढ़ने लगती है। तीन मास तक इस दिव्य पेय को लगातार लेते रहने से कई असाध्य से असाध्य रोग दूर हो जाते हैं, बिस्तर पर पड़ा व्यक्ति भी चलने फिरने लायक हो जाता है ।
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7.
एक शोध के अनुसार अंगूर कैंसर के रोग रामबाण साबित हुआ है । अंगूर में शर्करा, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, फलोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैगनेशियम और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। कैंसर में अंगूर के बीजों का सेवन बहुत ही चमत्कारी माना गया है। नित्य सुबह शाम दो - दो गिलास अँगूर के जूस एवं दिन में 250 ग्राम अँगूर के बीजों का सेवन करने से कैंसर में आशातीत लाभ मिलता है । ( पहले सात दिन सुबह शाम एक एक गिलास अंगूर के जूस का सेवन करें ।
) इस उपाय को तीन माह तक लगातार करने से कीमोथरेपी भी बंद हो जाती है ।
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8.
कैंसर / ब्लड कैंसर में दालचीनी बहुत ही प्रभावी मानी जा रही है । कैंसर के मरीज नित्य एक चम्मच शहद में एक चम्मच दालचीनी मिलाकर दिन में तीन बार चाटें इससे कैंसर में बहुत ज्यादा लाभ मिलता है ।
जिनको कैंसर के साथ मधुमेह भी है उन्हें दो लीटर पानी में 4 चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर उसे धीमी आँच में उबालकर जब वह 1.5 लीटर रह जाय तो उस जल को दिन में पानी की जगह थोड़ा थोड़ा पीना चाहिए। यह जल किसी भी तरह के कैंसर में रामबाण का काम करता है ।
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9.
नित्य प्रात: या भोजन के आधा या एक घण्टे के बाद एक या दो लहसुन की कली कच्चा छीलकर चबाया करे, इससे कैंसर नही होता कैंसर हो भी गया है तो आराम मिलता है ।
कैंसर होने पर लहसुन की एक दो कली पीसकर पानी में घोलकर नित्य खाने के बाद लगातार दो माह तक पीने से पेट के कैंसर में बहुत आराम मिलता है ।
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10.
नित्य प्रात: दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से कैंसर दूर रहता है|
यह प्रयोग दिन में तीन बार सुबह दोपहर रात को खाना खाने से एक घंटा पहले करने से कैंसर रोग में भी बहुत लाभ मिलता है|
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11.
किसी भी स्टेज के कैंसर का नाश कर देंगी ये चाय, बस 3 माह तक लगातार दिन में दो बार पियें इस चाय को:---

शोध से पता चला है की पपीता कैंसर के नाश में बहुत उपयोगी है जी हाँ, सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग पर काबू पाया जा सकता है।

शोधो के अनुसार पपीता के सभी भागो फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ आदि विशेषकर पपीता की पत्तियों में कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की अभूतपूर्व शक्ति पाई जाती है। सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है
Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है।
पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को बढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है। पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने ( proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मोजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय :-
दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें,

पपीते की चाय बनाने की अलग अलग विधियाँ हैं। 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुख ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबाल लें। इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए।
अथवा पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml। करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।
पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।
पपीते की चाय ने जिन लोगों का कैंसर सही किया है, उनमें कैंसर की तीसरी और चौथी स्टेज भी थी।
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कैंसर से बचने के घरेलू उपचार

Cancer Se Bachne Ke Upay

कैंसर के क्या है लक्षण, कैसे करे उसकी जाँच , कैसे हो उससे बचाव जानने के लिए इस साइट पर अवश्य ही विज़िट करें ।

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