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कैंसर, कैंसर में सावधानियाँ
Cancer, Cancer Me sawdhaniya


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कैंसर, कैंसर से बचाव सावधानियाँ
Cancer, Cancer Se Bachhav sawdhaniya


कैंसर cancer एक घातक बीमारी है, कैंसर का बचाव cancer ka bachav ही सबसे बढ़िया इलाज है अर्थात हमें समय रहते सावधानी बरतनी चाहिए जिससे कैंसर से बचा जा सके। अगर हम समय रहते कुछ उपायों को करें, अपने दैनिक जीवन में कुछ सावधानियाँ रखे तो निश्चित रूप से कैंसर की बीमारी से बचा जा सकता है। हम यहाँ पर कुछ बाते कुछ उपाय बता रहे है जिनको करके निश्चित रूप से कैंसर से बचा जा सकता है ।

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कैंसर, कैंसर से बचने के उपाय
Cancer, Cancer Se Bachne Ke Upay


1. जाँच कराएँ :- कैंसर से बचने का सबसे बढ़िया उपाय है कि 40 - 45 वर्ष के बाद समय समय ( 6 माह के अंतराल पर ) पर कैंसर की जाँच cancer ki janch कराते रहना चाहिए या जब भी आपको ऐसा लगे कि शरीर में कुछ असमान्य बदलाव हो रहा है तो तुरंत जाँच करा लेनी चाहिए । 90% से अधिक कैंसर के केसो में समय से बीमारी का पता लगने पर मरीज़ बिलकुल ठीक हो जाते है।

2. तली हुई चीजो का सेवन कम करें :- कैंसर से बचने cancer se bachne के लिए बहुत अधिक तले हुए खाद्य पदार्थो का सेवन ना करें। विशेषकर बाजार में स्ट्रीट फ़ूड का कम ही प्रयोग करें। शोध से यह पता चला है कि बाजार में दुकानदार एक ही तेल को में बहुत ज्यादा बार किसी सामान को तलते है, तेल को बार बार गरम करने से उस तेल से कैंसर होने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त डालडा घी की जगह शुद्ध सरसों ,नारियल ,मूँगफली के तेल का सेवन करें। इससे भी कैंसर से बचाव cancer se bachaw होता है । खाने में रिफाइंड का सेवन बिलकुल भी ना करे ।

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3. दर्द निवारक दवाओं का सेवन ना करें :- ज्यादातर देखा जाता है कि हम लोग किसी भी समस्या के लिए / दर्द के लिए बिना डाक्टर की सलाह के पैन किलर / दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करते रहते है , इन दवाओं का बहुत साइड इफैक्ट भी होता है अत: कैंसर से बचाव cancer se bachaw के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन बहुत जरुरी होने पर ही करना चाहिए वह भी डाक्टर की सलाह से ही।

4. वेग को न रोकें :- बहुत से लोगो को यह आदत पड़ जाती है कि वह अपने वेगो को अर्थात मल, मूत्र के वेग को रोक लेते है और बहुत अधिक वेग का दबाव होने पर ही लैट्रिन, बाथरूम जाते है, यह भी कैंसर होने का बहुत बड़ा कारण है।अत: कैंसर से बचाव cancer se bachav, हमें किसी भी दशा में अपने वेगो को नहीं रोकना चाहिए।

5. नशे से दूर रहे :- किसी भी नशे के कारण चाहे वह सिगरेट का, शराब का या तम्बाकू का हो कैंसर होने का खतरा कई गुना बड़ जाता है, ये नशे की आदते कैंसर का बहुत बड़ा कारण है, अत: कैंसर से बचने के उपाय, cancer se bachne ke upay में सबसे जरुरी है कि इन नशे की आदतों से दूर रहना चाहिए।

6. तनाव से दूर रहें :- लगातार और अधिक तनाव भी कैंसर का कारण होता है। इसलिए कैंसर से बचाव सावधानियाँ, cancer se bachhav sawdhaniya में सबसे ज्यादा जरुरी है कि ज्यादा चिंता न करें, खुश रहें, मानसिक तनाव, दबाव से दूर रहे।

जरुर पढ़ें :- पेट साफ ना होना अर्थात कब्ज होना यह बहुत सी बिमारियों की जड़ है। इस उपाय से कब्ज से हमेशा के लिए मिलेगा छुटकारा

7. वजन नियंत्रित रखे :- शोधो से पता चला है कि अधिक वजन वाले जातको को कैंसर होने की सम्भावना अधिक होती है, वजन बढ़ने से पाचन क्रिया पर फर्क पड़ता है और शरीर में मूवमेंट भी कम हो जाता है, इसलिए कैंसर से बचाव सावधानियाँ, cancer se bachhav, sawdhaniya में आवश्यक है कि वजन पर पूरा नियंत्रण रखा जाए अर्थात वजन कम करने से भी कैंसर से बचा जा सकता है।

8. असुरक्षित यौन सम्बन्ध :- असुरक्षित और अधिक लोगो से यौन सम्बन्ध बनाने से भी कैंसर का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। क्योंकि पता नहीं दूसरे को क्या बीमारी हो, अत: अपने पार्टनर से ही यौन सम्बन्ध बनायें। इससे भी कैंसर का खतरा cancer ka khatra कम रहता है।

9. योगासन करें :- योग द्वारा कैंसर से बचा जा सकता है। बहुत से वैज्ञानिको ने यह पता लगाया है कि योग द्वारा पूरे शरीर का काया कल्प होता है जो लोग नियमित रूप से योगासन करते है उन्हें कैंसर जैसे घातक बीमारी होने की संभावना बहुत ही कम रहती है।

10. प्राणायाम करें :- प्राणायाम किसी भी रोग को रोकने में बहुत सक्षम माना गया है। बहुत से शोधो से यह सिद्ध हो चूका है कि नित्य प्राणायाम करने, अनुलोम विलोम , कपालभाती इन दोनों प्राणायाम को करने से कोई भी बीमारी पास नहीं आती है और अगर कोई बीमारी है भी तो उससे शीघ्र ही छुटकारा मिलता है।

अत: इससे स्पष्ट है कि इन बातो को ध्यान में रखकर निश्चित ही कैंसर का खतरा cancer ka khatra कम किया जा सकता है।



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इस साइट के सभी आलेख शोधो, आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है। किसी भी बीमारी में आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें,असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी ।

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  • Admin Reply
1.
Blood cancer
Ashish   

2.
Mujhe bhut dino se muh me chhale hai.. Muh fika fika rehta h. Brown and white patches v gaal me dikhte h aur jiv ke side me v brown hogya hai... Kya kru.. Kya ye cancer hai
Hritesh Ratan   

3.
सर जीभ में लाल रंग का धब्बा हो गया है और आज से दर्द होने लगा है उपाय बताए
Saurabh saini  

4.
किसी भी स्टेज के कैंसर का नाश कर देंगी ये चाय, बस 3 माह तक लगातार दिन में दो बार पियें इस चाय को:---

शोध से पता चला है की पपीता कैंसर के नाश में बहुत उपयोगी है जी हाँ, सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग पर काबू पाया जा सकता है।

शोधो के अनुसार पपीता के सभी भागो फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ आदि विशेषकर पपीता की पत्तियों में कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की अभूतपूर्व शक्ति पाई जाती है। सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है
Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है।
पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को बढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है। पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने ( proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मोजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय :-
दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें,

पपीते की चाय बनाने की अलग अलग विधियाँ हैं। 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुख ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबाल लें। इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए।
अथवा पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml। करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।
पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।
पपीते की चाय ने जिन लोगों का कैंसर सही किया है, उनमें कैंसर की तीसरी और चौथी स्टेज भी थी।
admin memorymuseum.net  

5.
cancer m अडा kha skte h ya nhi
rahul  

6.
mere pair me hua tha usko surgery karaya hu to khane me kya kya mana he aur kya khana chahie
kanhei lal sahu  

7.
Bacha dani me kansar
soni kumari  

8.
Meri ma ko brest cancer ka frist stage h chemotherapy chl rhi unke Khane ke liye btaye jo asani se Pch jaye vomit bhot ho rhi h to
Tejasvini   

9.
कैंसर
Rishipal   

10.
Cancer hai muje
pawan Raikwar  

11.
maa ko cancer hai chemo chal raha hai ab ham kya khane me de plz batao ager pta hai to kisi ki life ka sawal hai
Atul kumar  

12.
Blood cancer ka rupay batye




8271646947
Arbind  

13.
kensar
amit kapoor  

14.
kensar
amit kapoor  

15.
kensar
amit kapoor  

16.
kensar
amit kapoor  

17.
kensar
amit kapoor  

18.
Agar bisbas nhi hai to call kar ke dekho khud hi pata chal jaye ga mudde lakh bura chahe to kya hota hai bohi hita hai manjure khuda hota hai kya pata upar bala fariste ke rup mai kise ko bhaij hi dete hai bisbas karna hoga aapko ok email no-raj97svpsl@gmail.com
Dr Amit Raj  

19.
Aupay to har bimari ka hai mere pas janna hai to email ya phone kare 8862997163 8804196911 har bimari ka jar se ilaz h mere pas hai agar bisbas kar paye to kyu ki dekheye bhagban ko to kise ne dekha nhi hai magar phir bhi bisbas hai ki bhagban hote h ise parkar har bimari ka ilaz h magar bisbas karne par success hota hai ok janna hai to kariye nhi to koi baise to
ham bahut busy rahte petion marij ko dekhne mai
Amit raj  

20.
Aupay to har bimari ka hai mere pas janna hai to email ya phone kare 8862997163 8804196911 har bimari ka jar se ilaz h mere pas hai agar bisbas kar paye to kyu ki dekheye bhagban ko to kise ne dekha nhi hai magar phir bhi bisbas hai ki bhagban hote h ise parkar har bimari ka ilaz h magar bisbas karne par success hota hai ok janna hai to kariye nhi to koi baise to
ham bahut busy rahte petion marij ko dekhne mai
Amit raj  

21.
Canser
RAkesh kumsr  

22.
मेरे पिता जी को आंत का केंसर हे
कीमो चल रही है क्याखाने को दे और क्या नही
daulat ram  

23.
sir mere muh ka cancer ho sakta h mere muh me hamesa chhale hote rhate h or hoto me sujam rahti ha
Anurag dabariya  

24.
Lung censar ka ticment btao
shravan  

25.
Diet for breast cancer patients
sima  

26.
नित्य प्रात: दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से कैंसर दूर रहता है|
यह प्रयोग दिन में तीन बार सुबह दोपहर रात को खाना खाने से एक घंटा पहले करने से कैंसर रोग में भी बहुत लाभ मिलता है|
admin memorymuseum.net  

27.
Pat ka cancer ka keya elage hai kripia suaghw dai
bablu kumar  

28.
arre sir JI sawdhaniya to bataye
mahraj gupta  

29.
BawasirBawasir apsist me khun aana
momanram  

30.
Food nai cancer
Vikas rai  



1.
प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के बाद नीम व तुलसी के पाँच-पाँच पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है ।
admin memorymuseum.net  

2.
meri mata ji ko 8 mah se cancer hai, davaiyan khakar aur tamam tesh karakar sharir bahut hi kamjor ho gaya hai, kripa madad karen .
admin memorymusuem.net  

3.
कैंसर से पीड़ित को सुबह सूर्योदय से पहले 2 गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्मच आँवले के रस में एक चम्मच शहद डालकर पीना चाहिए । इसके 2 घंटे बाद यदि 5 पत्ते तुलसी और 5 पत्ते पुदीने का सेवन करें तो कैंसर जल्द ही बेअसर होने लगता है ।
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4.
नित्य भोजन से पहले या भोजन के आधे एक घंटे के बाद लहसुन की 2 -3 कली छीलकर चबाया करें। ऐसा करने से पेट का कैंसर नहीं होता है । यदि कैंसर हो भी गया तो लगातार 2-3 माह तक नित्य खाना खाने के बाद लहसुन की 1-2 कली पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट के कैंसर में लाभ होता है।
नवीन खोजों के अनुसार कैंसर का प्रमुख कारण मानसिक तनाव है। शरीर के किस भाग में कैंसर होगा यह मानसिक तनाव के स्वरूप पर निर्भर है।
कैंसर पीड़ित व्यक्ति को नित्य अनारदाने का सेवन करना चाहिए , कैंसर के रोगी को रोटी ना खाकर मूँग का ही सेवन करना चाहिए।
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5.
नित्य भोजन के आधे घंटे के बाद लहसुन की 1-2 कली छीलकर चबानी चाहिए ।इससे पेट का कैंसर नहीं होता।
कैंसर भी हो गया तो लगातार 1-2 माह तक नित्य खाना खाने के बाद आवश्यकतानुसार लहसुन की 1-2 कली चबाकर खाने / पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट के कैंसर में लाभ होता है।
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6.
किडनी की समस्या, कैंसर, डायलिसिस, रक्त में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए एक रामबाण उपाय है , इस पेय को नियमित रूप से पीने से मरणासन्न अवस्था में बिस्तर पर पड़ा हुआ रोगी भी शीघ्र ही स्वस्थ हो जाता है।

गेंहू के जवारों (गेंहू घास) का रस 50 ग्राम और गिलोय (अमृता की एक फ़ीट लम्बी व् एक अंगुली मोटी डंडी, इसके डंठल को पानी में उबालकर, मसलकर छान लें ) का रस निकालकर दोनों को एक साथ मिलाकर नित्य सुबह खाली पेट लगातार लेने से डायलिसिस में रक्त चढ़ाये में आशातीत रूप से लाभ मिलता है।

इस मिश्रण को प्रतिदिन सुबह के समय ताजा निकालकर खाली पेट घूँट घूँट करके पीना है। इसको लेने के बाद कम से कम एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाएं।
इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत बढ़ जाती है। कई प्रकार के कैंसर में चमत्कारी लाभ मिलता है। खून में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की मात्रा तेज़ी से बढ़ने लगती है। तीन मास तक इस दिव्य पेय को लगातार लेते रहने से कई असाध्य से असाध्य रोग दूर हो जाते हैं, बिस्तर पर पड़ा व्यक्ति भी चलने फिरने लायक हो जाता है ।
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7.
एक शोध के अनुसार अंगूर कैंसर के रोग रामबाण साबित हुआ है । अंगूर में शर्करा, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, फलोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैगनेशियम और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। कैंसर में अंगूर के बीजों का सेवन बहुत ही चमत्कारी माना गया है। नित्य सुबह शाम दो - दो गिलास अँगूर के जूस एवं दिन में 250 ग्राम अँगूर के बीजों का सेवन करने से कैंसर में आशातीत लाभ मिलता है । ( पहले सात दिन सुबह शाम एक एक गिलास अंगूर के जूस का सेवन करें ।
) इस उपाय को तीन माह तक लगातार करने से कीमोथरेपी भी बंद हो जाती है ।
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8.
कैंसर / ब्लड कैंसर में दालचीनी बहुत ही प्रभावी मानी जा रही है । कैंसर के मरीज नित्य एक चम्मच शहद में एक चम्मच दालचीनी मिलाकर दिन में तीन बार चाटें इससे कैंसर में बहुत ज्यादा लाभ मिलता है ।
जिनको कैंसर के साथ मधुमेह भी है उन्हें दो लीटर पानी में 4 चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर उसे धीमी आँच में उबालकर जब वह 1.5 लीटर रह जाय तो उस जल को दिन में पानी की जगह थोड़ा थोड़ा पीना चाहिए। यह जल किसी भी तरह के कैंसर में रामबाण का काम करता है ।
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9.
नित्य प्रात: या भोजन के आधा या एक घण्टे के बाद एक या दो लहसुन की कली कच्चा छीलकर चबाया करे, इससे कैंसर नही होता कैंसर हो भी गया है तो आराम मिलता है ।
कैंसर होने पर लहसुन की एक दो कली पीसकर पानी में घोलकर नित्य खाने के बाद लगातार दो माह तक पीने से पेट के कैंसर में बहुत आराम मिलता है ।
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10.
नित्य प्रात: दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से कैंसर दूर रहता है|
यह प्रयोग दिन में तीन बार सुबह दोपहर रात को खाना खाने से एक घंटा पहले करने से कैंसर रोग में भी बहुत लाभ मिलता है|
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11.
किसी भी स्टेज के कैंसर का नाश कर देंगी ये चाय, बस 3 माह तक लगातार दिन में दो बार पियें इस चाय को:---

शोध से पता चला है की पपीता कैंसर के नाश में बहुत उपयोगी है जी हाँ, सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग पर काबू पाया जा सकता है।

शोधो के अनुसार पपीता के सभी भागो फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ आदि विशेषकर पपीता की पत्तियों में कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की अभूतपूर्व शक्ति पाई जाती है। सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है
Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है।
पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को बढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है। पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने ( proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मोजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय :-
दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें,

पपीते की चाय बनाने की अलग अलग विधियाँ हैं। 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुख ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबाल लें। इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए।
अथवा पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml। करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।
पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।
पपीते की चाय ने जिन लोगों का कैंसर सही किया है, उनमें कैंसर की तीसरी और चौथी स्टेज भी थी।
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कैंसर से बचने के घरेलू उपचार

Cancer Se Bachne Ke Upay

कैंसर के क्या है लक्षण, कैसे करे उसकी जाँच , कैसे हो उससे बचाव जानने के लिए इस साइट पर अवश्य ही विज़िट करें ।