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बहुमूत्रता, बार बार पेशाब आना, bar bar peshab aana


बार बार पेशाब आना, Bar bar peshab aana


कई बार लोगो को बार बार पेशाब आता है यह समस्या सर्दियों में अधिक होने लगती है। विशेषकर 50 वर्ष के अधिक उम्र के लोगो को इस समस्या का सामना ज्यादा करना पड़ता है। इस कारण कई बार शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है, यात्रा में भी बहुत दिक्कत आती है। बार-बार पेशाब का आना  बहुमूत्रता कहलाता है। इस कारण से रात में ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि बार-बार उठने से नींद पूरी नहीं हो पाती है इसलिए स्वभाव में चिड़चिड़ा पन भी आने लगता है।  

वैसे तो पेशाव आना बढ़िया बात हैं क्योकि इससे हमारे शरीर के हानिकारक और विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और शरीर साफ़ होता हैं लेकिन अधिक मात्रा में पेशाब होने के कारण शरीर से आहार के पोषक तत्व निकलने लगते हैं, जिससे शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस करताहोने लगती है तथा किडनी में भी असर होने लगता है। 


बहुमूत्रता, बार बार मूत्र आने का कारण 

Bahumutrta, Bar bar mutr ane ka karan



सर्दियों में अधिक पेशाव आने का एक कारण मूत्र मार्ग में का संकुचित होना भी है।  सर्दियों में तापमान के कम होने के कारण मूत्र मार्ग संकुचित हो जाता हैं जिसके कारण भी अधिक पेशाव आता हैं। इसके अतिरिक्त मधुमेह, टेस्ट ग्रंथि का बढ़ जाना , प्रेगनेंसी, मूत्र मार्ग में संक्रमण, महिलाओं में माहवारी में दिक्क्त आने आदि के कारण भी बहुमूत्र की समस्या हो जाती है। अधिक चाय, कॉफ़ी, शराब और ठंडे पेय पदार्थो के सेवन, ठंडे पानी में भीगने से भी अधिक पेशाब आने की शिकायत हो जाती है।

बहुत से लोग इसे कोई परेशानी या बीमारी नहीं समझते है और इसमें बहुत लापरवाही से काम लेते है जो बहुत हानिकारक हो सकता है। 


बहु मूत्र के उपचार :- Bahu mutr ke upchar 


 बहु मूत्र की समस्या होने पर दिन में दो बार एक चम्मच अजवाइन को नमक के साथ खाकर उसके ऊपर पानी पी लें। इस उपाय से बहु मूत्र में  आराम मिलता है।

 सर्दियों के मौसम में मेथी बहुताय मिलती है।  सर्दियों में कुछ दिनों तक लगातार मेथी का साग खाने से भी अधिक पेशाब आने की समस्या दूर होती है। 

 बहु मूत्र में पालक का साग भी बहुत लाभदायक है।  पालक का साग खाने से बार बार पेशाब आने की समस्या से निजात मिलती है। सर्दियों में 12-15 तक लगातार एक कटोरी पालक का साग खाएं।

 बार बार पेशाब आने पर एक चम्मच आंवले के रस में हल्दी की एक चुटकी मिलाकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पी लें। इस उपाय से बार बार पेशाब आना बंद हो जाता है।

 सर्दियों के मौसम में मूली बहुत मिलती है।  सर्दियों में नित्य प्रात: मूली को सलाद के रूप में लेने से बहुमूत्र की शिकायत दूर होती है। 

 नित्य सुबह अदरक का ताजा रस सेवन करने से मूत्र रुकता नहीं है वरन एक ही बार में बाहर निकल जाता है। इससे बार बार मूत्र की शिकायत दूर होती है। 

 आंवले के सूखे चूर्ण को गुड़ के साथ मिलाकर लेने से भी खुलकर पेशाब आता है, बार बार पेशाब की शिकायत नहीं होती है। 

 आधे किलो भुने हुए काले तिल में 150 ग्राम आंवला पाउडर मिला दे फिर उसमें इतना ही गुड़ मिलाकर उसके लड्डू बनायें।  इसका नित्य सुबह सेवन करे फिर आधे घंटे तक कुछ भी ना खाएं ना पियें।  इससे कुछ ही दिनों में बहु मूत्र की परेशानी समाप्त हो जाती है।  

 बार बार पेशाब आने पर अंगूर का सेवन अत्यधिक लाभदायक है। नित्य 100 - 100 ग्राम अंगूर दिन में दो बार खाने से बहु मूत्र की परेशानी दूर होती है। 

 अगर बच्चा अधिक / बार बार पेशाब करे तो एक चौथाई चम्मच जायफल को घिसकर उसे बच्चे को चटाकर ऊपर से दूध पिला दें। इस उपाय को 3 से 4 दिन करने से बहु मूत्र की शिकायत दूर होती है।

  रात को सोते समय पिसी दालचीनी को फांक कर उसके ऊपर पानी पीने से बार-बार पेशाब आने की समस्या में आराम मिलता है।

 चाय, कॉफ़ी, शराब, बीयर और ठंडे पेय आदि का थोड़ी मात्रा में सेवन करें या इन्हे पीना बंद कर दें । इससे भी बार बार पेशाब आने की समस्या दूर होती है। 


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Published By : MemoryMuseum
Updated On : 2018-12-10 16:31:09




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