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हे माँ अष्टलक्ष्मी आप अपने भक्तो पर कृपा द्रष्टि बनाते हुए उनकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने की कृपा करें , उन्हें धन, यश, सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और कार्यो में श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। हे माँ अष्टलक्ष्मी आपकी सदा जी जय हो।

Kalash One Image अष्टलक्ष्मी Kalash One Image


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देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी है । हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी लक्ष्मी हमारे जीवन में काफी महत्व है। अष्ट लक्ष्मी हमें धन, विद्या, वैभव, शक्ति और सुख प्रदान करती हैं। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिये माँ लक्ष्मी के अष्टरुपों का नियमित स्मरण करना शुभ फलदायक माना गया है।
अष्टलक्ष्मी के दर्शन, आराधना करने से व्यक्ति को धन और सुख-समृ्द्धि दोनों की प्राप्ति होती है, घर-परिवार में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है, व्यापार में वृद्धि व धन में बढोतरी होती है। माँ श्री अष्टलक्ष्मी साधना में भौतिक ऐश्वर्यों की अलग अलग आठ शक्तियों की साधना की जाती है जिन्हें इस जगत में अष्टलक्ष्मी के नाम से जाना जाता है।

व्यापार , कारोबार में आशातीत सफलता के लिए, उल्लेखनीय वृद्धि के लिए अष्टलक्ष्मी साथ में श्री यंत्र की पूजा अत्यंत लाभकारी रहती है। इसके लिए ईशान कोण में माता लक्ष्मी कि चांदी की प्रतिमा या तस्वीर लगाकर साथ में श्री यंत्र भी स्थापित करना चाहिए । ( समान्यता अष्टलक्ष्मी की तस्वीर में ही श्री यंत्र भी होता है ) श्री लक्ष्मी जी की पूजा में विशेष रुप से श्वेत वस्तुओं का प्रयोग करना शुभ कहा गया है. पूजा में श्वेत वस्तुओं का प्रयोग करने से माता शीघ्र प्रसन्न होती है।
शुक्रवार को तो विशेष रूप से माँ लक्ष्मी को कमल या लाल , सफ़ेद पुष्प ,धूप, दीप, गंध, इत्र, अष्टगंध अर्पित करते हुए घी का दीपक जलाकर सफ़ेद मिष्ठान / खीर का भोग लगाना चाहिए ।

माँ अष्ट लक्ष्मी की नवरात्री में या शुक्रवार के दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हुये कमलगट्टे की माला से पीले, लाल या गुलाबी आसान पर इन्ही रंगों के वस्त्र धारण करके उत्तर दिशा की तारफ मुख करके अष्टलक्ष्मी मन्त्र का जप करने से माँ अष्टलक्ष्मी की कृपा वर्ष भर बनी रहती है।
जातक को जीवन में सभी तरह के सुख प्राप्त होते है कभी भी कोई आभाव नहीं होता है। लक्ष्मी पूजा में दक्षिणा और पूजा में रखने के लिये धन के रुप में सिक्कों का प्रयोग करना चाहिए।

om-logo श्री आदि लक्ष्मी :- ये जीवन के प्रारंभ और आयु को संबोधित करती है , इनकी आराधना से समस्त प्रकार की तुष्टि - पुष्टि व शान्ति प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है , तथा इनका मंत्र है :- ॐ श्रीं आद्य लक्ष्म्यै नम :॥

om-logo श्री धान्य लक्ष्मी :- ये जीवन में धन और धान्य को संबोधित करती है , माँ लक्ष्मी के इस स्वरूप की आराधना करने से माँ धान्य लक्ष्मी के रूप में अपने भक्तों की समस्त आर्थिक समस्याओं और दरिद्रता का नाश कर उन्हें सख समृद्धि प्रदान करते हुए घर , कारोबार में बरकत देती हैं, तथा इनका मंत्र है "ॐ श्री धान्य लक्ष्म्यै नमः"॥

om-logo श्री धैर्य लक्ष्मी :- ये जीवन में आत्मबल और धैर्य को संबोधित करती है , इनकी आराधना से समस्त प्रकार की आन्तरिक व मानसिक क्षमताओं तथा धैर्य व धर्म प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है इनका मंत्र है "ॐ श्री धैर्य लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo श्री गज लक्ष्मी :- ये जीवन में स्वास्थ और बल को संबोधित करती है, माँ के गज स्वरूप की पूजा करने से समस्त प्रकार के पशु , हाथी, घोड़ा, आधुनिक वाहन आदि प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है इनका मंत्र है "ॐ श्री गज लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo श्री संतान लक्ष्मी :- ये जीवन में परिवार और संतान को संबोधित करती है, इनकी आराधना से संतान योग्य और आज्ञाकारी होती है । माँ संतान लक्ष्मी की कृपा से वंश वृद्धि व उत्तम गुणों से युक्त सन्तान प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है । इनका मन्त्र है "ॐ श्री संतान लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo श्री विजय लक्ष्मी :- ये जीवन में जीत और वर्चस्व को संबोधित करती है । इनकी आराधना से जातक को इस भौतिक संसार में समस्त क्षेत्रो में विजय मिलती है । इनकी कृपा से समस्त परिस्तिथियों एवं रोग आदि पर विजय प्राप्त होती है । इनका मन्त्र है "ॐ श्री विजय लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logoश्री विद्या लक्ष्मी :- ये जीवन में बुद्धि और ज्ञान को संबोधित करती है । माँ के श्री विद्या लक्ष्मी स्वरूप की आराधना से जीवन में समस्त प्रकार के ज्ञान, बुद्धि, विद्या, वाकपटुता आदि प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है । इनका मन्त्र है "ऊँ श्री विद्यालक्ष्म्यै नम :"॥

om-logoश्री ऐश्वर्य लक्ष्मी :- ये जीवन में प्रणय और भोग को संबोधित करती है । माँ के श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी स्वरूप की आराधना करने से समस्त प्रकार के रत्न, सुख-समृद्धि, राज्यसुख , ऐश्वर्य आदि प्राप्त होने के मार्ग प्रशस्त होते है । इनका मन्त्र है "ॐ श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी नमः"॥

श्री अष्ट लक्ष्मी की साधना से जीवन में अतुल धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है । जातक की आयु में वृद्धि होती है। समाज में सम्मान प्राप्त होता है। बुद्दि कुशाग्र होती है, व्यक्ति निरोगी होता है, घर में सुख शांति और जीवन में धन वैभव आता है।

Kalash One Image माँ अष्टलक्ष्मी मन्त्र Kalash One Image


om-logoॐ श्रीं आद्य लक्ष्म्यै नम :॥

om-logo"ॐ श्री धान्य लक्ष्म्यै नमः"॥

om-logo"ॐ श्री धैर्य लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo"ॐ श्री गज लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo "ॐ श्री संतान लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo "ॐ श्री विजय लक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo"ऊँ श्री विद्यालक्ष्म्यै नम :"॥

om-logo"ॐ श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी नमः"॥

नवरात्र या शुक्रवार के बाद इस मन्त्र का नित्य 11 या 21 बार अवश्य ही जाप करते रहे ।

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पं० कृष्णकुमार शास्त्री

Published By : Memory Museum
Updated On : 2018-10-05 07:13:55 PM
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