Memory Alexa Hindi

अक्षय तृतीया

akshay-tritiya-1

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया 2018 Kalash Fifth Image
Kalash Fifth Image Akshay Tritiya 2018 Kalash Fifth Image


akshay-tritiya-ka-mahatwa



Kalash Fifth Image अक्षय तृतीय का महत्व Kalash Fifth Image
Kalash Fifth Image Akshay Tritiya Ka Mahtv Kalash Fifth Image


“न क्षयति इति अक्षय” अर्थात जिसका कभी क्षय न हो उसे अक्षय कहते हैं और वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। इसी दिन भगवान परशुरामका जन्म होनेके कारण इस दिन परशुराम जयंती parshuram jayanti मनाई जाती है। अक्षय तृतीया के दिन गंगा-स्नान करने एवं भगवान श्री कृष्ण को चंदन लगाने से है।

मान्यता है कि इस दिन जिनका परिणय-संस्कार होता है उनका सौभाग्य अखंड रहता है। इस दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान करने, श्री सूक्त के पाठ के साथ हवन करने का भी विधान है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से माँ अवश्य ही कृपा करती है जातक को अक्षय पुण्य के साथ उसका जीवन धन-धान्य से भर जाता है।

जानिए क्या है अक्षय तृतीया Akshaya Tritiya का महत्व, akshaya tritiya ka mahtv, अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है, akshay tritiya kyu manayen jate hai, अक्षय तृतीया के दिन क्या करें, akshaya tritiya ke din kya karen

Kalash Fifth Image जो मनुष्य इस दिन गंगा स्नान/ पवित्र नदियों में स्नान करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। यदि घर पर ही स्नान करना पड़े तो सूर्य उदय से पूर्व उठ कर एक बाल्टी में जल भर कर उस में गंगा जल मिला कर स्नान करना चाहिए । 

Kalash Fifth Image इस दिन भगवान श्रीकृष्ण / श्री विष्णु जी की पूजा , होम-हवन, जप, दान करने के बाद पितृतर्पण भी अवश्य ही करना चाहिए। इस दिन जल में तिल, अक्षत, गंगा जल, शहद, तुलसी डाल कर देवताओं और पितरो का तर्पण करने से पितृ अति प्रसन्न होते है, उनका आशीर्वाद मिलता है। तिल अर्पण करते समय भाव रखना चाहिए कि ‘हम यह ईश्वर द्वारा सद्बुद्धि देने, कृपा के कारण ही कर पा रहे है। अर्थात तर्पण के समय साधक के मन में किसी भी तरह अहंकार नहीं आना चाहिए।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्‍णु के छठें अवतार कहे जाने वाले भगवान परशुराम जी का जन्‍म महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर हुआ था। इसी कारण अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जी एवं भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है।

Kalash Fifth Image मान्यता है कि इस दिन राजा भागीरथ की घोर तपस्या के बाद मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरीत हुई थीं और राजा भागीरथ के सभी पूर्वजो को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी । इस दिन पवित्र गंगा में डूबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया के दिन मां अन्नपूर्णा का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इसीलिए इस दिन गरीब, असहायों को खाना खिलाने से बहुत पुण्य की प्राप्ति होती है।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया के अवसर पर ही म‍हर्षि वेदव्‍यास जी ने महाभारत लिखना शुरू किया था। महाभारत को हिंदू धर्म शास्त्रों में पांचवें वेद के रूप में माना जाता है। महाभारत में ही श्रीमद्भागवत गीता भी समाहित है।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया के दिन श्रीमद्भागवत गीता के 18 वें अध्‍याय का पाठ अवश्य ही करना चाहिए। इस दिन गीता के 18 वें अध्‍याय का पाठ करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

Kalash Fifth Image यह भी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही धर्मराज युधिष्ठर को 'अक्षय पात्र' की प्राप्ति भी हुई थी। 'अक्षय पात्र' की विशेषता यह थी कि इसमें भोजन कभी भी समाप्त नहीं होता था।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया Akshaya Tritiya के दिन भगवान विष्णु को सत्तू का भोग लगाया जाता है और प्रसाद में इसे ही बांटा जाता है। इस दिन प्रत्येक मनुष्य सत्तू अवश्य खाना चाहिए।

Kalash Fifth Image आज के दिन भगवान विष्णु को मिश्री और भीगी हुई चने की दाल का भोग लगया जाता है ।

Kalash Fifth Image इस दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है।

Kalash Fifth Image इसी दिन श्री बद्रीनारायण के पट खुलते हैं।

Kalash Fifth Image नर-नारायण ने भी इसी दिन अवतार लिया था।

Kalash Fifth Image श्री परशुरामजी का अवतरण भी इसी दिन हुआ था।

Kalash Fifth Image हयग्रीव का अवतार भी इसी दिन हुआ था।

Kalash Fifth Image वृंदावन के श्री बांकेबिहारीजी के मंदिर में केवल इसी दिन श्रीविग्रह के चरण-दर्शन होते हैं अन्यथा पूरे वर्ष वस्त्रों से ढंके रहते हैं।

Kalash Fifth Image शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीय के दिन ही भगवान कृष्ण और सुदामा का मिलन हुआ था और सुदामा का भाग्य बदल गया था।

Kalash Fifth Image ब्रह्मा जी के पुत्र श्री अक्षय कुमार का आज ही के दिन अवतरण हुआ था ।

Kalash Fifth Image आज ही के दिन कुबेर देव को अतुल ऐश्वर्य की प्राप्ति हुई थी वह देवताओं के कोषाध्यक्ष बने थे ।

Kalash Fifth Image इस दिन गंगा-स्नान /नदी सरोवर में स्नान करने तथा भगवान श्री कृष्ण को चंदन लगाने का विशेष महत्व है।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया Akshaya Tritiya के दिन ही गणेश जी ने भगवान व्यास के साथ इसी दिन से महाभारत लिखना शुरू किया था।

Kalash Fifth Image इस दिन महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान किये जाते है। इस दिन श्री सूक्त , लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करने से माँ लक्ष्मी यथाशीघ्र प्रसन्न होती है, जातक धन-धान्य से परिपूर्ण हो ऐश्वर्य को प्राप्त करता है।

Kalash Fifth Image शास्त्रों के अनुसार आज अक्षय तृतीय के दिन ही महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।

Kalash Fifth Image शुभ व पूजनीय कार्य इस दिन होते हैं, जिनसे प्राणियों (मनुष्यों) का जीवन धन्य हो जाता है।

Kalash Fifth Image भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है कि यह तिथि परम पुण्यमय है। इस दिन दोपहर से पूर्व स्नान, जप, तप, होम, स्वाध्याय, पितृ-तर्पण तथा दान आदि करने वाला महाभाग अक्षय पुण्यफल का भागी होता है।

Kalash Fifth Image इस दिन भगवान बद्रीनाथ को अक्षय (साबुत ) चावल चढ़ाने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

इस दिन अपने सामर्थ के अनुसार अपने माता पिता ,बड़े बुजुर्ग और अपने गुरु को उपहार देकर उनका आशीर्वाद अवश्य ही लेना चाहिए , उनके साथ कुछ समय भी बिताना चाहिए । इस दिन मिला हुआ आशीर्वाद वरदान साबित होता है , और जीवन में सच्चे ह्रदय से मिले आशीर्वाद का कोई भी मोल नहीं है ।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया Akshaya Tritiya पर यह ना करें Kalash Fifth Image
Kalash Fifth Image Akshay tritya par yah na Karen Kalash Fifth Image


Kalash Fifth Image भविष्य पुराण में बताया गया है कि अक्षय तृतीया के दिन व्यक्ति जो भी काम करता है उसका परिणाम इस जन्म में ही नहीं बल्कि कई-कई जन्मों तक प्राप्त होता है।

Kalash Fifth Image इसलिए अक्षय तृतीया के दिन कुछ भी करने से पहले यह सोच लें कि आप जो कर रहे हैं उसका परिणाम क्या होगा।

Kalash Fifth Image अक्षय तृतीया के दिन लालच के कारण किसी को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं,क्रोध या हिंसा करते है किसी का तिरस्कार करते है या काम वासना से पीड़ित होकर कोई गलत काम करते है तो इसका कष्टकारी परिणाम भी आपको कई जन्मों तक भुगतना पड़ता है।



pandit-ji

पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

Ad space on memory museum