Home Hindi पवित्र स्थान गगुरुद्वारा ननकाना साहिब | Gurudwara Nankana Sahib

गगुरुद्वारा ननकाना साहिब | Gurudwara Nankana Sahib

गगुरुद्वारा ननकाना साहिब
Gurudwara Nankana Sahib

ननकाना साहब पाकिस्तान के पंँजाब प्रान्त के शेखपुरा जिले में स्थित है। पहले इसे राय-भोई-दी तलबन्डी’ के नाम से जाना जाता था। यह जगह लाहौर से 80 कि0मी0 दूर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इसकी जनसंख्या लगभग 60000 है। यही पर सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल सन् 1469 ई0 को एक हिन्दु परिवार में हुआ था। गुरू नानक देव का जन्म दिवस प्रकाशपर्व के रूप में कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरी श्रद्धा से मनाया जाता है।

चूँकि यह स्थान गुरू नानक देव जी का जन्म स्थान है अतः यह विश्व भर के सिक्खों का पवित्र एतिहासिक स्थान एवं प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहाँ का गुरूद्वारा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसी जगह बाद में गुरू अर्जुन देव तथा गुरू हरगोविन्द सिंह जी भी आये थे।
गुरू नानक देव जी ने जीवन भर हिन्दु, मुस्लिम एकता पर जोर दिया था। उन्होंने एक नये धर्म सिक्ख धर्म की स्थापना की थी। सिक्ख कहते है शिष्य को चेले को।

गुरू नानक देव जी का सारा जीवन धर्म का उपदेश देते हुये बीता। उन्होंने देश विदेश का भ्रमण भी खूब किया, उन्होंने ना केवल सम्पूर्ण भारत वरन् बगदाद, सउदी अरब, मक्का मदीना आदि तक की यात्रा की। अपनी यात्राओं में वह तमाम साधु-सन्तों तथा फकीरों से मुलाकात करते थे। गुरू नानक देव जी मानते थे ‘सब घट ब्रह्यनिवासा है’ अर्थात सब बराबर है कोई भी छोटा बड़ा नहीं है उन्होंने हमेशा समाज के निचले तबके के लोगों को बराबरी का दर्जा एवं सम्मान दिया था। उनकी शिक्षाओं में तीन बाते प्रमुख हैः- पहला जप अर्थात प्रभु का ध्यान करना, दूसरा कीरत अर्थात अपना कार्य करना, तीसरा जरूरतमंदों की मदद करना। गुरू नानक देव जी ने हमेशा सामाजिक एवं धार्मिक ढकोसलों एवं आडम्बरों का विरोध किया था।

गुरू नानक देव जी 25 सितम्बर 1539 ई0 को अपना शरीर त्याग दिया था, कहते है उनके निधन के बाद उनकी अस्थियों की जगह फूल मिले थे इन फूलों का हिन्दु तथा मुसलमान श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी धार्मिक परम्पराओं एवं मान्यता के अनुसार अंतिम संस्कार किया था। ननकाना साहब गुरूद्वारे के निकट ही गुरूद्वारा बाल लीला गुरूद्वारा साहिब पट्टी, गुरूद्वारा किथरा साहब, गुरूद्वारा, साहिब जी मल, गुरूद्वारा तम्बू साहब आदि अति पवित्र एवं दर्शनीय गुरूद्वारे है।

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Pandit Jihttps://www.memorymuseum.net
MemoryMuseum is one of the oldest and trusted sources to get devotional information in India. You can also find various tools to stay connected with Indian culture and traditions like Ram Shalaka, Panchang, Swapnphal, and Ayurveda.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

How To Copy A Live WordPress Site To Localhost Manually (2)

You can select what widgets to display in the how to speed up wordpress sidebar and footer. With widgets providing easy drag and drop...

रविववार के शुभ -अशुभ मुहूर्त | Raviwar Ke Shub -Ashubh Muhurt

आज का शुभ मुहूर्तAaj Ka Shubh Muhurt अपने कार्यो में श्रेष्ठ फलो की प्राप्ति के लिए जानिए आज का...

शनिवार के शुभ -अशुभ मुहूर्त | Shaniwar Ke Shub -Ashubh Muhurt

आज का शुभ मुहूर्तAaj Ka Shubh Muhurt अपने कार्यो में श्रेष्ठ फलो की प्राप्ति के लिए जानिए आज का...

शुक्रवार के शुभ -अशुभ मुहूर्त | Shukrwar Ke Shub -Ashubh Muhurt

आज का शुभ मुहूर्तAaj Ka Shubh Muhurt अपने कार्यो में श्रेष्ठ फलो की प्राप्ति के लिए जानिए आज का...

Recent Comments