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रविवार का राशिफल
रविवार का राशिफल
जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन, आज किन राशि वालो पर है भाग्य की देवी का आशीर्वाद, और किन राशि वाले जातको को रहना होगा सावधान, पंडित कृष्ण कुमार शास्त्री जी से जानिए आज रविवार का क्या है भाग्यशाली उपाय और आज आपका भाग्य कितने प्रतिशत आपका साथ दे रहा है, जानिए आज का राशिफल, रविवार का राशिफल
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रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग
सूर्य मन्त्र :- "ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः"।। आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दिन रविवार है। रविवार को सूर्य देव को प्रात: ताम्बे के बर्तन में जल में रोली, गुड़, अक्षत और लाल पुष्प डालकर अर्घ्य दें एवं आदित्यह्रदय स्तोत्रम का पाठ करें । रविवार को मीठा भोजन करें। रविवार को बेलपत्र के वृक्ष की पूजाकरने से पापो का नाश होता है। रविवार को भैरव जी के दर्शन परम फलदाई है। रविवार के दिन तुलसी जी को तोड़ना, आँवले का सेवन, मसूर की दाल वा अदरक का सेवन करना मना है। द्वादशी के दिन भगवान श्री विष्णु जी की पूजा करने विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से सभी उपद्रवी ग्रह शांत होते है। शास्त्रों के अनुसार पंचाग में उस दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का उल्लेख होता है। पंचाग में उनका नित्य नाम पढ़ने, लेने से वह शुभ शक्तियाँ हमारी सहायक हो जाती है, भाग्य मजबूत होता है। जानिए आज रविवार का पंचांग
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आज का राशिफल
आज का राशिफल
आज इन राशिवालों की भर जाएँगी झोली, लेकिन इन 3 राशिवालो को रहना होगा सावधान, जानिए आज कैसा रहेगा आपका दिन, क्या है आज का विशेष उपाय और यह भी अवश्य ही जानिए की आज आपका भाग्य कितने प्रतिशत आपका साथ दे रहा है, जानिए आज का राशिफल आने वाले कल का राशिफल
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शनिवार का पंचांग
शनिवार का पंचांग
शनि मन्त्र :-'ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"।। आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी,पापकुंशा एकादशी दिन शनिवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार शनिवार को प्रात: लोहे के बर्तन में जल में गुड़, काले तिल, दूध, शहद आदि डालकर पीपल पर चढ़ाकर 7 परिक्रमा करने एवं साँय पीपल पर तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते है, कुंडली की ग्रहों के शुभ फल मिलते है। आज पापकुंशा एकादशी है, इस एकादशी का व्रत रखने , इस दिन भगवान श्री विष्णु जी की पूजा करने से समस्त पापो का नाश होता है पुण्य बढ़ते है। एकादशी के दिन भूल कर भी चावल का सेवन ना करें। शास्त्रों के अनुसार जो जातक नित्य पंचाग को पढ़कर/ सुनकर अपने दिन का प्रारम्भ करते है उन्हें देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, जानिए आज शनिवार का पंचांग
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एकादशी के अचूक उपाय
एकादशी के अचूक उपाय
20 अक्टूबर शनिवार को को अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की 'पापकुंशा एकादशी' है। पुराणों के अनुसार पापरूपी हाथी को इस व्रत के पुण्यरूपी अंकुश से वेधने के कारण ही इसका नाम 'पापांकुशा एकादशी' हुआ है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन किये गए उपायों से भगवान श्री विष्णु जी अत्यंत प्रसन्न होते है, जातक को कभी भी नीच योनि प्राप्त नहीं होती है, समस्त पापो का नाश होता है। जानिए एकादशी के अचूक उपाय
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आज का शुभ पंचांग
आज का शुभ पंचांग
"मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सिया-राम सिया राम जय जय राम -2" ।। आप सभी को अधर्म पर धर्म की विजय के महापर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें। आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी, विजयदशमी का महापर्व दिन शुक्रवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार दशहरे के दिन ही भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था इसी के साथ इस दिन ही माँ दुर्गा ने असुरों का संहार करके देवता को उनका अधिकार दिलवाया था ! आज मंदिर में भगवान श्री राम और बजरंग बलि के दर्शन अवश्य करें। आज शमी के वृक्ष को लगाना और उसका पूजन करने से विजय, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नित्य / शुक्रवार के दिन श्री सूक्त का पाठ करने वाले जातक पर माँ लक्ष्मी की असीम कृपा रहती है। पढ़िए आज का शुभ पंचांग
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 विजय दशमी के उपाय
विजय दशमी के उपाय
विजयदशमी के दिन अवश्य ही करे इस वृक्ष / पौधे की पूजा, इससे डर, भय होगा दूर, शत्रु होंगे परास्त, शास्त्रों में इस पौधे को सोना देने वाला माना जाता है, इसकी पूजा से सुख-समृद्धि और धन-धान्य की होगी प्राप्ति .....जानिए विजयदशमी के दिन क्या करें, विजय दशमी के उपाय http://www.memorymuseum.net/hindi/vijaydashami-ke-upay.php कृपया इसे आगे भी शेयर करें
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गुरुवार का पंचांग
गुरुवार का पंचांग
"देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि"॥ आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, नौवां नवरात्र, दिन गुरुवार है। गुरुवार के दिन जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी की आराधना परम फलदाई है। नवरात्री के नौवें दिन माँ सिद्धि दात्री को खीर का भो लगाकर तिल का दान देने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है अकाल मृत्यु का भी भी दूर होता है। आज भक्त गण माँ की स्वरूप नन्ही कन्याओं को आदर से भोजन कराकर दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है। गुरुवार को सिर धोना, कपड़े धोना आदि मना है। जीवन में शुभ समय के लिए नित्य पंचाग को अवश्य ही पढ़े इससे कुंडली के ग्रहो के शुभ फल मिलते है, बुरा समय निकट भी नहीं आता है। जानिए आज गुरुवार का पंचांग
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मंगलवार का पंचांग
मंगलवार का पंचांग
"हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।।" आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दिन मंगलवार है। नवरात्री में पड़ने वाले मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें इत्र और गुलाब का फूल अर्पित करके प्रशाद चढ़ाएं, इससे बल और साहस मिलता है,भय दूर होते है। सप्तमी को आदित्य ह्रदय स्त्रोत्र का पाठ करें। दुर्गा जी का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि है, इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा गया। आज माँ को गुड़ का भोग चढ़ाने व उसे योग्य ब्राह्मणों को दान करने से शोक एवं सभी पापों से मुक्ति मिलती है, सभी प्रकार के संकट दूर होते है। जीवन में शुभ फलो के लिए नित्य पंचाग को पढ़ना अपनी अनिवार्य आदत बनायें। जानिए क्या है आज मंगलवार का पंचांग
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सोमवार का पंचाग,
सोमवार का पंचाग,
"नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय| नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥" आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि दिन सोमवार है। प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की आराधना, अभिषेक से समस्त संकट दूर होते है, परिवारिक सुख प्राप्त होते है। षष्टी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय जी है, षष्टी को इनकी आराधना करने से शक्ति, निर्भयता प्राप्त होती है, राजद्वार, मुकदमो में सफलता मिलती है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह का योग जल्दी बनता है, मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से साधक के अन्दर अद्भुत शक्ति एवं आकर्षण शक्ति का संचार होता है, पारिवारिक जीवन सुखमय होता है । पंचाग को नित्य पढ़ कर ही अपने दिन की शुरुआत करें जानिए सोमवार का पंचाग,
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रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग
सूर्य देव का मन्त्र :- "ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।।"आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रात: पञ्चमी 06:28 तक तदुपरांत षष्ठी तिथि दिन रविवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार जीवन में सुख-समृद्धि और यश के लिए रविवार के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देकर आदित्यह्रदय स्त्रोत्र का पाठ करें। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। भगवान स्कंद कुमार / कार्तिकेय जी की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। स्कंदमाता शेर पर सवार रहती हैं। उनकी चार भुजाएं हैं। मां स्कंदमाता को केले का प्रसाद चढ़ाने से माता के भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है, उन्हें परम आनंद की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन बेल पत्र के पौधे का पूजन करने से समस्त पापो का नाश होता है। पंचांग पढ़ने वाले जातको पर देवताओं का आशीर्वाद होता है। जानिए आज रविवार का पंचांग
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श्री सूक्त का पाठ
श्री सूक्त का पाठ
श्री सूक्त का पाठ यश, सुख-समृद्धि ऐश्वर्य प्राप्ति का अचूक उपाय है । शास्त्रों के अनुसार नवरात्री से शुरू करते हुए नित्य इसका पाठ करना परम फलदायी है, चाहे कुंडली में कैसे भी ग्रह बैठे हो , कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्योँ ना हो , पिछले कई जन्मो के कैसे भी पाप हो सब कट जाते है, ना केवल इस जन्म में वरन आने वाले जन्मो में भी सुख-समृद्धि प्राप्त होती है । करें श्री सूक्त का पाठ हिंदी में मात्र 5 मिनट में ही ,
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शुक्रवार का शुभ पंचांग
शुक्रवार का शुभ पंचांग
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन शुक्रवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार शुक्रवार के दिन श्री सूक्त का पाठ करने, माँ अष्टलक्ष्मी का नाम लेने से सुख-समृद्धि की कभी कोई भी कमी नहीं रहती है। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है, इस दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। आज माता चंद्रघंटा को मिश्री, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाकर इसका प्रसाद वितरित करने से माता के भक्तों के सभी दुख और भय दूर हो जाते है, धन की कमी दूर होती है, पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है, चंद्रमा कुंडली में बलवान होता है, शान्ति मिलती है। चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। जीवन में शुभ फलो के लिए नित्य पंचांग को पढ़ना अपनी अनिवार्य आदत बनायें। जानिए आज शुक्रवार का शुभ पंचांग
https://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Friday
दुर्गा सप्तशती के मन्त्र
दुर्गा सप्तशती के मन्त्र
आप की प्रत्येक मनोकामना अवश्य ही होगी पूरी, कोई भी इच्छा नहीं रहेगी अधूरी, करें दुर्गा सप्तशती के इन पवित्र मंत्रो का जाप, ज्योतिषाचार्य डाक्टर अमित द्विवेदी जी से जानिए किस मनोकामनाओं के लिए कौन से चमत्कारी मन्त्र का करे जाप, दुर्गा सप्तशती के मन्त्र
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गुरुवार का पंचांग
गुरुवार का पंचांग
आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को भगवान विष्णु की आराधना करने से समस्त सांसारिक सुखो की प्राप्ति होती है।तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार तृतीया तिथि में माँ गौरी जी की पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख सौभाग्य की और देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर जी पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है । देवी ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में अक्ष माला है और बायें हाथ में कमण्डल होता है। इस दिन माता ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाकर घर के सभी सदस्य इसका प्रसाद ग्रहण करें, इससे माता के भक्तों की आयु में वृद्धि एवं परिवार के सभी सदस्यों की आकाल मृत्यु से भी रक्षा होती है । जानिए आज गुरुवार का पंचांग
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नवरात्र में कैसे करें कलश की स्थापना
नवरात्र में कैसे करें कलश की स्थापना
नवरात्र में कलश स्थापना में ध्यान रहे कि कलश मिट्टी, पीतल , तांबा, चाँदी या सोने का होना चाहिए। लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग बिलकुल भी प्रयोग नहीं करे । घी का दीपक जलाते समय ध्‍यान रखें कि उसे माता की मूर्ति के दायीं ओर रखें और यदि तेल का दीपक जला रहे हैं, तो उसे मूर्ति के बायीं ओर रखें। और यह अवश्य ही जानिए की कलश में क्या डालें एवं उस पर रखने वाले नारियल का मुहँ किस ओर रखे और क्यों ? अवश्य ही जानिए नवरात्र में कैसे करें कलश की स्थापना
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नवरात्री की कैसे करें तैयारी,
नवरात्री की कैसे करें तैयारी,
बुधवार से अश्विन नवरात्री शरू हो रहे है । नवरात्र के लिए पूजा, ब्रत का सामान आज ही खरीद ले जिससे ऐन वक्त पर कुछ भी भूल ना हो । मान्यता है कि अखण्ड ज्योति में रुई की जगह लाल बत्ती का प्रयोग करना शुभ रहता है, ध्यान रहे लाल बत्ती सूती हो तभी वह लंबे समय तक जल पायेगी । दीपक के लिए सूती लाल बत्ती भी पहले से ही ले लेनी चाहिए। पूजा की दुकान से सप्तधान भी अवश्य ही लें क्योंकि नवरात्री में दीपक के नीचे “सप्तधान्य” रखकर उसके ऊपर दीपक को स्थापित करें, समस्त प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है। ...नवरात्री की कैसे करें तैयारी, नवरात्र की तैयारियाँ
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मंगलवार का पंचांग
मंगलवार का पंचांग
"दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी"।। आज अश्विन माह की अमावस्या दिन मंगलवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार मंगलवार के दिन मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें प्रशाद चढ़ाकर उसे वहीं पर बाँट दें, मंगलवार को सुन्दर काण्ड, हनुमान चालीसा पढ़ने से मनोकामनाएं पूर्ण होती है। अमावस्या के दिन पितरो के निमित ब्राह्मण को भोजन कराने, दान दक्षिणा देने से पितृ प्रसन्न होते है, जो जातक सोमवार को अपने पितरो के निमित ब्राह्मण भोजन, दान ना कर पाएं हो वो आज अवश्य ही करें। हर अमावस्या को गहरे गड्ढे या कुएं में एक चम्मच दूध डालें इससे कार्यों में बाधाओं का निवारण होता है। नित्य पचांग को पढ़ने वालो का भाग्य सदैव उनका साथ देता है, जानिए आज मंगलवार का पंचांग
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सोमवार का पंचांग
सोमवार का पंचांग
"ॐ नमो शिवाये, हर हर महादेव"।। आज अश्विन माह के पक्ष की चतुर्दशी दिन सोमवार है। आज पितरो की अमावस्या का श्राद्ध भी है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार आज शिव मंदिर में शिवलिंग का दूध, शहद, घी से अभिषेक करके काले तिल, अक्षत चढ़ाएं एवं सफ़ेद पुष्प अर्पित करें, इससे भगवान शिव की निसंदेह कृपा प्राप्त होगी। चतुर्दशी के दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना, अभिषेक अत्यंत पुण्यदायक है। पितृ अमावस्या के दिन ब्राह्मण भोजन, दान से पितरो का आशीर्वाद मिलता है। जीवन में समस्त सुखो की प्राप्ति हेतु नित्य पंचांग को अवश्य ही पढ़े, इससे देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, कुंडली के ग्रह शुभ फल देने लगते है। सोमवार का पंचांग आप पर भगवान भोलेनाथ और माँ पार्वती की सदैव कृपा बनी रहे।
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पितरो को आपके द्वारा दी गयी वस्तुएं किन रूप में मिलती है
पितरो को आपके द्वारा दी गयी वस्तुएं किन रूप में मिलती है
सोमवार 8 अक्टूबर को सुबह 11.21 से मंगलवार सुबह 9.16 तक अश्विन माह की अमावस्या है, अर्थात अमावस्या तो 9 यानि मंगलवार को है, लेकिन चूँकि पितरो के निमित ब्राह्मण भोजन, दान दक्षिणा गजछाया अर्थात दोपहर को कराया जाता है, इसलिए पितरो की अमावस्या 8 तारीख को ही है। पितृ पक्ष की अमावस्या पितरो के लिए उत्सव का समय होता है, शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में पित्तरों के निमित उनके गोत्र तथा नाम का उच्चारण करके जो भी वस्तुएं उन्हे अर्पित की जाती है वह उन्हें उनकी योनि के हिसाब से प्राप्त होती है। अवश्य ही जानिए कि पितरो को आपके द्वारा दी गयी वस्तुएं किन रूप में मिलती है https://www.memorymuseum.net/hindi/pitron-ka-shradh-kaise-karen.php
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सर्व पितृदोष अमावस्या के उपाय
सर्व पितृदोष अमावस्या के उपाय
शास्त्रों के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या पितरों के लिए परम फलदायी कही गई है। इस अमावस्या को महालया के नाम से भी जाना जाता है।अश्विन की अमावस्या पितरों के लिए उत्सव का दिन कहलाता है। इस दिन यदि श्राद्धकर्ता की बुआ, बहन, बहनोई, भान्जा, बेटी, दामाद जो भी उसी शहर में रहते है तो उन्हें भी आदर से बुलवाकर ब्राह्मण भोजन के बाद भोजन अवश्य ही कराना चाहिए, इससे पितृ अत्यंत प्रसन्न होते है और जातक के जीवन में हर्ष की वर्षा करते हुए उसके सभी संकटो को दूर करके विदा होते है। जानिए सर्व पितृदोष अमावस्या के अमोघ उपाय
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रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग
"ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।" आज अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि दिन रविवार है। आचार्य मुक्तिनारायण पांडेय जी के अनुसार रविवार के दिन इस संसार प्रत्यक्ष देव सूर्य देव को सुख-समृद्धि, सफलता, विद्द्या, तेज, मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए ताम्बे के बर्तन में जल में चन्दन, अक्षत, गुड़ / चीनी, तिल और लाल पुष्प डाल कर अर्ध्य दे, एवं आदित्यह्रदय स्त्रोत्र का पाठ करे। त्रियोदशी तिथि के स्वामी प्रेम के देवता कामदेव जी है। त्रियोदशी को इनकी पूजा करने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है । त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए। मान्यता है कि नित्य पंचांग पढ़ने वाले जातको को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, जानिए आज रविवार का पंचांग
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इंदिरा एकादशी की कथा
इंदिरा एकादशी की कथा
आज पितरो को तारने वाली, अति पुण्य प्रदान करने वाली इंदिरा एकादशी है। अगर कोई व्यक्ति एकादशी का ब्रत ना भी रख पाए तो भी इस एकादशी की कथा को अवश्य ही पढ़ना / सुनना चाहिए, इससे पितृ प्रसन्न होते है, पितरो का आशीर्वाद मिलता है। जानिए क्या है इंदिरा एकादशी का महत्व, इंदिरा एकादशी की कथा
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इंदिरा एकादशी की कथा
इंदिरा एकादशी की कथा
आज पितरो को तारने वाली, अति पुण्य प्रदान करने वाली इंदिरा एकादशी है। अगर कोई व्यक्ति एकादशी का ब्रत ना भी रख पाए तो भी इस एकादशी की कथा को अवश्य ही पढ़ना / सुनना चाहिए, इससे पितृ प्रसन्न होते है, पितरो का आशीर्वाद मिलता है। जानिए क्या है इंदिरा एकादशी का महत्व, इंदिरा एकादशी की कथा
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शुक्रवार का पंचांग
शुक्रवार का पंचांग
लक्ष्मी मन्त्र :- "ऊंं श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम:"।। .... आज अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी 'इंदिरा एकादशी' दिन शुक्रवार है। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को लाल गुलाब अर्पित करके, श्रीसूक्त का पाठ करने, अष्ट लक्ष्मी का जप करने से लक्ष्मी माता की कृपा प्राप्त होती है। आज पितरो का उद्दार करने वाली, इंदिरा एकादशी है। इस एकादशी का ब्रत रखने, एकादशी की कथा पढ़ने, से पितरो को स्वर्ग की प्राप्ति होती है, जातक को अक्षय पुण्य मिलता है। आज पितरो को जल से तर्पण अवश्य करें। एकादशी को चावल खाने से रोग बढ़ते है। नित्य पंचाग पढ़ने वाले जातक सुख -समृद्धि और यश को प्राप्त करते है ,जानिए आज शुक्रवार का पंचांग
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आँखों की रौशनी बढ़ाने के उपाय
आँखों की रौशनी बढ़ाने के उपाय
हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी आँखों की रौशनी लंबे समय तक तेज रहे। लेकिन आजकल टीवी, इंटरनेट, स्मार्ट फोन के बहुत अधिक इस्तेमाल, देर रात तक जांगने आदि से समय से पहले भी आँखों पर चश्मा लग जाता है। इस अचूक उपाय से आँखो की रौशनी होगी तेज आँखों से चश्मा जायेगा उतर । जानिए आँखों से चश्मा हटाने के उपाय | आँखों की रौशनी बढ़ाने के उपाय https://www.memorymuseum.net/hindi/ankhon-se-chasma-hatane-ke-upay.php
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मंगलवार का राशिफल,
मंगलवार का राशिफल,
आज मंगलवार हनुमान जी का दिन है। जानिए कैसा रहेगा आप सभी का मंगलवार का दिन, आज किस राशि वालो के सितारे है बुलंदी पर और किसे रखनी होगी सावधानी , जानिए आज कौन सा आसान किन्तु विशेष उपाय करके पूरे दिन को शुभ बना सकते है, कुंडली विशेषज्ञ पंडित कृष्ण कुमार शास्त्री जी से जानिए आज सभी राशियों वालो का दिन कितना शुभ होगा, जानिए आज का राशिफल, Aaj Ka Rashifal, मंगलवार का राशिफल, https://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-rashifal.php
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मंगलवार का पंचांग
मंगलवार का पंचांग
"प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा "।। आज अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन मंगलवार है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा शीघ्र फलदायी और समस्त भय और संकटो को दूर करने वाली कही गयी है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ एवं मंदिर में बूंदी / गुड़ / लड्डुओं का प्रशाद अवश्य चढ़ाएं। अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव कहे गए है। अष्टमी तिथि को भगवान शिव की विधि पूर्वक पूजा करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती है, अष्टमी को नारियल का सेवन ना करें। आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय जी के अनुसार जीवन में शुभ समय के लिए नित्य पंचांग पढ़े फिर देखे आपका भाग्य कुछ ही समय में कैसे चमकने लगता है, जानिए आज मंगलवार का पंचांग
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भृगु संहिता विषेषज्ञ ज्योतिषाचार्य अखिलेश्वर पाण्डेय
भृगु संहिता विषेषज्ञ ज्योतिषाचार्य अखिलेश्वर पाण्डेय
अगर जीवन में " आर्थिक समस्याएं " है तो कुंडली के दूसरे और 11 वें भाव का विचार कराएँ और यदि " रोग, कर्जा, ऋण, मुकदमा" आदि हो तो निश्चित ही कुंडली के 6 ठवें भाव के अशुभ फल मिल रहे होंगे। कुंडली के ग्रहों के शुभ फलो के लिए, अशुभ फलो को दूर करने के लिए हमसे अनिवार्य रूप से जुड़ें। मैं भृगु संहिता विषेषज्ञ ज्योतिषाचार्य अखिलेश्वर पाण्डेय आपकी पूरी कुंडली की विवेचना ना केवल लिखित रूप से करके आपको दूंगा वरन आपसे मोबाईल पर भी सम्पर्क करूँगा। .......... अपने जीवन की समस्याओं को अलविदा कहने के लिए लिंक पर क्लिक करें
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पितृ पक्ष में क्यों कौवे को प्रतिदिन भोजन देना अनिवार्य है
पितृ पक्ष में क्यों कौवे को प्रतिदिन भोजन देना अनिवार्य है
पितृ पक्ष में पितरों के निमित ब्राह्मण श्वान ( कुत्ते ) और कौवे को भोजन दिया जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार कौवे यमराज के संदेश वाहक हैं। इसीलिए अश्विन माह के कृष्ण पक्ष अर्थात श्राद्ध में कौवा प्रति दिन हर हिंदुओं के घर की छत का मेहमान होता है। जानिए कौवे की कैसे हुई उत्पति, पितृ पक्ष में क्यों कौवे को प्रतिदिन भोजन देना अनिवार्य है https://www.memorymuseum.net/hindi/kauve-ka-mahtv.html
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