Diwali Diye Goverdhan Pooja  diya Image

 
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा अर्थात दीपावली के दुसरे दिन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट पूजा का पर्व मनाया जाता है । अन्नकूट का अर्थ है अन्न का इस लिए इस दिन भारी मात्रा में पकवान बनाकर भगवान विष्णु को भोग लगाया जाता है . इस दिन सुख , सौभाग्य एवं वर्ष पर्यंत आर्थिक समृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के शाक , फल , अन्न , दूध , दूध से बने पदार्थ मिष्ठान , मालपुए , आदि से भगवान को भोग लगाया जाता है । कई स्थानों पर इस दिन डाल - बाटी चूरमा का भोग लगाया जाता है ओर दुसरे दिन अन्नकूट का भोग लगता है ।

आज के दिन यथा शक्ति विभिन्न प्रकार की साग(चौदह शाकों हो तो अति उत्तम है), सब्जियों से घी में बने पुलाव से भगवान को भोग लगाकर उसके बाद सबके साथ मिल जुल कर प्रसन्नता से प्रसाद रूप में ग्रहण करने से भी घर में प्रेम एवं धन धान्य की व्रद्धि होती है ।

याद रखिये भगवान को भोग लगाने के लिए जहाँ तक संभव हो घर की स्त्रियाँ घर में ही मिल जुल कर नाना प्रकार के व्यंजन करें तो शीघ्र ही शुभ समाचारों की प्राप्ति होती है , भगवान को भोग लगाने के बाद इन भोज्य पदार्थों को अपने बंधू बांधवों , पड़ोसियों को भी प्रसाद के रूप में देने से शुभता की प्राप्ति होती है ओर घर में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है ।

इस दिन को गौ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है , आज के दिन गायों की सेवा करने का बहुत महत्व है । जिनके यहाँ गायें है वे उन्हें स्नान कराकर कुमकुम अक्षत लगाकर माला पहनकर उनकी पूजा करे उन्हें मिष्ठान खिलाएं जिनके पास गायें नहीं है वह भी किसी गौशाला में जाकर अथवा राह में किसी भी गाय को मिष्ठान / भोग लगाकर अपने सौभाग्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें । माना जाता है की इस दिन सच्चे मन से गायों की सेवा करने से उस व्यक्ति के घर वर्ष भर किसी भी प्रकार से दूध , घी या अन्य भोज पदार्थ की कमी नहीं होती है दूसरे शब्दों में स्थायी रूप से आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति होती है ।