Diwali Diye Dhanterash  diya Image

 
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी धन्वंतरि जयंती के रूप में मनाई जाती है, दीपावली के 5 पर्वो का इसी दिन से प्रारंभ होता है । इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान समुद्र से प्रकट हुए थे । वे भगवान विष्णु के अशान्श अवतार माने गये है । उनका स्वरूप अत्यंत मनोहरी था एवं वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे ।

भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक माने गये है इसीलिए यह दिन आरोग्य और दीर्घायु प्राप्ति का दिन भी माना गया है । इस दिन प्रभु धन्वंतरि की धूप दीप जलाकर , पुष्प चडाकर सच्चे मन से पूजा, अर्चना, प्रार्थना करने से मनुष्य को सभी रोगो में लाभ की प्राप्ति होती है ।

इस दिन भगवान कुबेर की भी पूर्ण श्रद्धा से पूजन करना अनिवार्य है . कुबेर जी धनाध्यक्ष है , सम्पति प्रदान करने वाले है , इनकी सच्चे मन से पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है , कुबेर जी अपने भक्तों के समस्त अभावों को दूर करके उनको स्थायी सुख सम्पति प्रदान करते है .

आज इनकी आराधना से जातक को महान फल कि प्राप्ति होती है। नीचे दिए गए कुबेर मन्त्र कि साधना से व्यक्ति को जीवन में हर भौतिक सुख समृद्धि कि प्राप्ति होती है।

मंत्र- ॐ श्रीं, ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:

कुबेर मंत्र को दक्षिण की और मुख करके ही सिद्ध किया जाता है।

धनतेरस का दिन धन वृद्धि / धनागमन का दिन मन गया है , इस दिन दोपहर के बाद बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है , इस दिन चाँदी के बर्तन खरीदने से वर्ष भर घर में सुख सम्पदा स्थायी रूप से बनी रहती है , चाँदी के उपलब्ध न होने पर अन्य धातुओं के बर्तन खरीद सकते है ।

धनतेरस के दिन बर्तन खरीद कर घर में लाते समय खाली न लाएं उसमें कुछ न कुछ मीठा अवश्य डाल कर लाएं .....अगर बर्तन छोटा हो या गहरा न हो तो मीठा उस बर्तन के साथ रख कर लाएं ...आपके घर सदैव धन धान्य से भरा रहेगा ।

इस मांगलिक उत्सव के दिन घर को अन्दर - बाहर से साफ करके यथा संभव सजाना चाहिए , इस दिन घर में कोई भी बिलकुल क्रोध न करें , प्रेम पूर्वक मंगल गायन करने या शुभ संगीत बजाने से सौभाग्य खिंचा चला आता है .एक बात का विशेष रूप से ध्यान दें की इस दिन किसी को भी उधार ना दें और धन के अप्वय्य से यथा संभव बचने का प्रयत्न करें ।

धनत्रयोदशी के दिन यमराज जी की भी आराधना उनका ब्रत किया जाता है ।

इस दिन संध्या के समय घर के बाहरी मुख्य द्वार के दोनों ओर अनाज के ढेर पर मिटटी के दीपक को तेल से भर कर अवश्य ही जलाना चाहिए दीपक को दक्षिण दिशा की तरफ मुंख करके निम्न मन्त्र का जाप करते हुए रखना चाहिए ।

म्रत्युना दंडपाशाभ्याँ कालेन श्याम्या सह ,

त्रयोदश्याँ दीप दानात सूर्यज प्रीयतां मम।

यह क्रिया यम दीपदान कहलाती है , कोशिश करनी चाहिए की दीपक बड़ा हो जिससे वह रात भर जलता रहे ऐसा करने से यमराज जी प्रसन होते है ओर उस घर के सदस्यों को दुर्घटना , बिमारियों , आकाल म्रत्यु आदि का कोई भी भय नहीं रहता है , सभी सदस्य निरोगी ओर दीर्ध आयु को प्राप्त करते है।

धनतेरस से अपने घर से सभी बेकार, खराब और टूटे-फूटे सामान निकाल कर उसे कबाड़ी को बेच दें। आप पूरे घर की अच्छी तरह सफाई अवश्य कर लें।

धनतेरस के दिन सुबह-सुबह ही घर को साफ करने के बाद घर के अंदर मंदिर मं और बाहर धूप दीप व अगरबत्ती अवश्य जला लें। दीपक में पांच लौंग डालने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

इस दिन अपनी नौकरी से इस्तीफा देना, साझेदारी को ख़त्म करना तथा घाटे में चल रहे व्यापार को बंद करने के बारे में बिलकुल भी न सोचे वरन सुख समृद्धि के विचार मन में लाएं ।

दीपावली के पाँचो पर्व पर घर पर पधारने वाले सभी व्यक्तियों को चाहे वे छोटे बड़े, अमीर गरीब कोई भी हो , उन्हें मिष्ठान, फल मिठाई या मेवे आदि जरूर खिलाकर जल पिलाएं इससे स्थाई समृद्धि का वास होता है ।

इस दिन किसी की आलोचना, झगड़े व वाद - विवाद की बात बिलकुल भी न करें न करें। अगर संभव हो तो पुरानी रंजिश या मन मुटाव को भुलाकर शत्रु को भी मित्र बनाने कि पहल करें इससे देवता प्रसन्न होते है और घर परिवार में शुभता आती है।

धनतेरस के दिन अपने दायें हाथ के लिए एक चाँदी का कड़ा बनवाये , इस कड़े को दीवाली वाले दिन माँ लक्ष्मी का पूजन करते समय माँ के चरणों से लगा कर वहीँ पूजा में रख दें और उस पर भी तिलक लगा दें । अगले दिन सुबह स्नान करने के बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान पूजा करने के बाद उसे दाहिने हाथ में धारण कर लें . आप अति शीघ्र अपने अन्दर ज्यादा आत्मविश्वास का अनुभव करेंगे , आपकी आर्थिक स्थिति भी और भी ज्यादा मजबूत होने लगेगी ।

यदि आपको आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो आप धनतेरस से दीपावली इन दिन संध्या में लगातार श्री गणेश स्त्रोत्र का पाठ करें , उसके उपरांत गाय को कोई भी हरी सब्जी या चारा डालें , जल्दी ही आपकी आर्थिक बाधाएं हल होने लगेंगी ।