Memory Alexa Hindi

सूर्यग्रहण के उपाय 2018

suryagrahan-ke-upay

Kalash One Image सूर्यग्रहण 2018 Kalash One Image
Kalash One Image Surya Grahan 2018 Kalash One Image


suryagrahan-ke-upay




Kalash One Image सूर्यग्रहण के उपाय Kalash One Image
Kalash One Image Surya grahan ke upay Kalash One Image

मान्यता है कि सूर्यग्रहण ( Surya Grahan ) के समय जप, तप, ध्यान, आराधना करने से अनंत गुना फल होता है।

सूर्य ग्रहण 2018


hand logo पहला सूर्य ग्रहण: वर्ष 2018 में पहला सूर्य ग्रहण 15 फरवरी/16 फरवरी की मध्य रात्रि को पड़ेगा जो आंशिक सूर्य ग्रहण होगा । सूर्य ग्रहण 15 फरवरी की रात 12 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा और सुबह चार बजे इसका मोक्ष होगा ।

जहाँ जहाँ सूर्य ग्रहण पड़ेगा वहां सूतक काल 12 घंटे पहले अर्थात 15 फ़रवरी की सुबह 11:36 से शुरू हो जायेगा । चूँकि भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण रात्रि में होगा इसलिए यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा ।

यह सूर्य ग्रहण मुख्यतः दक्षिण / पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, अंटार्कटिका की ज्यादातर हिस्सों में दिखेगा।

Kalash One Image ग्रहण के समय पवित्र नदियों, सरोवरों में स्नान करना से बहुत पुण्य मिलता है लेकिन ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार ग्रहण ( grahan ) के समय गायों को हरा चारा या घास, चींटियों को पंजीरी या चीनी मिला हुआ आटा, पक्षियों को अनाज एवं निर्धन, असहायों को वस्त्रदान से बहुत ज्यादा पुण्य प्राप्त होता है।

Kalash One Image सूर्यग्रहण (Surya Grahan) के सूतक और ग्रहण काल में स्नान, दान, जप, तप, पूजा पाठ, मन्त्र, तीर्थ स्नान, ध्यान, हवनादि शुभ कार्यो का करना बहुत लाभकारी रहता है। ज्ञानी लोग इस समय का अवश्य ही लाभ उठाते है ।

Kalash One Image वेदव्यास जी ने कहा है कि - सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया जप , तप, ध्यान, दान आदि एक लाख गुना और सूर्य ग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। और यदि यह गंगा नदी के किनारे किया जाय तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण ( surya grahan ) के दिन जलाशयों, नदियों व मन्दिरों में राहू, केतु व सुर्य के मंत्र का जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है और ग्रहों का दुष्प्रभाव भी खत्म हो जाता है ।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण के समय सूर्य देव का मन्त्र "ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ "॥ और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मन्त्र का जाप अवश्य ही करना चाहिए ।

Kalash One Image यदि कोई श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी के रस / पाक का स्पर्श करके 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहण की समाप्ति के बाद शुद्ध होकर उस रस को पी ले तो उसकी बुद्धि अत्यंत प्रखर हो जाती है वह भाषा, कविता, लेखन और वाक् पटुता में अत्यंत प्रवीण हो जाता है ।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के स्पर्श के समय में स्नान, मध्य के समय में देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।

Kalash One Image सूर्य ग्रहण के दिन ग्रहण के पूर्ण होने पर सूर्य देव का शुद्ध बिम्ब देखकर ही भोजन करना श्रेष्ठ और पुण्यदायक माना जाता है ।

Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) में ग्रहण से चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। लेकिन बालक, बूढ़े, और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक भोजन कर सकते हैं।

Kalash One Image चूँकि सूर्यग्रहण में 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है और सूतक काल में देव दर्शन वर्जित माने गये हैं इसीलिए सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) में मन्दिरों के कपाट भी बन्द कर दिये जाते हैं ।

Kalash One Image सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) या चन्द्रग्रहण के समय तो भोजन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए । शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक उसे नरक में वास करता है। फिर वह मनुष्य उदर रोग से पीड़ित होता है फिर काना, दंतहीन होकर उसे अनेक रोगो से पीड़ा मिलती है।

Kalash One Image किसी भी ग्रहण पर चाहे वह चन्द्रग्रहण हो या सूर्यग्रहण ( Surya grahan ) पर किसी भी दूसरे व्यक्ति का अन्न नहीं खाना चाहिए । स्कन्द पुराण के अनुसार अनुसार यदि ग्रहण के दिन किसी दूसरे का अन्न खाये तो बारह वर्षों से एकत्र किया हुआ सम्पूर्ण पुण्य नष्ट हो जाता है।

Kalash One Image ग्रहण ( grahan ) के दौरान भगवान की मूर्ति को छूना, धूप बत्ती जलाकर पूजा करना, भोजन पकाना, खाना - पीना, खरीददारी करना, सोना, कामवासना आदि का त्याग करना चाहिए। ग्रहण के समय भोजन व पानी में दूर्वा या तुलसी के पत्ते डाल कर रखना चाहिए। ग्रहण के पश्चात पूरे घर की शुद्धि एवं स्नान कर दान देना चाहिए।

Kalash One Image शास्त्रो के अनुसार ग्रहण लगने से जिन पदार्थों में तुलसी या कुश की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं माना जाते है । लेकिन पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना ही धर्म और स्वास्थ्य की दृष्टि से श्रेष्ठ होता है ।

<< पिछले पेज पर जाएँ                                           अगले पेज पर जाएँ >>


pandit-ji

ज्योतिषाचार्य डॉ० अमित कुमार द्धिवेदी
कुण्डली, हस्त रेखा, वास्तु
एवं प्रश्न कुण्डली विशेषज्ञ


Ad space on memory museum


दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

सूर्यग्रहण के उपाय 2018

suryagrahan-ke-upay