Memory Alexa Hindi

भगवान शिव की पूजा में रखे ध्यान
Bhagwan shiv ki pooja me rakhe dhyan


shivpuja-me-rakhe-dhyan




भगवान शिव पर ये ना चढ़ाएं
Bhagwan Shiv Par Ye na chadayen


भोलेनाथ को देवों के देव यानी महादेव कहलाते है। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ही आदि और अनंत हैं। सभी देवताओं में भगवान शिव ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जिनकी लिंग रूप में भी पूजा की जाती है। भगवान भोलेनाथ सचमुच इतने भोले है कि वह जरा सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते है ।उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उन्हें ऐसी बहुत सी चीजें अर्पित की जाती हैं जो अन्य किसी भी देवता को नहीं चढ़ाई जाती। जैसे आक, बेलपत्र , भांग, धतूरा आदि ।

लेकिन बहुत सी ऐसी वस्तुएँ भी है जो और देवताओं को तो चढाई जाती है परन्तु भगवान आशुतोष की पूजा में उन्हें चढ़ाना पूर्णतया मना है शायद इसीलिए भूलवश या अज्ञानता वश शिव भक्तो को अपनी पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है |
जानिए भगवान भोलेशंकर की पूजा में किन
किन चीजो का प्रयोग बिलकुल भी नहीं करना चाहिए |

om-logo हिंदु धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र माना जाता है और लगभग सभी पूजा के कार्यों में शंख का प्रयोग होता है लेकिन भगवान शिव के शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित है, उन्हें कभी भी शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए ।

om-logo तुलसी भी बहुत पवित्र मानी जाती है और लगभग सभी देवकार्यो में इसका प्रयोग होता है लेकिन तुलसी को भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाना मना है | ऐसा बहुत से लोगो को पता ही नहीं है और वह नित्य भगवान शिव की पूजा में उन्हें तुलसी दल अर्पित करते है जिससे उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती है।

om-logo धार्मिक कार्यों में कई पूजन कार्य हल्दी के बिना पूर्ण नहीं माने जाते। लेकिन भगवान शिव को हल्दी अर्पित नहीं की जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग में लायी जाती है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

om-logo भगवान शिव सफेद रंग के फूलों से शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं। उन्हें कमल और कनेर के अलावा कोई भी लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाये जाते हैं। भगवान भोलेनाथ को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाना भी मना है।

om-logo शिवजी की पूजा में बहुत से भक्तजन शिवलिंग पर लोहे या स्टील के लोटे / बर्तन से जल चढ़ाते है जो बिलकुल गलत है । भगवान भोलेनाथ पर हमेशा पीतल , कांसे या अष्टधातु के बर्तन / लोटे से ही जल चढ़ाना चाहिए लोहे या स्टील के बर्तन से नहीं ।

om-logo भगवान शिव को सफ़ेद रंग बहुत ही प्रिय है इसीलिए उन्हें यथासंभव सफ़ेद चन्दन से ही तिलक लगाना चाहिए , लाल या पीले चन्दन से नहीं ।

om-logo शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना बेलपत्र के बिना पूरी नहीं होती। लेकिन


Ad space on memory museum


दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।