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Kalash One Image शरद पूर्णिमा / शरद पूर्णिमा की पूजा विधि Kalash One Image


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शरद पूर्णिमा आश्चिन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो इस वर्ष 2016 में 15 अक्तूबर, को मनाई जाएगी। शरद पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा , रास पूर्णिमा और कौमुदी व्रत भी कहते है। इस दिन चन्द्रमा, भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु का पूजन, जाप , व्रत, कथा की जाती है।
शास्त्रो के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी अवतरित हुई थी इसलिए इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन श्रीसूक्त, लक्ष्मीस्तोत्र, लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ हवन करना चाहिए इससे माता लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं तथा अपने भक्त को सुख-समृद्धि यश और कार्यो में सफलता प्रदान करती है।

Kalash One Image इस दिन प्रात: स्नान करके माँ लक्ष्मी को कमल का फूल, नारियल, मखाना, मिश्री, लौंग, इलायची, मीठा पान, मिष्ठान लाल वस्त्र अथवा चुनरी अर्पण करके उनकी पूजा आराधना अवश्य ही करनी चाहिए जिससे उनका आशीर्वाद जीवन भर बना रहे ।
इस दिन माँ लक्ष्मी का मंत्रो का
"ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः"॥
"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:"॥
कमलगट्टे की माला से अधिक से अधिक संख्या में जाप करना चाहिए ।

Kalash One Image स्त्री को देवी लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। इस दिन पत्नी, माँ , बहन को वस्त्र, सुगन्धित इत्र भेंट करने से माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद से घर में सुख समृद्धि एवं प्रेम आ स्थाई वास होता है ।

Kalash One Image माँ लक्ष्मी को दक्षिणवर्ती शंख अत्यंत प्रिय है । कहते है जिस घर में दक्षिणवर्ती शंख की पूजा होती है माँ लक्ष्मी उस घर को कभी भी नहीं त्यागती है । शास्त्रो के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख भी पूर्णिमा के दिन ही प्रकट हुआ था । शरद पूर्णिमा के दिन दक्षिणावर्ती शंख की विधि विधान से पूजा करें । उसे तिलक लगाकर, धूप, दीप ,पुष्प, मिष्ठान चढ़ाये से पूजा करें, फिर दक्षिणवर्ती शंख में जल भरकर माँ का अभिषेक करें। एवं इस मन्त्र की एक माला का जाप करें इस उपाय को करने से माँ लक्ष्मी अतिप्रसन्न होती है ।

Kalash One Image शरद पूर्णिमा की रात को 'कोजागरा' भी कहा जाता है। कोजागरा का अर्थ है कौन जाग रहा है। कहते है कि इस रात माँ लक्ष्मी धरती पर अपने भक्तो से मिलने आती है और जो जातक इस रात में जागकर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हैं माँ लक्ष्मी उस भक्त की समस्त मनोकामनाएँ अवश्य ही पूर्ण करती है, उसे जीवन में कभी भी आर्थिक संकट नहीं सताता है।

Kalash One Image जिस भी व्यक्ति को जीवन में धन सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ता है उन्हें पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चन्द्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर
"ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमासे नम:"
अथवा
" ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:। "
मन्त्र का जप करते हुए अर्ध्य देना चाहिए । इससे धीरे धीरे उसकी आर्थिक समस्याओं का निराकरण होता है ।

Kalash One Image खीर देवताओं का प्रिय भोग है। शरद पूर्णिमा के दिन गाय के दूध में केसर, छुआरे, मेवे डालकर खीर बनाई जाती है जिसे रात में चन्द्रमा की चांदनी में रखकर सुबह सबसे पहले माँ लक्ष्मी को भोग लगाकर फिर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

Kalash One Image मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपनी पूर्ण सोलह कलाओं के साथ अवतरित होता है, इस दिन चन्द्रमा की किरणों में अमृत का वास माना गया है, चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा खीर में समाहित हो जाती हैं जिसका सेवन करने से सभी प्रकार की बीमारियां आदि दूर हो जाती हैं। आयुर्वेद में भी चाँदनी के औषधीय महत्व का वर्णन मिलता है, खीर को रात्रि में चांदनी में रखकर अगले दिन इसका सेवन करने से असाध्य रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है, यौवन बना रहता है।

Kalash One Image शरद पूर्णिमा के दिन घर पर खीर बनाकर उसका भोग माँ लक्ष्मी को लगाकर उसका प्रसाद ग्रहण करने से उस घर परिवार में माँ लक्ष्मी का स्थाई रूप से वास होता है घर से कलह दूर रहती है ।


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