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रक्षा बन्धन कैसे मनाएँ
Raksha Bandhan Kaise Manayen


रक्षाबन्धन

रक्षा बन्धन का महत्व
Raksha Bandhan ka mahtv


badan-dar-logo श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन ( RakshaBandhan ) का पर्व ना केवल भारत में वरन विश्व के बहुत से हिस्सों में जहाँ भारतीय रहते है हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह भाई-बहनों के स्नेह का पर्व हैं लेकिन हमारे देश में अलग-अलग स्थानों एवं परम्परा के अनुसार अनेको रूपों में भी रक्षाबंधन ( RakshaBandhan ) के पर्व को मनाया जाता हैं।

badan-dar-logo इस पर्व का संबंध रक्षा से भी है। जो भी जातक आपकी रक्षा करने वाला है उसके प्रति आभार और कृतज्ञता दर्शाने के लिए उसे रक्षासूत्र बांधा जा सकता है। रक्षा बंधन के दिन सुबह बहने स्नान करके सबसे पहले भगवान की पूजा करती है फिर एक थाल में रोली, अक्षत, कुमकुम रखकर उसमें दीप जलाकर उसमें भाइयों को पहनाने वाली रंग-बिरंगी राखियों को रखकर उसकी पूजा करती हैं|

badan-dar-logo हर घर में बहनो को भाइयों को राखी बांधने से पहले सर्वप्रथम एक राखी को भगवान कृष्ण / विष्णु के चित्र पर अर्पित करनी चाहिए। फिर बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाते हुए उनके माथे पर कुमकुम, रोली एवं अक्षत से तिलक करके भाई की दाहिनी कलाई पर रेशम से बनी राखी बांधती हैं और अपने हाथ से मिठाई खिलाकर भाई का मुंह मीठा कराती हैं और अपने भाई की निरोगिता, दीर्घ आयु, सुख समृद्धि एवं उन्नति की कामना करती है।

badan-dar-logo राखी / रक्षा सूत्र बांधते समय बहनों को अपने भाइयों के सौभाग्य हेतु निम्न मन्त्र का उच्चारण अवश्य ही करना चाहिए, तभी रक्षासूत्र प्रभावशाली बनता है । जब उसे मंत्रों के साथ बांधा जाए।
राखी बांधने का मंत्र :-

येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे! मा चल! मा चल!!’


इसका अर्थ है- अर्थात् जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को धर्म के बंधन में बांधा गया था, उसी रक्षासूत्र से मैं तुमको बाँधती हूं, यह तुम्हारी रक्षा करेगा । हे रक्षे! (राखी / रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो। हे रक्षे तुम स्थिर रहना, स्थिर रहना, इनकी हर मुश्किल में रक्षा करना ।

badan-dar-logo राखी बंधवाने के बाद भाई भी बहन का मुँह मीठा करवाता है और अपनी बहन का सदैव हर परिस्तिथि में रक्षा करने का वचन देते हुए उसे यथा शक्ति उपहार व धन देता है।

badan-dar-logo इस दिन बहने अपनी भाई की रूचि का भोजन बनाती है और भाई अपनी बहनो के हाथ का बना ही भोजन करते है। बहुत से स्थानो पर भोजन के पश्चात बहने भाइयों के सौभाग्य के लिए अपने हाथ से पान भी खिलाती है। इस दिन चाहे बहन छोटी हो या बड़ी उसे अपने भाई के सर और पीठ पर हाथ फेर कर उसे आशीर्वाद अवश्य ही देना चाहिए ।

badan-dar-logo भविष्य पुराण के अनुसार रक्षाबंधन ( RakshaBandhan ) के पर्व को विधि-विधान पूर्वक मनाने से बहनो और भाइयों को किसी भी वस्तु नहीं रहता है घर में सुख समृद्धि का वास रहता है ।भविष्य पुराण में बहनो द्वारा भाइयों को बांधे जाने वाले रक्षा सूत्र के बारे में कहा गया है कि -

सर्व रोग पशमनं सर्वाशुभ विनाशनम।
सुंकृत्कृते नाब्दमेकं येन रक्षा कृता भवेत।।

अर्थात इस पवित्र पर्व पर धारण करने वाला रक्षा सूत्र उस जातक के समस्त रोगों एवं अशुभ कार्यों को नष्ट कर देता है तथा इसके धारण करने से मनुष्य पूरे वर्ष भर के लिए रक्षित हो जाता है। अत: इस रक्षा सूत्र को अवश्य ही धारण करना चाहिए ।

badan-dar-logo जिन भाइयों की कोई बहन ना हो तो उन्हें किसी को अपनी मुहँबोली बहन बना कर उससे रक्षाबंधन के दिन अपनी दाहिनी कलाई पर राखी बँधवानी चाहिए अथवा किसी भी पण्डित , पुरोहित से राखी अवश्य बंधवानी चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार सावन माह की पूर्णिमा के दिन जो जातक अपनी बहन / मुंहबोली बहन / पुरोहित से राखी बंधवाता है उसकी सभी संकटो से अवश्य ही रक्षा होती है ।
इस दिन राखी बँधवाने के बाद अपनी सामर्थ्यानुसार अपनी बहन / पुरोहित को उपहार देकर उन्हें संतुष्ट अनिवार्य रूप से करना चाहिए ।


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1.
Hani aur prshni ka nhaurn
Jay prakash vishwakarma  

2.
Thane e kopri 400603
sunil raj bhar  





No Tips !!!!

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रक्षाबन्धन / राखी कैसे मनाएँ

Raksha Bandhan Kaise Manaye

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जानिए क्या है राखी का महत्व ।