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प्रेम का प्रतीक बसंत पँचमी

Saraswati Second Hindi Yantra

प्रेम का प्रतीक बसंत पँचमी

                    Durga Beesa yantra Hindi


Basant Panshmi
बसंत ऋतु हर्ष और उल्लास का प्रतीक है। वसंत ऋतु आते ही प्रकृति का कण-कण खिल उठता है, ना केवल, मनुष्य वरन पशु-पक्षी पेड़-पौधे सभी उल्लास से भर जाते हैं। वसंत का मतलब है कि अब सर्दियां खत्म हुई और फलने-फूलने का मौसम आ गया है। आम के वृक्ष पर बौरों लगने लगती है ।

होली के लिए आज ही के दिन प्रतीक स्वरूप पेड़ लगा दिया जाता है ।  वृंदावन और बरसाना की गलियों में राधा और कृष्ण के प्रेम और रासलीलाओं का चित्रण आँखों के सामने आ जाता है। आज का दिन नाचने गाने का, सब से प्रेम और जोश से बात करने का, खुश होने और खुशियों को बाँटने का दिन है।
Shubh Vivah

आज के दिन प्रसन्न होने में बिलकुल भी कंजूसी ना करें । मान्यता है की आज के दिन हर्ष उल्लास से, ऊर्जा से प्रेम से व्यवहार करने वाले जातक के जीवन में हर तरफ से प्रसन्नता दौड़ी चली आती है । मित्रता के लिए, प्रेम के इजहार के लिए बसंत पँचमी से अच्छा कोई दूसरा दिवस नहीं है।

आज का दिन भारत का वैलेंटाइन डे है, जो की बहुत प्राचीन काल से मनाया जाता है। आज प्रेम के देवता कामदेव की पूजा भी की जाती है । अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते है, या अपने किसी मित्र से अपनी गलती की क्षमा माँगना चाहते है तो उसे अपने मन की बात तुरंत कह दें।


अगर संभव हो तो आप उन्हें कोई भी उपहार चाहे वह फूल ही क्यों ना हो अवश्य ही भेटं करें। आज के दिन का अवसर ना गंवाए कुछ ना कुछ बोलें अवश्य, अच्छा बोले, सच्चे ह्रदय से बोले आपकी मनोकामना, आपकी इच्छा अवश्य ही पूर्ण होगी । अपनी भावनाओं को छुपाएँ नहीं । लेकिन ध्यान रहे की ऐसा कुछ ना करें जिससे किसी को ठेस लगे, क्रोध या कटु वचन तो बिलकुल भी भूल जाएँ ।


बसंत पंचमी के दिन आप अकेले तो बिलकुल भी ना रहे। किसी के आने का इन्तज़ार ना करें खुद अपने प्रियजनों के, मित्रों के पास जाएँ या कम से कम उन्हें फोन तो अवश्य ही करें। आज के दिन का एक पल भी व्यर्थ ना गवाएँ । इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना काम ( पढ़ाई, नौकरी, व्यापार ) छोड़ दें लोगो से ही मिलें , वरन आप अपने सभी कार्य पूरे जोश से, लगन से, ईमानदारी से करें ।

आज के दिन आप अपने प्रियजन चाहे वह आपके परिजन, मित्र, सहपाठी, सहकर्मी, पत्नी या गुरु जो भी हों उन सभी को पूर्ण सम्मान दें, उन सभी से प्रेम से बोलें ।


बसंत पंचमी के दिन घर में पीले मीठे चावल बनायें जिसमें अपनी सामर्थ्यानुसार मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश, नारियल, इलाइची, केवड़ा आदि भी अवश्य ही डालें । इस मीठे पुलाव को सबसे पहले घर के मंदिर में भगवान को भोग लगाएं फिर प्रेम पूर्वक परिवार के सभी सदस्य इसे ग्रहण करें । इससे प्रभु के आशीर्वाद से परिवार में अटूट प्रेम बना रहता है घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है ।

बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र धारण करे और घर के मंदिर में स्थापित ( भगवान कृष्ण / विष्णु जी ) देवी देवताओं को भी पीले वस्त्र अर्पित करें । बसंत पंचमी के दिन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण / विष्णु जी को पीले फूलो की माला चढ़ाकर इत्र भेंट करने से प्रेम में सफलता मिलती है, घर के सदस्यो के मध्य स्नेह बना रहता है, दाम्पत्य जीवन सुखमय बनाता है।

बसंत पंचमी के दिन स्त्रियों / कन्याओं को पीले वस्त्र, पीली चूड़ियाँ पहननी चाहिए , पीले पुष्प से श्रृंगार करना चाहिए इससे जीवन में प्रसन्नता और सौभाग्य आता है ।

बसंत पंचमी के दिन प्रेम के देवता कामदेव की पूजा भी अवश्य करनी चाहिए । हिन्दू धर्म ग्रंथों में कामदेव को प्रेम और अकार्षण का देवता कहा जाता है। कामदेव को मनुष्यों में कामेच्छा उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी माना गया हैं। बसंत पंचमी के दिन कामदेव के मन्त्र का भी जप अवश्य ही करे ।

om कामदेव का मन्त्र :- "ऊँ कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात‍्।"

om बसंत ऋतू में कामदेव के उपरोक्त मन्त्र का नित्य जाप करने से,
om सम्मोहन शक्ति जाग्रत होती है,
om सामने वाला व्यक्ति जातक के प्रति आकर्षित होता है,
om शरीर हर्ष से प्रफुल्लित रहता है,
om जातक सर्वत्र लोकप्रियता प्राप्त करता है ।
om इस मंत्र से प्रेम में सफलता ,
om सुयोग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है,
om दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है ।




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