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पितरों की विदाई कैसे करें

Pitro Ki Vidai kaise Kare

पितरों की विदाई

पितरों की विदाई

Pitro Ki Vidai

पितरों की विदाई

पितरों की विदाई

Pitro Ki Vidai

पितरों की विदाई

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Pitron Ki vidai

पितरों की विदाई
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पितरों की विदाई

पितरों की विदाई कैसे करें
Pitro Ki Vidai Kaise karen


hand logo पितृ पक्ष Pitra Paksh में श्राद्ध करके पितृ अमावस्या Pitra Amavasya के बाद सूर्यास्त के समय पितरों की पूर्ण आदर और श्रद्धा से विदाई अवश्य ही की जानी चाहिए ।
सर्वपितृ अमावस्या Sarvpitra Amavasya के दिन रात्रि के समय पितृगणों अपने लोक को लौट जाते हैं इसलिए उन्हें विदा करते समय उनको रास्ता दिखने हेतु दीप दान करा जाता हैं।

hand logo इसमें शास्त्रीय विधानानुसार सूर्यास्त के समय गंगा / नदी के तटों पर चौदह दीप प्रज्वलित कर पितरों का सिमरन करना चाहिए। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर दीपों को गंगा में प्रवाहित कर पितरों से अपनी जाने अनजाने में हुई भूलों की क्षमा माँगते हुए उनकी विदाई करें।

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hand logo उनसे प्रार्थना करें कि "हे हमारे समस्त ज्ञात अज्ञात पितृ गण हमने सच्चे मन से आपका तर्पण Tarpan, श्राद्ध Shardh किया है, यदि हमसे कुछ भूल हो गयी हो तो हमें क्षमा करें, हम पर सदैव अपना स्नेह, अपना आशीर्वाद बनाये रखे, हमारे घर, हमारे परिवार, हमारे कारोबार के किसी भी प्रकार के संकटों को दूर करें एवं प्रसन्न होकर अपने लोक में पधारे।

hand logo हिन्दु धर्म में पीपल pipal का बहुत ही प्रमुख स्थान है । पीपल pipal में 33 करोड़ देवी देवता का वास माना गया है । भगवान वासुदेव ने भी कहा है कि वृक्षों में मैं पीपल pipal हूँ । पीपल में हमारे पितरों का भी वास माना गया है इसलिए श्राद्ध पक्ष Shradh Paksh में तो इसका और भी ज्यादा महत्व है । इसलिए गंगा / नदी तट नहीं होने की स्थिति पर पीपल के वृक्ष के चारों ओर दीप प्रज्वलित करके दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर पितरों का सिमरन करते हुए उनकी विदाई करें।

hand logo अगर नदी या पीपल पर दीपक ना जला पाएं तो सांयकाल प्रदोष काल में ( अँधेरा होने पर ) घर के बाहर दक्षिण दिशा में अथवा घर की छत पर दक्षिण दिशा में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय " मन्त्र का जाप करते हुए दीपक जलाएं फिर दक्षिण दिशा में मुहँ करके पहले यमराज जी , चित्रगुप्त जी फिर अपने आदि पितृ वसु, रूद्र, आदित्य जी को प्रणाम करके उनसे पूरे श्राद्ध पक्ष में किये गए तर्पण, श्राद्ध, दान आदि का पुण्य पाने पितरो को प्रदान करने, उनसे अपने पितरो को मोक्ष प्रदान करने / पितरो को स्वर्ग में स्थान देने की प्रार्थना करे।

hand logo तत्पश्चात अपने पितरो से श्राद्ध पक्ष में हुई अपनी भूलों की क्षमा माँगते हुए, उनसे आशीर्वाद माँगे और उनको प्रसन्नता पूर्वक पितृ लोक की ओर जाने का आग्रह करके उनकी विदाई करें।

hand logo मान्यता है कि पितृ अमावस्या पर उनके निमित दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से उनका पितृ लोक का वापसी का मार्ग प्रशस्त होता है और वे हर्ष पूर्वक आसानी से अपने लोक में वापस चले जाते है ।
इस तरह पितरो को संतुष्ट करके, उनको प्रसन्न करके विदा करने से पितरो का आशीर्वाद उस जातक, उसके घर परिवार पर सदैव बना रहता है।

hand logo वैसे तो पितृ पक्ष Pita Paksh के श्राद्ध Shradh की महिमा अपार है इसके बारे में ज्यादा कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जो भी व्यक्ति अपने दिवंगत माता-पिता, दादी -दादा, परदादा, नाना, नानी आदि का इन 16 श्राद्धों में व्रत उपवास रखकर या श्राद्ध के दिन ब्राह्मण को पूर्ण श्रद्धा से भोजन कराकर दक्षिणा देते हैं,नित्य अपने पूर्वजों का तर्पण Purvjon Ka Tarpan करते है उनके घर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी सदैव ही विराजमान रहती हैं।
अर्थात वे सदैव ही सुख, सौभाग्य धन धान्य से परिपूर्ण रहते हैं। अत: इस धरती में सभी व्यक्तियों को इन दिनों में अपने कर्तव्यों का अवश्य अवश्य ही पालन करना चाहिए ।


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