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पथरी के आयुवेदिक उपचार
Pathri ke ayurvedic upchar


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पथरी से कैसे निजात पाएं
Pathri se kaise Nijat Payen


hand logo अगर किसी को पथरी की शिकायत (Pathri ke shekayat ) है और डाक्टर उसे आपरेशन की सलाह दे रहे है तो थोड़ा रुकिए। पथरी ( Pathri ) होने पर 7 दिन तक सुबह एक गिलास पानी/छाछ में थोड़ी गरम की हुई फिटकरी घोल कर पी लें, फिटकरी इतनी अवश्य ही घोलें कि पानी खारा हो जाय । इससे पथरी गल कर आसानी से निकल जाती है। अगर पथरी पूरी तरह से ना निकल पाए तो इसे पुनः 10 दिन बार फिर से करें | यहाँ पथरी गलाने का ( pathri galne ka ) अचूक इलाज है

hand logo सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर ( pathri tutkar ) बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

hand logo पथरी की समस्‍या ( Pathri ke samasya ) से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्‍योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्‍टोन ( kidney me stone ) के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।

hand logo मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पी‍जिए।ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

hand logo चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए। हो सके कोल्ड्रिंक ज्यादा मात्रा में पीजिए।

hand logo शुद्ध तुलसी का रस लेने से भी पथरी को यूरीन के रास्‍ते निकलने में मदद मिलती है। कम से कम एक म‍हीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।

hand logo जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

hand logo नींबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार में से एक है। पत्‍थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है। नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।

hand logo बेल पत्थर को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली‍ मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

hand logo अन्नानास खाने और उसके जूस का नित्य सेवन करने से एक माह में ही पथरी गल कर निकल जाती है ।

hand logo बालम खीरा का सुबह शाम आधा गिलास रस निकाल कर उसका सेवन करने से 15 दिन में ही पथरी की समस्या ख़त्म हो जाती है ।

hand logo जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

hand logo गुर्दे में पथरी होने पर 15 दिन तक लगातार 5 - 6 ग्राम कच्चा पपीता और इतना ही गुड लेकर उसमें 4 बूंद कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह शाम खाली पेट लें , इस दौरान पालक, टमाटर आदि का सेवन ना करें । 15 दिन के बाद पथरी चैक कराएं , पूरी सम्भावना है कि पथरी निकल चुकी होगी ।

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पथरी के आयुवेदिक उपचार

Pathri Ke Upay

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