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नवरात्रि में कन्या पूजन

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नवरात्र में कैसे माँ का प्रतीक कंजके ( छोटी कन्याएं) दिला सकती है हमें माता की पूर्ण कृपा इसे जानने के लिए इस साईट पर अवश्य ही विज़िट करें।

हे माँ भगवती आप अपने सभी भक्तो को उनकी समस्त भूलो को क्षमा करते हुए उन्हें मनवाँछित फल प्रदान करें ।

Kalash One Image नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व Kalash One Image


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नवरात्रि सौन्दर्य, हर्ष उल्लास, उमंगो का पर्व है। कहते है नवरात्रि में माँ दुर्गा धरती पर भ्रमण करती है और अपने सच्चे भक्तों पर कृपा द्रष्टि बरसाते हुए उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करती है ।
नवरात्र में सभी तिथियों को एक-एक और अष्टमी या नवमी किसी भी दिन नौ कन्याओं की पूजा करके उनका आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।

नवरात्रि में माता की कृपा पाने के लिए 2 से लेकर 10 वर्ष तक की नन्ही कन्याओं के पूजन का विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार इनके माध्यम से माता दुर्गा को बहुत आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है। वस्तुत: ये कुमारी कन्याएँ माँ आदि शक्ति का ही स्वरूप मानी गयी है ।

जो योग नवरात्री में अष्टमी को कन्याओं का पूजन करते है उनके लिए सूर्योदय से 11.20 तक कन्या खिलाकर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा , क्योंकि उसके बाद नवमी लग जाएगी ।
इसी तरह जो लोग नवमी तिथि को कन्या खिलाते है उन्हें सुबह 10 बजकर 2 मिनट तक कन्या पूजन करके उन्हें भोजन कराकर उनका आशीर्वाद ग्रहण कर लेना चाहिए क्योंकि उसके बाद दशमी लग जाएगी ।


Kalash One Image शास्त्रों के अनुसार दो वर्ष की कन्या को कुमारी कहा गया है । कुमारी के पूजन से सभी तरह के दुखों और दरिद्रता का नाश होता है ।


Kalash One Image तीन वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति माना गया है । त्रिमूर्ति के पूजन से धन लाभ होता है ।


Kalash One Image चार वर्ष की कन्या को कल्याणी कहते है । कल्याणी के पूजन से जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है ।

 

* पांच वर्ष की कन्या को रोहिणी कहा गया है । माँ के रोहणी स्वरूप की पूजा करने से जातक के घर परिवार से सभी रोग दूर होते है।


Kalash One Image छः वर्ष की कन्या को काली कहते है । माँ के इस स्वरूप की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि, यश और सभी क्षेत्रों में विजय की प्राप्ति होती है ।


Kalash One Image सात वर्ष की कन्या को चंडिका कहते है । माँ चण्डिका के इस स्वरूप की पूजा करने से धन, सुख और सभी तरह की ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है ।


Kalash One Image आठ वर्ष की कन्या को शाम्भवी कहते है । शाम्भवी की पूजा करने से युद्ध, न्यायलय में विजय और यश की प्राप्ति होती है ।


Kalash One Image नौ वर्ष की कन्या को दुर्गा का स्वरूप मानते है । माँ के इस स्वरूप की अर्चना करने से समस्त विघ्न बाधाएं दूर होती है, शत्रुओं का नाश होता है और कठिन से कठिन कार्यों में भी सफलता प्राप्त होती है ।


Kalash One Image दस वर्ष की कन्या को सुभद्रा स्वरूपा माना गया हैं। माँ के इस स्वरूप की आराधना करने से सभी मनवाँछित फलों की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते है ।



इसीलिए नवरात्र के इन नौ दिनों तक प्रतिदिन इन देवी स्वरुप कन्याओं को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य से भेंट देना अति शुभ माना जाता है। इन दिनों इन नन्ही देवियों को फूल, श्रंगार सामग्री, मीठे फल (जैसे केले, सेब,नारियल आदि), मिठाई, खीर , हलवा, कपड़े, रुमाल,रिबन, खिलौने, मेहंदी आदि उपहार में देकर मां दुर्गा की अवश्य ही कृपा प्राप्त की जा सकती है ।


Kalash One Image नवरात्रे की अष्टमी या नवमी के दिन जिस दिन आप कन्या खिलाएं / पूजन करें उस दिन दस साल से कम उम्र की नौ कन्याओं और एक लडके को पूर्ण श्रद्धा एवं प्रेम से भोजन करा कर यथा शक्ति उन्हें दक्षिणा और उपहार भी अवश्य ही देना चाहिए। अगर आप घर पर हवन कर रहे है तो उनके नन्हे नन्हे हाथों से हवन सामग्री अग्नि में अवश्य डलवाएं।



Kalash One Image इस दिन कन्याओं के दूध से पैर धोने / पूजने चाहिए। उन नन्ही नन्ही कन्याओं के पैरों पर अक्षत, फूल और कुंकुम लगाना चाहिए। नवदुर्गा के नौवें अर्थात अंतिम दिन खीर, ग्वारफली की सब्जी और दूध में गूँथी हुई पूरियाँ कन्याओं को खिलानी चाहिए।


उन्हें इलायची, पान, हलवा / खीर पूरी या जलेबी / मिठाई का सेवन कराकर उन्हें दक्षिणा अवश्य ही दें। यदि संभव हो सके तो अंत में जाते समय उन्हें कोई न कोई बर्तन और एक एक चुनरी देकर घर से बेटी की तरह विदा करें ।



कन्याएँ जब चलने लगे तो उनसे अपने सिर पर अक्षत भी अवश्य ही छुड़वाएं ।


और हाँ ..........उन्हें विदा करते समय उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करना कतई न भूलें।
इन उपरोक्त रीतियों के अनुसार माता की पूजा अर्चना करने से देवी मां प्रसन्न होकर हमें सुख, सौभाग्य,यश, कीर्ति, धन और अतुल वैभव का वरदान देती है।

 

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पं० कृष्णकुमार शास्त्री






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नवरात्रि में कन्या पूजन

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इस नवरात्र में धरती में माँ नवदुर्गा का स्वरुप छोटी कन्याओं को प्रसन्न करके माता के आशीर्वाद से अपनी सभी इच्छाओं को पूरा करिए । भक्तों नवरात्र का ब्रत रखे या नहीं लेकिन इसे शेयर करके तो पुण्य कमायें ।