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नवरात्री की कैसे करें तैयारी, नवरात्र की तैयारियाँ

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नवरात्री की कैसे करें तैयारी, नवरात्र की तैयारियाँ

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हे माँ आदि शक्ति आप अपने भक्तो पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखते हुए उनकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करे ।

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सभी हिन्दु धर्म ग्रंथो में नवरात्री की बहुत महिमा बताई गई है । नवरात्री navratri के नौ दिनों में भक्त गण सच्चे मन से माँ आदि शक्ति के विभिन्न रूपो की आराधना करते हुए माँ से अपने घर परिवार में आरोग्य, सुख-समृद्धि और समस्त सुखो के लिए प्रार्थना करते है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा से माँ की आराधना करते है माँ उनकी समस्त अभिलाषाएं अवश्य ही पूर्ण करती है । जो लोग इन दिनों ब्रत रखते है उन्हें पहले से ही कई तैयारियाँ एवं ब्रत के कई नियमो का पालन करना होता है,
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om-logo नवरात्री navratri अमावस्या amavasya के बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन शुरू होते है अतः सम्पूर्ण पूजन सामग्री अमावस्या से एक दिन पहले ही खरीद लेनी चाहिए अर्थात यथासंभव अमावस्या amavasya के दिन माँ की पूजन सामग्री खरीदने से बचना चाहिए ।

om-logo सामान्यता देखा जाता है कि नवरात्र navratr के प्रथम दिन कलश स्थापना, जौ बोने के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त थोड़े समय के लिए ही मिल पाता है जिसमें हम जल्दी जल्दी करते हुए हड़बड़ा जाते है और कई बातो को भूल जाते है अतः जो लोग घर में जौ बोते है उन्हें जौ बोने के लिए बर्तन एवं मिटटी की व्यवस्था एक दिन पहले ही कर लेनी चाहिए ।

om-logo नवरात्र navratr में पूजा सामग्री में कलश, जौ के लिए बर्तन , कलश के लिए आम के पत्ते, पंचरत्न, रोली, मीठा, चाँदी का सिक्का , जौ , तिल, , कमल गट्टा, शहद, गंगा जल, इत्र, सिंदूर, रोली, हल्दी की गाँठ, जायफल, सुपारी, पीला जनेऊ, लाल कलावा / मोली, कौड़ियाँ, पंचमेवा, मिश्री, मेवे, फल, मखाने, घी, कलश के ऊपर रखने वाला नारियल, पीले अक्षत, लकड़ी की चौकी, बिछाने के लिए लाल / पीला कपड़ा, लाल चुनरी , माँ के लिए वस्त्र, अर्पित करने के लिए सुहाग का सामान /चूड़ियाँ आदि जो भी खरीदना हो उसकी लिस्ट बना कर पहले ही खरीद कर रख लें ।
जिससे ऐन वक्त पर कुछ खोजना ना पड़े । पूजा के लिए पान के पत्ते और फूल / माला भी एक रात पहले ही खरीद कर रख लेना चाहिए ।

om-logo नवरात्री navratri में घर के मंदिर में कलश स्थापना, जौ बोने से पहले मंदिर को अच्छी तरह से साफ करके उसे सजा लेना चाहिए । मंदिर की मूर्तियों / तस्वीरों को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए और उन्हें वस्त्र आदि पहना देना चाहिए ।
अधिकतर यह देखा जाता है कि भक्त गण यह कार्य नवरात्र के प्रथम दिन ही करते है जिसमें अच्छा समय लग जाता है और स्थापना का शुभ मुहूर्त shubh muhurat नहीं मिल पाता है अतः मंदिर की साफ-सफाई, सजावट का कार्य एक दो दिन पूर्व में ही हर हालात में कर लेना चाहिए जिससे उस दिन जल्दबाजी और भूल-चूक ना हो ।

om-logo जिन घरो में अखंड ज्योति जलाई जाती है वहाँ पर दीपक को पाहे ही अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए, घी और दीपक को ढकने के लिए शीशे का इंतजाम भी पहले ही कर लेना चाहिए ।

om-logo मान्यता है कि अखण्ड ज्योति में रुई की जगह लाल बत्ती का प्रयोग करना शुभ रहता है, ध्यान रहे लाल बत्ती सूती हो तभी वह लंबे समय तक जल पायेगी । दीपक के लिए सूती लाल बत्ती भी पहले से ही ले लेनी चाहिए ।

om-logo जो लोग नवरात्र में घर में कलश स्थापना करते है, नवरात्री का ब्रत रखते है, उन्हें नवरात्री navratri से पहले ही अपने घर की अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए , विशेषकर घर के मंदिर, रसोई और फ्रिज़ को बिलकुल साफ - सुथरा रखना चाहिए । वहाँ किसी भी प्रकार का प्याज़, लहसुन आदि ना रखे ।

om-logo नवरात्र navratr के ब्रत में भक्त गण फलाहार, फल आदि का सेवन करते है । आजकल बाजार में भी बनी बनाई ब्रत की नमकीन मिलती है , लेकिन उससे अच्छा है कि मखाने , मूंगफली, साबुत दाना आदि लेकर पहले से ही घर पर हल्के घी / तेल की सेंधा नमक या बिना नमक की ब्रत की नमकीन बना लें । जिससे ब्रत में भूख लगने पर बिलकुल साफ और हल्का आहार प्राप्त हो सके ।

om-logo नवरात्र navratr में प्रतिदिन की पूजा में माँ को कुछ ना कुछ प्रशाद अवश्य ही चढ़ाना चाहिए । यह प्रशाद पंचमेवा, मिश्री, लौंग, इलाइची, मेवे, फल आदि हो सकते है , इन्हें भी पहले से ही खरीद कर रख लेना चाहिए ।

om-logo नवरात्री navratri में माँ दुर्गा को नौ दिन अलग अलग भोग लगाने का विधान है , यदि आप भी माँ को प्रत्येक दिन शास्त्रो के अनुसार भोग लगाना चाहते है तो प्रतिदिन के भोग की व्यवस्था भी पूर्व में ही समय रहते कर लेनी चाहिए ।

om-logo नवरात्रि navratri में मंदिरो में भजन कीर्तन होते रहते है, बहुत से लोग अपने घर पर भी माँ की भेंटो , भजन कीर्तन का आयोजन करते है, इससे वातावरण शुध्द होता है । नवरात्र navratr में किसी भी दिन समय निकाल कर इन कीर्तन में अवश्य ही जाएँ अथवा अपने घर पर ही किसी म्युज़िक सिस्टम में ही सही नवरात्र में माता के गीत अवश्य ही चलाएं, भक्ति रस का आनंद लें ।

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