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नवरात्र का महत्व

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जानिए नवरात्र में कैसे मिलेगी माँ दुर्गा की पूर्ण कृपा

हे माँ आदि शक्ति आप अपने भक्तो पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखते हुए उनकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करे ।

Kalash One Image नवरात्री का महत्व Kalash One Image
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Kalash One Image चैत्र नवरात्र का महत्व Kalash One Image
Kalash One Image Chatra Navratr ka mahatv Kalash One Image


नवरात्र Navratr से नौ विशेष रात्रियां का बोध होता है। "रात्रि"  सिद्धि का प्रतीक मानी गयी है। नवरात्र Navratr में माँ शक्ति के नौ रूपों की आराधना की जाती है। भारत में प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों ने दिन की अपेक्षा रात्रि को अधिक महत्व दिया है। इसी कारण होली, दीवाली, शिवरात्रि एवं नवरात्री आदि पर्वों को रात में ही मनाने की परंपरा है,
जानिए नवरात्री का महत्व, navratri ka mahtv, चैत्र नवरात्र का महत्व, Chatra navratr ka mahatv ।

Kalash One Image  प्रत्येक वर्ष में दो बार नवरात्री Navratri का पवित्र पर्व आता है। नवरात्रों Navratro में माता दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। नवरात्री का प्रथम पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है, इन्हे चैत्र के नवरात्रे कहते है ।

Kalash One Image नवरात्री Navratri का दितीय पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। दोनों ही नवरात्रों Navratro में देवी का पूजन किया जाता है, इन्हे शारदीय नवरात्रे कहते है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष के नवरात्रों Navratro के बाद विजय दशमी का पर्व मनाया जाता है। दोनों ही नवरात्रों Navratro में देवी का पूजन करने की विधि लगभग एक समान रहती है।

Kalash One Image इसके अलावा भी वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्रे भी आते है।  पहला गुप्त नवरात्रा आषाढ मास के शुक्ल पक्ष में व दुसरा गुप्त नवरात्रा माघ मास के शुक्ल पक्ष में आता है।  आषाढ और माघ मास में आने वाले इन नवरात्रों Navratro को  साधना सिद्धि ,गुप्त विधाओं की प्राप्ति के लिये प्रयोग किया जाता है।
 
Kalash One Image इस वर्ष 2018 में चैत्र माह Chaitra mah के कृष्ण पक्ष के नवरात्रे 18 मार्च रविवार से शुरू होकर 26 मार्च सोमवार तक रहेंगे।

Kalash One Image वैसे 17 मार्च शनिवार को 7.41 बजे से प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी लेकिन पहला नवरात्र 18 मार्च सूर्योदय के बाद ही माना जायेगा । 18 मार्च से लेकर 25 मार्च तक नवरात्र रहेंगे। नवरात्र का आरंभ और विश्राम रविवार पर होना बेहद शुभ संयोग है। नवरात्री में प्रतिदिन मां के एक विशेष रूप की पूजा की जाती है।

Kalash One Image कब से है नवरात्री Kalash One Image


Kalash One Image 18 मार्च (रविवार), 2018 : घट स्थापन एवं माँ शैलपुत्री पूजा
Kalash One Image 19 मार्च (सोमवार), 2018 : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा,
Kalash One Image 20 मार्च (मंगलवार), 2018 : माँ चंद्रघंटा पूजा,
Kalash One Image 21 मार्च (बुधवार), 2018 : माँ कुष्मांडा पूजा
Kalash One Image 22 मार्च (बृहस्पतिवार ), 2018: माँ स्कंदमाता पूजा
Kalash One Image 23 मार्च (शुक्रवार ), 2018: माँ कात्यायनी पूजा
Kalash One Image 24 मार्च (शनिवार), 2018 : माँ कालरात्रि पूजा, माँ महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी
Kalash One Image 25 मार्च (रविवार ), 2018 : राम नवमी
Kalash One Image 26 मार्च (सोमवार ), 2018 : नवरात्री पारण

नोट : इस वर्ष नवरात्रि में अष्टमी एवं नवमी के व्रत / कन्या पूजन के बारे में कुछ भ्रांतियां हैं जिसका समाधान निम्न है ।

Kalash One Image अष्टमी शनिवार को सुबह 9 बजकर 26 मिनट से प्रारम्भ होगी जो अगले दिन रविवार सुबह 7 बजकर 4 मिनट तक रहेगी ।

Kalash One Image रविवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर होगा ।

Kalash One Image उसी दिन रविवार को सुबह 7 बजकर 5 मिनट से नवमी शुरू हो जाएगी जोकि शाम 4 बजकर 39 मिनट तक रहेगी उसके बाद से दशमी लग जाएगी ।

Kalash One Image अतः सप्तमी और अष्टमी का व्रत शनिवार को और नवमी का व्रत रविवार को होगा ।

Kalash One Image इसीलिए अष्टमी और नवमी की कन्याएं रविवार को ही खिलाई जाएँगी ।

Kalash One Image नवरात्री Navratri के 9 दिनों के पर्व को 3-3-3 दिनों में बांटा गया है। 

Kalash One Image प्रथम 3 दिन भक्त माँ दुर्गा की आराधना तमस को जीतने के लिए अर्थात अपने अंदर उपस्थित बुराइयों , अपने विघ्न- बाधाओं , अपने रोगो , अपने पापो तथा शत्रुओं के नाश के लिए करते है ।

 

Kalash One Image बीच के तीन दिन में भक्त धन की देवी माँ लक्ष्मी की आराधना रजस को जीतने के लिए अर्थात सभी भौतिक इच्छाओं,  धन, सुख समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्त करने के लिए करते है । 

 

Kalash One Image तथा अंतिम तीन दिन में भक्त विध्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना सत्व को जीतने के लिए अर्थात आध्यात्मिक ज्ञान , विद्या, ज्ञान, वाकपटुता, कौशल प्राप्त करने के लिए करते है । 

नवरात्रि navratri में माँ नौ शक्तियों की पूजा अलग-अलग दिन में की जाती है। पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरुप की आराधना की जाती है। उसके बाद क्रमश: माँ श्री ब्रह्मचारिणी, माँ श्री चंद्रघंटा, माँ श्री कुष्मांडा, माँ श्री स्कंदमाता, माँ श्री कात्यायनी, माँ श्री कालरात्रि, माँ श्री महागौरी, माँ श्री सिद्धिदात्री का पूजन पूर्ण विधि विधान से किया जाता है, माँ के इन्ही के स्वरुपो को नवदुर्गा कहते हैं।

hand logo " प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्माचारिणी।

hand logo तृतीय चंद्रघण्टेति कुष्माण्डेति चतुर्थकम्।

hand logo पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।

hand logo सप्तमं कालरात्रि महागौरीति चाऽष्टम्।

hand logo नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा प्रकीर्तिताः। "

Kalash One Image नवरात्री में माँ दुर्गा के पूजन की सभी सामग्री यथासंभव नवरात्री से दो दिन पहले खरीद लेनी चाहिए , अमावस्या को पूजन सामग्री खरीदने से बचना चाहिए ।



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पं० कृष्णकुमार शास्त्री



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