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होलाष्टक क्या है , होलाष्टक की कथा

Holastak Kya Hai, Holastak Ki Katha

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होलाष्टक क्या है
Holashtak Kya hai


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होलाष्टक की कथा
Holashtak ki Katha



शास्त्रो में होलाष्टक Holashtak मनाने के बारे में कई मत , कथाएं है_______

Kalash One Image एक कथा के अनुसार होलाष्टक Holashtak के पीछे यह कारण है कि, भगवान शिव ने अपनी तपस्या भंग करने का प्रयास करने पर प्रेम के देवता कामदेव Kamdev को फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि को भस्म कर दिया था।

Kalash One Image प्रेम के देवता कामदेव के भस्म होने पर पूरे संसार में शोक फ़ैल गया था । तब पति के वियोग में विलाप करती कामदेव Kamdev की पत्नी रति ने भगवान शिव से क्षमा याचना की जिससे प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने कामदेव को पुनर्जीवन प्रदान करने का आश्वासन दिया।

Kalash One Image इसके बाद पूरे जगत में खुशी मनायी। होलाष्टक Holashtak का अंत मन दुलहंडी में रंग खेलने का एक यह कारण भी माना जाता है।

Kalash One Image एक अन्य कथा के अनुसार --------

Kalash One Image प्राचीन समय में हिरण्यकश्यप ने घोर तपस्या करके भगवान विष्णु से कई वरदान प्राप्त कर लिए थे। हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद जन्म से ही भगवान विष्णु का परम भक्त था, वह हर समय भगवान श्री हरि की भक्ति में लीन रहता है । जिससे उसके पिता हिरण्यकश्यप बहुत कुपित होते थे।

Kalash One Image प्रह्लाद ने जब प्रभु विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी तो उन्होंने फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रह्लाद को बंदी बना लिया और उसे भगवान विष्णु से विमुख करने के लिए यातनाएं देने लगे और आठवें दिन हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने जिसे भगवान ब्रह्मा द्वारा अग्नि में न जलने का वरदान था, प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में भस्म करने का उपाय बताया और होलिका भतीजे प्रह्लाद को गोद में लेकर जैसे ही जलती आग में बैठी, प्रह्लाद को तो कुछ नहीं हुआ वह स्वयं जलने लगी ।

Kalash One Image उसी समय से इन आठ दिनों को होलाष्टक Holashtak के रूप में मनाया जाता है। इस कारण से इन दिनों कोई भी शुभ कार्य जैसे गर्भाधान, विवाह, नामकरण, विद्यारम्भ, गृह प्रवेश व निर्माण आदि अनुष्ठान अशुभ माने जाते हैं।

Kalash One Image होली एक दिन का पर्व न होकर पूरे आठ दिन का त्योहार इसके पीछे यह कारण भी माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण आठ दिनों तक गोपियों के संग होली खेलते थे और दुलहंडी के दिन अर्थात जिस दिन होली के का रंग खेला जाता है वह अपने रंगों में सने कपड़ों को अग्नि के हवाले कर देते थे , तब से ही होली आ पर्व आठ दिनों तक मनाया जाने लगा।

Kalash One Image इन्ही सब कारणों से होलाष्टक Holashtak की अवधि में हिंदू संस्कृति के बहुत से संस्कार और शुभ कार्यों की शुरुआत वर्जित है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार जिस क्षेत्र में होलिका दहन Holika Dahan के लिए डंडा स्थापित हो जाता है, उस क्षेत्र में होलाष्टक Holashtak के आठ दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता, अन्यथा अशुभ फल मिलते हैं। लेकिन इस समय में जन्म और मृत्यु के पश्चात किए जाने वाले कृत्यों की मनाही नहीं की गई है।
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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

Published By : Memory Museum
Updated On : 2018-02-19 03:15:55 PM


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