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यह साइट इस दुनिया के समस्त पित्तरों को समर्पित है। आप अपने समस्त श्रद्धेय दिवंगत प्रियजनों / पूर्वजों का यहाँ पर प्रोफाइल बना कर, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देकर उनके नाम को अमर कर दीजिये।


मुख्य सवाल


प्र.1:- क्या पूर्वज होते है? क्या इनका महत्व होता है?
उत्तर:- मित्रों दुनिया में हर व्यक्ति के पूर्वज होते है। और, हर धर्म में उनके बारे में बताया गया है, "गीता" में कहा गया है:- मरना जीना “शरीर का धर्म है परन्तु आत्मा अजर-अमर है, वह ब्राहमांड में किसी न किसी रूप में अवश्य ही विधमान रहती है। जिस प्रकार एक भौतिक “शरीर को संसार में भौतिक चीजों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आत्मा या सूक्ष्म “शरीर को भी आदर, श्रद्धा, कृतज्ञता, स्मरण, श्राद्ध, तर्पण, धार्मिक तथा अध्यात्मिक क्रियाओं की अनिवार्य आवश्यकता होती है। हिन्दू धर्म में तो पित्तरों का देवतृल्य माना गया है। इन पूर्वजों के प्रति कर्तव्यों का पालन करने से हमें सदैव लाभ ही प्राप्त होता है। तथा, जब यह देखते है कि इनके वंशज इनका स्मरण कर रहे है, इनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता का भाव रख रहे है, तो इन्हे ना केवल आत्मिक संतोष ही प्राप्त होता है, एवं वह अपने वंशजों को आशीर्वाद भी देते है।

प्र.2:- क्या पितृदोष होता है?
उत्तर:- हाँ, पितृदोष वर्तमान समय का सबसे घातक दोष माना गया है। जिससे समान्यतः बहुत से लोग पीड़ित रहते है। यह हमारे धर्म के विपरीत आचरण करने अर्थात पापकर्म करने माता-पिता, गुरूओं, बड़े बुजर्गों का अनादर करने, उनकी अनदेखी करने एवं पूर्वजों का स्मरण ना करने के कारण होता है, इसके कारण व्यक्ति को जीवन में तमाम तरह की आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा उसके जीवन में लगातार अस्थिरता रहती है।

प्र.3:- क्या हमें दिवंगत के प्रति श्रद्धा आदर भाव रखते हुये उनका स्मरण करना चाहिये?
उत्तर:- हर माता-पिता, बड़े बुजर्ग चाहते है कि उनकी सन्तान सदैव खुश रहे, तरक्की करे और वंश का नाम रौशन करें, इसके लिये वह हर संभव प्रयास एवं त्याग करते हैं। जीते जी मनुष्य तमाम संसारिक बन्धनों में बंधा रहता है परन्तु मृत्यु अटल सत्य है, सबको एक दिन जाना है कोई भी इस संसार में चाहे अमीर हो या गरीब, छोटा हो या बड़ा, अजर अमर नहीं है। अतः इस सत्य को स्वीकार करते हुये मृत्यु के बाद दिवंगतों के प्रति श्रद्धा आदर रखते हुये उनका स्मरण करते हुये हमें उनसे प्रेरणा लेना चाहिये, उनके प्रति कृतज्ञता का भाव रखते हुये उनकी यादों एवं नाम का सदैव संजों कर रखना चाहिये।

प्र.4:- क्या दिवंगतों के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने से उनको कोई लाभ मिलेगा?
उत्तर:- चूँकि, मृत्यु के बाद भी आत्मा विधमान रहती है तथा यदि हम उनके प्रति अपने अपने धर्मों का पालन करते है तो उन्हे आत्मिक संतोष प्राप्त होता है उन्हें प्रसन्नता होती है कि उनके वंशज, उनके परिजन, उनके प्रति आदर रखते हुये उनका स्मरण कर रहे है। हिन्दू धर्म में कहा गया है कि दिवंगतों के प्रति धार्मिक कृत्य, श्रद्धा, तर्पण, पिण्डदान आदि करने से उन्हे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्र.5:- दिवंगतों के प्रति शास्त्रानुसार कर्तव्य पूरा करने से हमें क्या लाभ है?
उत्तर:- हर मनुष्य के जीवन में उसके कर्मों की अति महत्वपूर्ण भूमिका रहती है कर्मों के अनुसार ही उसे फलों की प्राप्ति होती है, दिवंगतों के प्रति धर्मानुसार कर्तव्यों को करने से वह ना केवल हमें आशीर्वाद देकर हमारी हर संभव सहायता ही करते है, हमें परेशानियों से भी बचाते है। जो करता है वही भरता है तथा जब सर्वशक्तिमान ईश्वर भी यह देखते है, कि हम अच्छे पुनित कर्तव्यों का पालन करते है तो वह ईश्वरीय शक्ति भी हमारे जीवन को रौशन कर देती है।

प्र.6:- क्या हमें रोज साइट पर जाकर समय देना होगा अथवा कोई पूजा आदि करानी होगी?
उत्तर:- यह आप पर निर्भर करता है कि आप साइट पर कब जाते है वस्तुतः यह साइट आपके कर्तव्यों के निर्वाह में मदद करती है, इस साइट में दिवंगत के प्रोफाइल पेज पर उसके धर्मानुसार साज-सज्जा एवं धार्मिक संगीत होता है तथा आप या किसी भी विजिटर द्वारा विजिट करने पर उसका फल सभी को प्राप्त होता है। धार्मिक पूजा आप अपनी सुविधानुसार कर सकते है।

प्र. 7:- इस साइट में एक प्रोफाइल पेज पर हम एक ही पूर्वज की प्रोफाइल बना सकते हैं या कई पूर्वजों की ?
उत्तर:- एक प्रोफाइल पेज पर हम किसी एक ही दिवंगत, पूर्वज की प्रोफाइल बना सकते हैं क्योंकि उस पेज की सम्पूर्ण सामग्री एवं व्यस्थाएं किसी एक ही को समर्पित हो सकती हैं हाँ “वंश-वृक्ष” में जाकर आप अपने किसी भी पूर्वज, दिवंगत के बारे में जानकारी डाल सकते हैं।

प्र.8:- क्या हमें प्रोफाइल एक बार में ही बनानी है?
उत्तर:- नहीं, आप जब भी चाहें जब भी आपको जानकारी मिलती जाय आप उनके प्रोफाइल को अपडेट करते चले, इसमें आप अपने सम्बन्धियों को प्रोफाइल पर आमन्त्रित करके उनसे भी जानकारी, सहायता प्राप्त कर सकते है।

प्र.9:- इस साइट में हमें कितना समय देना होगा?
उत्तर:- जब भी आप चाहें अपनी सुविधानुसार इस साइट पर समय दे सकते है। इस साइट के माध्यम से हमारा यह प्रयास है कि हमारे दिवंगत प्रियजनों, पूर्वजो एवं हमारे आदर्श पुरूषों की यादें कभी भी समाप्त ना हो, इसलिये आप इस साइट पर उनकी प्रोफाइल को अच्छी तरह से व्यवस्थित करके दुनिया के तमाम लोगों को आमन्त्रित कर सकते है, इससे बहुत बड़ी संख्या में लोग उनके नाम, उनके विचारो, उनके आदर्शों से परिचित हो सकेंगे।

प्र.10:- क्या हम दिवंगत की प्रोफाइल एक बार बनाने के बाद उसमें फेरबदल कर सकते है?
उत्तर:- जी हाँ आप अपनी सुविधानुसार तथा जैसे-जैसे जो भी जानकारियां मिलती जायें, उसमें फेरबदल कर सकते है।

प्र.11:- क्या हम स्मारक, फोटो फ्रेम, फूल माला में कुछ परिवर्तन कर सकते है?
उत्तर:- आप स्मारक, फोटो फ्रेम, फूल माला मर्जी के अनुसार बना/ लगा सकते है तथा बाद में यदि चाहे तो आप पुनः उसमें परिवर्तन भी कर सकते है।

प्र. 12:- “वंश-वृक्ष” क्या है?
उत्तर:- "वंश-वृक्ष" हमारे परिवार / पीढ़ियों का एक प्रतिनिधित्व है। यहाँ आप अपने पीढ़ियों / संबंधों का रिकॉर्ड रख सकते हैं। यह आपको अपने पीढ़ियों और संबंधों को जानने में मदद करेगा। इसके द्वारा आप अपने समृद्धशाली वंश से संसार को अवगत कर सकते हैं।

प्र.13:- इस साइट पर हम “वंश-वृक्ष” का निर्माण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर:- यहाँ पर आप रूट में आने वाले व्यक्ति के साथ किसी भी अन्य व्यक्ति को ऐड/ऐडिट कर सकते हैं। यहाँ पहले से ही आपकी सुविधा के लिए ऐड फॉम दिया जा रहा है, जहाँ आप अपने रिश्तेदारों की जानकारी ऐड/ऐडिट कर सकते हैं।

प्र.14:- “वंश-वृक्ष” की क्या खासियत है? हम इसे किस प्रकार देख सकते हैं?
उत्तर:- क्योंकि, इस प्रकार का “वंश-वृक्ष” किसी भी अन्य साइट पर कभी नहीं दिखाया गया है। इसलिए, हम आपको कुछ महत्वपूर्ण सुविधाऐं प्रदान कर रहे हैं, जैसे : - परिवार पीढ़ी-वार सूची में, परिवार संबंध-वार सूची, जड़ व्यक्ति के साथ संबंध, संबंध श्रेणियाँ, आदि,

आप निम्नलिखित श्रेणियों के अनुसार अपने “वंश-वृक्ष” देख सकते हैं:-

  • पितृ पक्ष
  • मातृ पक्ष
  • ससुराल पक्ष



प्र. 15:- क्या हम अन्य Social Networking sites की तरह अपने मित्रों/ परिचितों का Group नहीं बना सकते हैं?
उत्तर:- नहीं, आप यहाँ अन्य Social Networking sites की तरह अपने मित्रों/ परिचितों का Group नहीं बना सकते हैं।

क्या आप चाहेंगे कि आपके पूर्वजों का नाम सिर्फ आपके मित्रों/परिचितों के Group में ही प्रसिद्ध हो या फिर पूरे संसार में।
इस साइट के माध्यम से आपके पूर्वजों का नाम पूरे संसार में प्रसिद्ध होगा।

प्र.16:- मेरे परिचित और मित्र मेरे पूर्वजों का नाम कैसे खोजेंगे?
उत्तर:- कोई भी visitor या user “SEARCH” में नाम, शहर, देश और धर्म द्वारा SEARCH करके आपका या आपके पूर्वजों का नाम खोज सकता है।

प्र. 17:- क्या हम पहले देखने समझने के लिए फ्रिट्रायल पर प्रोफाइल बना सकते है?
उत्तर:- जी हाँ आप डेमो प्रोफाइल मे जाकर 7 दिन के लिए निःशुल्क प्रोफाइल बना सकते हैं। यदि उसके बाद आपको लगे की आपने यहाँ पर अपने दिवंगत प्रियजन को ससम्मान स्थान देकर एक पुनीत कार्य किया है, यहाँ पर लोग उनके बारे में जानकर उन्हे श्रद्वाँजलि अर्पित कर रहे हैं और आपको भी पूर्ण आत्मशांति एवं संतुष्टि प्राप्त हो रही है तभी आप सहयोग राशी का भुगतान करें।

प्र.18:- इस साइट में भुगतान कैसे देना होगा?
उत्तर:- इस साइट में आप Payment Gatway के माध्यम से अपने ATM/DABIT CARD, क्रेडिट कार्ड, नैट बैंकिंग के माध्यम से पूर्णतया सुरक्षित तरीके से छमाही तथा वार्षिक आधार पर भुगतान कर सकते है।

प्र.19:- क्या भुगतान देने की प्रक्रिया पूर्णतया सुरक्षित है?
उत्तर:- जी हाँ, चूँकि आप सीधे Payment Gatway को ही भुगतान करते है अतः इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होता है आपकी जानकारी 100 % गोपनीय और सुरक्षित रहती है, हमें भी उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चलता है।