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धनतेरस दीपावली का शुभ मुहूर्त

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Diwali Diye पांच दिवसीय दिवाली के शुभ मुहूर्त Diwali Diye


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दीपावली 5 पर्वों का पर्व माना जाता है । दीपावली के 5 अति शुभ पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलते है। इस पाँचों दिनों का अपना अलग और विशेष महत्व है । इन सभी दिनों में की गयी पूजा अर्चना, और उपायों को यदि हम सही मुहूर्तों में करें तो व्यक्ति के सभी मनोरथ सिद्ध हो जाते है उसे जीवन में किसी भी चीज़ का आभाव नहीं रहता है ।

धनतेरस के शुभ मुहूर्त


वर्ष 2016 में धनतेरस का शुभ पर्व 28 अक्टूबर शुकवार को मनाया जायगा ।
धनतेरस के दिन सुबह 09.37 से 10.59 तक का समय किसी भी खरीददारी के लिए शुभ है ।
दोपहर 11:55 से 12:40 तक अभिजित मुहूर्त में , दोपहर 1:40 से शाम 5:50 तक लाभ एवं अमृत चौघड़िया में सोना चाँदी, वाहन , जमीन, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि खरीदना शुभ है ।
इसके अतिरिक्त साँय 5:47 से रात्रि 8:25 तक प्रदोष बेला में फिर रात्रि 10.30 से पूरी रात्रि खरीददारी का शुभ महूर्त है, इसलिए जहाँ तक संभव हो हर किसी को इन्ही समय में अपनी विशेष खरीददारी करनी चाहिए ।

धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरि, भगवान कुबेर जी और माता लक्ष्मी की पूजा भी होती है । इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त वृष लगन में शाम 6.57 से रात्रि 8.49 तक है अत: इस समय हर व्यक्ति को अपने घर और प्रतिष्ठान में पूजा अवश्य ही करनी चाहिए ।

धनतेरस से शुरू करके 5 दिनों तक व्यक्ति को दीपदान अवश्य ही करना चाहिए ।( इसके लिए इस साइट पर धनतेरस कैसे मनाये देखें )

छोटी दीपावली के शुभ मुहूर्त


वर्ष 2016 में छोटी दीपावली / नरक चतुर्दर्शी / हनुमान जयंती का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी के दिन 29 अक्टूबर शनिवार को मनाया जायेगा।
धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी / रूप चतुर्दशी / हनुमान जयंती है । इस दिन पितरों का तर्पण अवश्य चाहिए । इस दिन सुबह भगवान यम का तर्पण करके शाम को घर की चौखट पर यम दीपक जलाने से उस घर में किसी की भी अकाल मृत्यु नहीं होती है । इस बार हनुमान जयंती बजरंग बलि के दिन मंगलवार को पड़ रही है इसलिए इसका और भी ज्यादा महत्व है । इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से संकटमोचन अपने भक्तो पर प्रसन्न होकर उनके जीवन के सभी संकटो को दूर कर देते है । अत: इस दिन भगवान संकटमोचन हनुमान की पूजा अवश्य ही करनी चाहिए । ( इस दिन का सम्पूर्ण लाभ लेने के लिए इस साइट पर छोटी दिवाली के उपाय देखें )

दीपावली के शुभ मुहूर्त


कार्तिक अमावस्या में दीपावली पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या 30 अक्टूबर रविवार को पड़ रही है । दीपावली में माँ लक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाता है। इस दिन रात्रि को जागरण करके धन की देवी लक्ष्मी माता का विधिपूर्वक पूजन करने से मनुष्यों को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है। लक्ष्मी माँ की प्रदोष काल, स्थिर लग्न में पूजा विशेष फलदायी मानी गयी है।

लाभ का चौघड़िया प्रात: 9.21 से 10.46 तक है,

अमृत का चौघड़िया 10.46 से 12.10 तक है।

शुभ की चौघडिया 1.32 से 2. 52 तक है

वृश्चिक स्थिर लग्न प्रात: 7.51 से 10.07 तक है।

लक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न में किया जाना ही उत्तम होता है । प्रात: काल स्थिर लगन 9.21 से.से 10.07 तक है।

इस दिन राहुकाल 16.30 से 18.00 तक है। राहुकाल का समय छोड़कर ही पूजन का समय लें।

रात्रि में लक्ष्मी पूजन का समय

अमृत का चौघड़िया 19.25 से 21.00 तक।

इसमें... स्थिर लग्न वृषभ 18.44 से 20.42 तक है। गृहस्थो और व्यपारियो का पूजा का सबसे श्रेष्ठ यही है

रात्रि में 9:05 से 10:29 तक चर की चौघडिया में भे लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है |

मध्य रात्रि में 1:32 से 2:58 में भी लक्ष्मी पूजा की जा सकती है यह समय पंडितो ज्योतिषों एवं तांत्रिको सही रहता है |

गोवर्धन पूजा के शुभ मुहूर्त


दीपावली के अगले दिन 31 अक्टूबर सोमवार को गोवर्धन पूजा है । इस दिन प्रात: 06.45 से 08.58 तक एवं दोपहर 03:27 से 05:38 तक भगवान श्री कृष्णा,गोवर्धन पर्वत एवं गाय माता की पूजा करने का श्रेष्ठ समय है ।

आज के दिन यथा शक्ति विभिन्न प्रकार की साग(चौदह शाकों हो तो अति उत्तम है), सब्जियों से घी में बने पुलाव से भगवान को भोग लगाकर उसके बाद सबके साथ मिल जुल कर प्रसन्नता से प्रसाद रूप में ग्रहण करने से भी घर में प्रेम एवं धन धान्य की व्रद्धि होती है ।

भईया दूज के शुभ मुहूर्त


दिन की चर की चौघड़िया -----प्रात: काल 09.00 से 10.30 तक
दिन की लाभ चौघड़िया ----- प्रात: काल 10.30 से 12.00 तक
दिन की अमृत चौघड़िया ---- मध्यान 12.00 PM To 1.30 तक
अत बहने अपने भाइयो को 09.00 से लेकर 1.30 बजे तक शुभ चौघड़िया के अनुसार भी टीका लगा सकती है |

इसी तरह 1 नवम्बर मंगलवार को भईया दूज में भाइयों को तिलक करने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त = 1.15 से 15.26 तक अवधि = 2 घण्टे 11 मिनट्स अत: इस समय बहनो को अपने भाईयों को तिलक करना चाहिए ।

इस दिन राहु काल (अशुभ समय) दिन -3:00 से 4:30 तक है अतः राहु काल में बहनो को भाइयो को टीका बिलकुल भी नही लगना चाहिए
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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )




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धनतेरस दीपावली का शुभ मुहूर्त

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