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चन्द्रग्रहण

Chandra Grahan

chandra-grahan


चन्द्रग्रहण
Chandra Grahan



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चंद्रग्रहण कब होता है
Chandra Grahan kab hota hai



चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) अधिकतर पूर्णिमा तिथि को ही होता है। सूर्य व चन्द्रमा के बीच पृथ्वी के आ जाने से पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा का पूरा या आंशिक भाग ढक जाता है , और पृथ्वी सूर्य की किरणों के चांद तक पहुंचने में अवरोध लगा देती है। तब चन्द्र ग्रहण होता है। चन्द्र ग्रहण दो प्रकार का नजर आता है। पूरा चन्द्रमा ढक जाने पर सर्वग्रास चन्द्रग्रहण तथा आंशिक रूप से ढक जाने पर खण्डग्रास चन्द्रग्रहण लगता है।

ज्योतिषियों के अनुसार चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है अत: जिन राशियों पर इसका प्रभाव हो उन्हें विशेष रूप से चन्द्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) के समय जप और दान करना चाहिए । ग्रहण समाप्त होने के बाद पानी में गंगा जल डालकर स्नान करना चाहिए ।

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2017 में चंद्रग्रहण
2017 me Chandra Grahan



hand-logo इस साल वर्ष 2017 में 2 बार चंद्र ग्रहण लगेगा। पहला चंद्रग्रहण ( Chandra Grahan ) 11 फरवरी को तड़केप्रात: 04:06 बजे शुरु होगा, 06:14 बजे यह ग्रहण अपने चरम पर रहेगा और सुबह 08:22 बजे समाप्त हो जायेगा। कुल मिलाकर इस चंद्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) की अवधि 04 घंटे 16 मिनट की रहेगी ।

hand-logo ज्योतिषित गणना के अनुसार वर्ष 2017 का दूसरा चंद्रग्रहण ( Chandra Grahan ) 7 अगस्त रक्षाबंधन पर सोमवार के दिन चंद्र ग्रहण पड़ेगा जो रात्रि 10.33 बजे से शुरु होगा, रात्रि 11 बजकर 50 मिनट पर ग्रहण का मध्य अर्थात ग्रहण अपने चरम पर होगा तथा मध्य रात्रि में 12.48 बजे चंद्र ग्रहण समाप्त हो जायेगा।

hand-logo यह चंद्र ग्रहण आंशिक या खंडग्रास होगा। सोमवार के दिन चंद्र ग्रहण लगने के कारण इसे चूड़ामणि चंद्रग्रहण कहा जाता है। इस ग्रहण से चन्द्रमा का दक्षिणी भाग ग्रहण ग्रस्त होगा।

hand-logo यदि रविवार को सूर्यग्रहण हो तथा सोमवार को चन्द्रग्रहण हो तब उसे " चूड़ामणि सूर्यग्रहण " एवं " चूड़ामणि चन्द्रग्रहण " कहा जाता है । "चूड़ामणि ग्रहण" का महत्व स्नान, दान, जप, होम आदि के लिए समान्य ग्रहण से कोटिगुणा माना जाता है। अतः इस ग्रहण में शास्त्रों द्वारा बताये गए उपाय अवश्य ही करने चाहिए ।

hand-logo चंद्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटा पहले अर्थात सोमवार 7 अगस्त को दोपहर 1.40 मिनट से शुरु हो जाएगा, अतः इस समय से सभी मंदिरो के कपाट बंद कर दिए जायेंगे । किसी भी ग्रहण के समय सूतक के कारण मंदिरों में पूजा पाठ करना , मूर्तियों को स्पर्श करना निषेध माना जाता है ।

hand-logo 7 अगस्त को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के अतिरिक्त एशिया महाद्वीप, आस्ट्रेलिया, हिंद महासागर, पूर्वी प्रशांत महासागर, उत्तरी ध्रुव सागर, यूरोप, अफ्रीका महाद्वीप एवं दक्षिणी अंध महासागर में देखा जा सकेगा।

7 अगस्त 2017 का चंद्र ग्रहण से मेष, सिंह, वृश्चिक, व मीन राशि वाले के लिए शुभ रहेगा,
वहीँ वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि वाले जातकों को इस चंद्र ग्रहण ( Chandra Grahan ) के अशुभ फल प्राप्त होंगे ।




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