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भाई दूज कैसे मनाएं

Bhai Dooj Kaise Manaye

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भाई दूज कैसे मनाएं

Bhai Dooj Kaise Manaye

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भाई दूज कैसे मनाएं

Bhai Dooj Kaise Manaye

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Diwali Diye भैया दूज Diwali Diye
Diwali Diye Bhaiya Dooj
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Diwali Diye भाई दूज कैसे मनाएं Diwali Diye
Diwali Diye Bhaiya Dooj Kaise Manayen
Diwali Diye

हिन्दू धर्म में किसी भी पर्व / कार्य के पीछे मुहूर्त का अवश्य ही विचार किया जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किये गए कार्यो में देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, कार्य सफल होते है, अभीष्ट लाभ की प्राप्ति होती है। और जब बात भाइयों की दीर्घ आयु और सुख-सौभाग्य की हो तो वहाँ पर तो शुभ मुहूर्त का होना अनिवार्य ही है। शास्त्रों के अनुसार भाई दूज के दिन बहनो को अपने भाइयो को शुभ मुहूर्त में ही तिलक करना चाहिए।

Kalash One Image भईया दूज के शुभ मुहूर्त Kalash One Image
Kalash One Image Bhaiya Dooj Ke shubh Muhurat Kalash One Image


Kalash One Image भाई दूज के पर्व के इन बहनो द्वारा अपने भाइयों को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त निम्न है :-----

Kalash One Image शुभ की चौघड़ियाँ 7. 38 से 8. 52 तक

Kalash One Image चर की चौघड़ियाँ 12 से 1. 28 तक

Kalash One Image लाभ और अमृत की चौघड़ियाँ 1 34 से 4. 24 तक

Kalash One Image 21 अक्टूबर शनिवार को भईया दूज में भाइयों को तिलक करने का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 01:20 से 03:36 तक अवधि = 2 घण्टे 16 मिनट्स का है।
अत: यहाँ दिए गए शुभ मुहूर्त के अनुसार ही बहनो को अपने भाईयों को तिलक करना चाहिए ।

Kalash One Image इस दिन राहु काल (अशुभ समय) दिन - 9:00 से 10:30 तक है अतः राहु काल में बहनो को भाइयो को टीका बिलकुल भी नही लगना चाहिए

Kalash One Image भाई दूज में रखे ध्यान Kalash One Image
Kalash One Image Bhaiya Dooj Me Rake Dhyan Kalash One Image


Kalash One Image भाई दूज Bhaiya Dooj के दिन भाइयों को अपनी बहनो के यहाँ जाकर टीका लगवाना चाहिए।

Kalash One Image भाई दूज Bhaiya Dooj के दिन भाइयों को अपनी बहनो के घर में ही भोजन करना चाहिए अपने घर में नहीं ।
बहनो को चाहिए की वे अपने भाइयो को भोजन में चावल अवश्य ही खिलाएं ।

Kalash One Image भाई दूज भाई - बहन के स्नेह का, सौभाग्य का पवित्र पर्व है अत: इस दिन शुभ मुहूर्त का अवश्य ही ध्यान दें , टीका सदैव शुभ मुहूर्त में ही टीका लगवाना चाहिए।

Kalash One Image बहने अपने भाइयों को टीका लगाते हुए यह ध्यान रखे कि भाइयों का मुखँ पूर्व दिशा की ओर हो , टीका लगाते हुए भाई एवं बहन दोनों को ही अपने सर पर कोई भी कपड़ा अवश्य ही रखना चाहिए अर्थात दोनों का सर ढंका होना चाहिए ।

Kalash One Image बहने अपने भाइयों को टीका लगाने के लिए एक थाली तैयार करें उसमें रोली, अखण्डित अक्षत( चावल ), मिष्ठान, नारियल, और पान रखा हो। ( बहुत स्थानों पर बहने अपने भाइयों का तिलक करने के बाद उनकी आरती भी उतारती है।)

Kalash One Image मस्तक पर टीका लाल रोली का लगाएं तथा उसके बाद अक्षत या खीलें भी अवश्य ही लगाएं ।

Kalash One Image बहनो को अपने भाइयो के मस्तक पर तिलक करते हुए उनके सुख सौभाग्य, आरोग्य और भाइयो की लम्बी उम्र के लिए एक मन्त्र का जाप अवश्य ही करना चाहिए।

भाई दूज का मन्त्र


"गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को,
गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें फूले फलें"।


Kalash One Image भाई दूज के दिन बहनो को चाहिए कि वह अपने भाइयो को टीका लगाने के बाद उनका मुहँ मीठा करवाकर भोजन के बाद उन्हें अपने हाथो से पान भी अवश्य ही खिलाएं, इससे भाइयों का सौभाग्य बढ़ता है उन्हें धन, यश की प्राप्ति होती है ।

Kalash One Image इस दिन भाइयों को चाहिए कि वह अपनी बहनो को अपनी समर्थ के अनुसार उपहार अवश्य ही दें इससे कार्यों में अड़चने नहीं आती है धन लाभ का मार्ग प्रशस्त होता है ।

Kalash One Image इस दिन भाइयों को अपनी बहनो को संतुष्ट करके अपने सिर एवं पीठ पर उनका हाथ फिरवा के आशीर्वाद अवश्य ही लेना चाहिए, इससे भाइयों के पास कोई भी संकट उन्हें छू भी नहीं पाता है ।

Kalash One Image भाई दूज के दिन बहन को यमदेव की पूजा अर्थात अपने भाई को तिलक लगाने तक कुछ भी नहीं खाना पीना चाहिए ।

Kalash One Image भाई दूज के दिन बहन को भाइयों का तिलक करके के बाद यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर घर की दहलीज के बाहर रखना चाहिए, जिससे उसके घर में किसी प्रकार की विघ्न-बाधा न आए और उसका जीवन सुखमय व्यतीत हो ।

Kalash One Image भाई दूज Bhaiya Dhooj के दिन एक मुट्ठी साबुत बासमती चावल बहते हुए जल में श्री माँ लक्ष्मी का स्मरण करते हुए छोड़ना चाहिए , इससे कार्यों में विघ्न दूर होते है, धन धान्य में वृद्धि होती है । यह प्रयोग हर पुरुष को भाई दूज के दिन अवश्य ही करना चाहिए ।

तो यह थे दीवाली के पाँच दिनों का महत्व । माना जाता है की इन पांचो पर्वों को उपर्युक्त विधि से पूर्ण श्रद्धा एवं उल्लास से माने से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है । दोस्तों हमने बहुत ही सरल और सूक्ष्म तरीके से इनका महत्व बताने की कोशिश की है और इनमे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त व्यय की आवश्यकता नहीं है बस आप को पूर्ण विश्वास से इनका यथासंभव पालन करना होगा ।

हमें पूर्ण विश्वास है की विघ्न विनाशक गणपति गणेश और माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर अवश्य ही होगी , हमारी ईश्वर से प्रार्थना है की आपकी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति हो ।


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