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भैरव नाथ को कैसे प्रसन्न करें

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भैरव नाथ को कैसे प्रसन्न करें

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Kalash One Image भैरव नाथ को प्रसन्न करने के उपायKalash One Image
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मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव अष्टमी पर्व आता है। मान्यता है है कि इसी दिन मध्याह्न के समय भैरव नाथ की भगवान शंकर के अंश से भैरव रूप में उत्पत्ति हुई थी। शास्त्रों के अनुसार भगवान भैरव से स्वयं काल भी भयभीत रहता है इसलिए उन्हें 'कालभैरव' के नाम से जाना जाता हैं। भैरव अष्टमी हमें काल का स्मरण कराती है
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Kalash One Image यूं तो हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है, इस दिन भैरव नाथ के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। लेकिन कालभैरव जयंती या भैरव अष्ट्मी की बात ही अलग है। वर्ष 2017 में दो दिन 10 और 11 नवम्बर को भैरव अष्ट्मी मनाई जाएगी।

Kalash One Image उत्तरी भारतीय पूर्णीमांत पंचांग के अनुसार कालभैरव जयन्ती मार्गशीर्ष के महीने में आती है। वही दूसरी ओर दक्षिणी भारतीय अमांत पंचांग के अनुसार यह अष्टमी कार्तिक के महीने में आती है। वैसे दोनों ही पंचांग में कालभैरव जयन्ती एक ही दिन देखी जाती है। मान्यता है कि उसी दिन भगवान शिव भैरव के रूप में प्रकट हुए थे।

Kalash One Image ;ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालभैरव के आशीर्वाद से व्यक्ति को जीवन में धन-यश और सफलता प्राप्त होती है उसके रुके हुए कार्य निश्चित ही बनने लगते हैं, उसे रोग, शस्त्रु नहीं सताते है। भैरव नाथ के भक्तो पर कोई भी टोना टोटका असर नहीं करता है।

Kalash One Image यहाँ पर हम आपको भैरव जयंती, कालाष्टमी, रविवार को भैरव नाथ को प्रसन्न करने के उपाय बता रहे है जिनको करके जातक के सभी कष्ट दूर होते है , उसे इस जीवन में सभी सुखो की निश्चय ही प्राप्ति होती है ।

Kalash One Image भैरव अष्टमी के दिन प्रात: जल्दी उठकर, स्नानादि करके भैरव मंदिर में जाकर वहां पर भैरवजी का दूध से अभिषेक करें, और उन्हें अपने ऊपर कृपा बनाये रखने के लिए प्रार्थना करें। ऐसा करने से भैरव नाथ शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं।

Kalash One Image भैरव अष्टमी, रविवार के दिन भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी की मूर्ति के आगे तेल का दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद उन्हें गुलाब जामुन, इमरती, उड़द के बड़े या नमकीन भोग लगाएं। इस उपाय को करने से भैरव नाथ अपने भक्तो के सभी संकटो का तत्काल ही निवारण कर देते है।

Kalash One Image भैरव अष्टमी के दिन भैरव नाथ को नारियल, जलेबी, इमरती आदि का भोग लगाएं बाद में उस जलेबी इमरती को वही पर भक्तो या गरीबो में बाँट दें, इससे जीवन में मिठास आती है अर्थात धन-लाभ और कार्यो में आसानी से सफलता मिलने लगती है

Kalash One Image भैरव अष्टमी के दिन सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपए, सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरवनाथ के मंदिर में चढ़ाएं। इससे समस्त रोग, कष्ट, शस्त्रु दूर होते है।

Kalash One Image मान्यता है कि भैरव बाबा को शराब बहुत प्रिय है एवं भैरव जयंती के दिन भैरव बाबा को शराब चढ़ाकर अपने मन की सभी मुरादें पूरी की जा सकती हैं।
कालभैरव अष्टमी के दिन भैरव नाथ के मंदिर में गौ मूत्र के रंग की ( पीले रंग की ) शराब की बोतल चढ़ाकर उसे किसी सफाई कर्मचारी को भेंट रूप में दें दे । इससे जीवन की सभी समस्याओं का निराकरण होता है, सोचे हुए सभी कार्य बनने लगते है।

Kalash One Image भैरव नाथ का आशीर्वाद पाने के लिए भैरव अष्टमी, रविवार बुधवार या गुरुवार के दिन एक रोटी लेकर इस रोटी पर कड़वा तेल डालकर अपनी तर्जनी या मध्यमा अंगुली से तेल से लाइन खींचें। फिर यह रोटी किसी भी दो रंग वाले कुत्ते अथवा काले को खाने को दें। अगर कुत्ता यह रोटी खा लें तो समझिए आप पर भैरव नाथ प्रसन्न है। और अगर कुत्ता रोटी ना खाएं केवल रोटी को सूंघ कर आगे बढ़ जाए तो इस उपाय को लगातार करते रहे।
लेकिन यह उपाय भैरव जयंती के अलावा हफ्ते के इन्हीं तीन दिनों में (रविवार बुधवार या गुरुवार) करें। क्योंकि यही तीन दिन कालभैरव के माने गए हैं। इस उपाय को नियमित रूप से करने से कोई भी कष्ट घर परिवार के निकट भी नहीं आता है।

Kalash One Image कालभैरव अष्टमी के दिन किसी भी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का दूध से अभिषेक करके उन्हें अक्षत और काले तिल अर्पित करें। फिर वही मंदिर में बैठकर "ॐ नम: शिवाय" मंत्र की कम से कम 5 माला का जाप करें इससे भगवान भोलेनाथ के साथ साथ उनके अवतार भैरव नाथ की पूर्ण कृपा मिलती है।

Kalash One Image भैरव जयंती के दिन है, भैरव मं‍दिर में गुगल, गुलाब, चंदन की खुशबूदार अगरबत्ती अर्पित करके कुछ वही पर जला दें। इस उपाय को करने से भैरव नाथ की कृपा से जीवन में हर्ष-उल्लास, सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

Kalash One Image भैरव नाथ जी को गुड़, उड़द का बड़ा, रोली, सिन्दूर, लाल चन्दन , लाल फूल, धान का लावा, गन्ने का रस, तिल का तेल, लोबान, लाल वस्त्र, सरसों का तेल आदि वस्तुएं बहुत प्रिय हैं। भैरव अष्टमी के दिन ज्यादा से ज्यादा इन वस्तुओं को भैरव जी पर अर्पित करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।

Kalash One Image स्वान अर्थात काला कुत्ता भैरव जी की सवारी है अत: इसदिन भैरव अष्टमी के दिन इसे प्रसन्न अवश्य ही करें। भैरव अष्टमी के दिन काले कुत्ते को कच्चा दूध पिलाएं, तथा जलेबी या इमरती भी अवश्य खिलाएं। यह अत्यंत चमत्कारी उपाय है इससे भैरव नाथ अति शीघ्र ही प्रसन्न होते है।

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गोमती तटे भैरव मन्दिर के पुजारी
पंडित अमित मिश्रा जी


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