Memory Alexa Hindi

अक्षय तृतीया

akshay-tritiya-1

अक्षय तृतीया


akshay-tritiya


"न क्षयः इति अक्षयः -----अर्थात जिसका क्षय ना हो वह है अक्षय"।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमास और सौरमास के अनुसार तिथियों का घटना-बढ़ना, क्षय होना होता ही है, लेकिन तृतीया तिथि का कभी भी क्षय नहीं होता। तृतीया तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता पार्वती जी हैं।

मान्यता है कि यदि किसी को किसी भी अच्छे कार्य के लिए कोई शुभ मुहुर्त नहीं मिल पा रहा हो उसके कार्यों में लगातार अड़चने आती है, व्यापार में घाटा होता है तो उनके लिए कोई भी नई शुरुआत करने के लिए शुभ कार्य, लाभ का कार्य करने का अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। ।

यह दिन नया चांद आने के तीसरे दिन आता है ,इसलिए इसे तृतीया कहते हैं। पौराणिक कथा और ग्रंथों की मानें तो इस दिन आप जो भी शुभ कार्य करते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इस खास दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों को दान करने का महापर्व है। हिंदू कैलंडर में अक्षय तृतीया को एक शुभ दिन के तौर पर गिना जाता है।

अक्षय तृतीय के दिन ग्रहों का एक विशेष संयोग बनता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में होते है, ऐसा खास संयोग साल में सिर्फ एक दिन आज ही के दिन बनता है। इस पवित्र दिन सूर्य, मेष में और चंद्रमा वृषभ में होता है।

Akshay Tritiya
इस दिन सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति एकजुट होकर चलते हैं, जो हर तरह के काम के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है। यही वजह है कि लोग इस दिन को किसी नए सामान की खरीदारी और इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा मानते हैं। खरीदने के साथ ही कोई चीज दान करना भी इस दिन पुण्य बटोरने व समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। इसे आखा तीज भी कहते हैं। इस दिन घर में हवन पूजा और पितरों को श्राद्ध देना भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार 2017 में अक्षया तृतीया का पर्व 28 अप्रैल को मनाया जायेगा ।
तृतीया तिथि प्रारंभ – 10:29 बजे, 28 अप्रैल 2017
तृतीया तिथि समाप्ति – 06:55 बजे, 29 अप्रैल 2017
चूँकि तृतीया 29 अप्रैल की सुबह 6.55 तक है और उदया तिथि को शास्त्रों में मान्यता है इसलिए बहुत सी जगह 29 अप्रैल को भी अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जायेगा ।

पुराणों के अनुसार अक्षय तृतीया पर दान-धर्म करने वाले व्यक्ति को वैकुंठ धाम में जगह मिलती है। इसीलिए इस दिन को दान का महापर्व भी माना जाता है।
इस दिन नए कार्य शुरू करने के लिए इस तिथि को शुभ माना गया है। भगवान विष्णु को सत्तू का भोग लगाया जाता है और प्रसाद में इसे ही बांटा जाता है।

Akshay Tritiya One

hand logo इस शुभ दिन के दौरान दानपुण्य का तो अक्षय फल मिलेगा ही। भूमि, भवन, वाहन ,सोने चांदी , बर्तन और कपड़े की खरीदारी भी शुभ फलदायी साबित होगी। 
hand logo इस दिन अपने सामर्थ के अनुसार अपने माता पिता ,बड़े बुजुर्ग और अपने गुरु को उपहार देकर उनका आशीर्वाद अवश्य ही लेना चाहिए । इस दिन मिला हुआ आशीर्वाद वरदान साबित होता है । 


hand logo इस दिन सुबह भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा  के बाद ब्राह्मणों को जल से भरे घडे़, पंखे, खड़ाऊं,  खरबूजा, छाता आदि का दान करना चाहिए। इस दिन गरीबों को भोजन, शरबत, दूध पिलाना चाहिए।
hand logo माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान परलोक में सुख और आनंद प्रदान करता है।
hand logoमनुष्य इस दिन किए गए दान पुण्य से अगले जन्म में धनवान और सुखी होता है।

 

hand logoअक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
hand logo इस दिन स्नान करके जौ का हवन, जौ का दान, सत्तू को खाने से मनुष्य के सब पापों का नाश होता है।
hand logo इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति पर चंदन या इत्र का लेपन भी किया जाता है।
hand logo महिलाएं इस दिन शिव मंदिर जाकर गले में लाल धागा और माथे पर सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र के लिए दुआ मांगती हैं।
hand logoमाना जाता है कि कोई व्यक्ति लंबे वक्त से बीमार चल रहा है, तो उसके तकिए के नीचे नीम की पत्तियां रखकर उन्हें इस दिन शिव मंदिर में चढ़ाने से लाभ मिलता है।


माना जाता है कि इस दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस युग की आयु 12,96,000 साल रही।
इसी युग में भगवान श्री वामन, भगवान श्री परशुराम एवं भगवान श्री राम ने अवतार लिया।
इसी विलक्षण योग में बद्रीनाथ के पट खुलते हैं। इस दिन पूर्ण बलि स्वार्थ सिद्ध योग रहता है।
इस दिन सोने- चांदी की खरीद और दान- पुण्य सबसे अधिक शुभ फल देने वाला होता है।
पाण्डुलिपियों और शास्त्रों में उल्लेख है कि पर्व के दिन भगवान श्रीकृष्ण चरण दर्शन करने से बद्रीनाथ धाम के दर्शनों का पूरा फल श्रद्धालु को मिलता है।

कहा जाता है कि इस खास दिन पर आप जितना दान-पुण्य करते हैं, आपको उससे कई गुना ज्यादा आपको रिटर्न मिलता है।
कहा जाता है कि अपने धन को बढ़ाने का यह एक शुभ दिन है और इसी बात में यकीन करते हुए सोना खरीदने का प्रचलन शुरू हो गया, वरना शास्त्रों में इस दिन सोना खरीदने का कोई उल्लेख नहीं मिलता।

एक पुरातन कथा तो यह भी है कि आज के ही दिन भगवान शिव से कुबेर को धन मिला था और इसी खास दिन भगवान शिव ने माता लक्ष्मी का धन की देवी का आशीर्वाद भी दिया था।





दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

अक्षय तृतीया

akshay-tritiya-1