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सोमबार का पंचाग


हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang)पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)
पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

27 नवम्बर 2017

"नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥"


।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

Kalash One Image दिन (वार) - सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- अष्टमी - 11:02 तक तदुपरान्त नवमी

Kalash One Image तिथि का स्वामी - अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा नवमी तिथि की स्वामिनी दुर्गा माँ हैं ।

अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव कहे गए है। अष्टमी तिथि को भगवान शिव की विधि पूर्वक पूजा करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती है , पूजा में उन्हें नारियल का भोग अर्पित करें अथवा शिवजी भगवान के लिए बनाए जाने वाले प्रसाद में नारियल का उपयोग करें लेकिन अष्टमी को नारियल का सेवन ना करें।

अष्टमी तिथि का नाम कलावती कहा गया है। मंगलवार को छोड़कर अष्टमी तिथि सभी प्रकार के कार्यो के शुभ है । अष्टमी तिथि में किसी भी प्रकार की ललित कला और विद्याएं सीखना अत्यन्त शुभ माना गया है ।


Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- शतभिषा - 16:38 तक तदुपरान्त पूर्वभाद्रपद ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- शतभिषा नक्षत्र के देवता तोयम देव है एवं ग्रह स्वामी राहु देव है । पूर्वभाद्रपद नक्षत्र के देवता अजचरण(अजपात नामक सूर्य) है एवं ग्रह स्वामी बृहस्पति देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - हर्षण - रात्रि 01:59 तक तदुपरान्त वज्र

Kalash One Image प्रथम करण : - बव - 11:02 तक

Kalash One Image द्वितीय करण : - बालव - 23:19 तक

Kalash One Image गुलिक काल : - दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)-सुबह -7:30 से 9:00 तक।

सूर्योदय -प्रातः 06:51 ।

सूर्यास्त - सायं 05:25 ।

Kalash One Image विशेष - अष्टमी को नारियल नहीं खाना चाहिए (अष्टमी नारियल खाने से बुद्धि कमजोर होती है) ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt)- अष्टमी तिथि संग्राम, वास्तु, शिल्प, लेखन, स्त्री, रत्न धारण, आभूषण खरीदना ये सब अष्टमी को शुभ हैं ।

"हे आज की तिथि ( तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।


pandit-ji

पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

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मंगलवार का पंचाग




हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

21 नवम्बर 2017

"प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ग्यानधन।
जासु हृदय आगार बसिंह राम सर चाप घर।।"


।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) - मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- तृतीया - 24:11 तक तदुपरांत चतुर्थी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - तृतीया तिथि के स्वामी पार्वती शिव जी है तथा चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी है ।

तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है । तृतीया को जया तिथि भी कहा गया है। केवल बुधवार की तृतीया को छोड़कर यह तिथि सभी शुभ कार्यों में सफलता दिलाने वाली कही गई है ।

तृतीया तिथि में माँ गौरी जी की दूध मिठाई, अक्षत और सफ़ेद फूल से पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख सौभाग्य की वृद्धि होती है। तृतीया को देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर जी पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ।

Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- मूल - रात्रि 03:51 तक तदुपरांत पूर्वाषाढ़ा ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी - मूल नक्षत्र के देवता निर्रुती (राक्षस) है एवं ग्रह स्वामी केतु देव है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के देवता क्षीर (जल) देव है एवं ग्रह स्वामी शुक्र देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - धृति - 23:26 तक तदुपरांत शूल

Kalash One Image प्रथम करण : - तैतिल - 10:52 तक ।

Kalash One Image द्वितीय करण : - गर - 24:11 तक ।

Kalash One Image गुलिक काल : - दोपहर 12 से 1:30 बजे तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो घर से गुड़ खाकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)दिन - 3:00 से 4:30 तक।

सूर्योदय -प्रातः 06:47 ।


सूर्यास्त - सायं 05:27 ।

Kalash One Image विशेष - तृतीया तिथि को परवल नहीं खाना चाहिए (तृतीया को परवल खाने से शत्रुओं की वृद्धि होती है । )

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt) - तृतीया तिथि को यात्रा, शिल्प, चूड़ा कर्म, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश शुभ है ।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।


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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

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बुधवार का पंचाग


हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

22 नवम्बर 2017

"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥"

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) - बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। इस दिन गणेशजी की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- चतुर्थी - रात्रि 02:54 तक तदुपरांत पंचमी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी है तथा पंचमी तिथि के स्वामी सर्पदेव(नाग) देवता है ।

चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नविनाशक गणपति गणेश जी है । इस तिथि का एक नाम खला भी है खला जिसका अर्थ है किसी विशेष परिणाम / सफलता का प्राप्त ना होना। इसलिए चतुर्थी तिथि में प्रारम्भ किए गए कार्यों के विशेष परिणाम प्राप्त नहीं होते हैं।

इस तिथि के स्वामी विघ्नविनाशक श्री गणेश जी की आराधना से जीवन के सारे विघ्न दूर हो जाते हैं। चतुर्थी को भगवान गणेश जी के मन्त्र
"ॐ गं गणपतये नमः" का अवश्य ही जाप करें । इस दिन ज्यादा से ज्यादा इस मन्त्र का उच्चारण करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते है , कर्ज मिटता है । जीवन में धन, यश और बुद्दि की प्राप्ति होती है ।

Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- पूर्वाषाढा - पूर्ण रात्रि तक तदुपरांत उत्तराषाढ़ा

Kalash One Image नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- पूर्वाषाढा नक्षत्र के देवता क्षीर (जल) देवता हैं एवं ग्रह स्वामी शुक्र देव हैं तथा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता विश्वदेव (अभिजित-विधि विधाता) जी हैं एवं ग्रह स्वामी सूर्य देव हैं ।

Kalash One Image योग(Yog) - शूल - 24:26 तक तदुपरांत गण्ड ।

Kalash One Image प्रथम करण : - वणिज - 13:33 तक ।

Kalash One Image द्वितीय करण : - विष्टि - रात्रि 02:54 तक ।

Kalash One Image गुलिक काल : - बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है । इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा/हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal) : - बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक ।

सूर्योदय -प्रात: 06:47 ।

सूर्यास्त -सायं 05:27 ।

Kalash One Image विशेष - चतुर्थी को मूली नहीं खानी चाहिए । ( चतुर्थी को मूली खाने से धन-नाश होता है ) ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार -

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt) - चतुर्थी तिथि रिक्ता तिथि हैं। इनमें कोई भी मांगलिक कार्य कतई नहीं करना चाहिए ।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।


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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

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बृहस्पतिवार का पंचाग



हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

23 नवम्बर 2017

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥"

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) - गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)

गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।

गुरुवार का दिन भगवान श्री हरि, भगवान विष्णु का माना जाता है । गुरुवार को शंख से भगवान विष्णु को स्नान करा के उन्हें पीले चन्दन का तिलक करके वस्त्र, यज्ञोपवीत, केसर और घी मिश्रित खीर का भोग लगाकर पूजा करने से आरोग्य और दीर्घ आयु की प्राप्ति होती है ।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- पञ्चमी - 24 नवंबर सुबह 05:34 तक तदुपरांत षष्ठी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - पञ्चमी तिथि के स्वामी सर्पदेव (नाग) देवता है तथा षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है ।

पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन नाग देव की पूजा करने से भय तथा कालसर्प दोष दूर होता है। पंचमी को नाग देवता का पूजन करने से घर में किसी की भी सांप काटने से मृत्यु नहीं होती है और अगर सांप काटने से किसी की मृत्यु हो भी गयी हो तो उसे मुक्ति मिलती है, जातक को निर्भयता प्राप्त होती है । पंचमी तिथि को पूर्णा भी कहते है। इस तिथि में कोई भी नया कार्य शुरू करने से उसमे सफलता मिलने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है वह कार्य बहुत लम्बे समय तक चलते है । लेकिन पौष माह की पंचमी को कोई भी नया कार्य नहीं करना चाहिए । शास्त्रों में पंचमी तिथि को कटहल, बिल्ब, और खटाई खाने को मना किया गया है ।

Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- पूर्वाषाढा - 06:59 तक तदुपरांत उत्तराषाढ़ा ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- पूर्वाषाढा नक्षत्र के देवता क्षीर (जल) देवता है और गृह स्वामी शुक्र देव है । तथा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता विश्वदेव (अभिजित-विधि विधाता) देव है एवं गृह स्वामी सूर्य देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - गण्ड - रात्रि 01:24 तक तदुपरांत वृद्धि

Kalash One Image प्रथम करण : - बव - १६:१५ तक ।

Kalash One Image द्वितीय करण : - बालव - 24 नवंबर सुबह 05:34 तक ।

Kalash One Image गुलिक काल : - बृहस्पतिवार को शुभ गुलिक दिन 9:00 से 10:30 तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो तो घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।


Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)-दिन - 1:30 से 3:00 तक।


सूर्योदय - प्रातः 06:48


सूर्यास्त - सायं 05:26


Kalash One Image विशेष - पंचमी को बिल्व का सेवन नही करना चाहिए ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt) - पंचमी तिथि समस्त शुभ कार्यों के लिए उत्तम है परंतु इस दिन ऋण कतई नहीं देना चाहिए ।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।


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पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
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शुक्रवार का पंचाग (epanchang)


हिन्दू पंचाग (Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:-
1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
*योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

24 नवम्बर 2017

"ॐ महालक्ष्म्यै नम: |"

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) - शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
धन लाभ के लिए इस दिन शाम के समय घर के ईशान कोण / मंदिर में गाय के घी का दीपक लगाएं। इसमें रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे से बनी बत्ती का उपयोग करें और दिये में थोड़ी केसर भी डाल दें।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- षष्ठी - पूर्ण रात्रि तक तदुपरान्त सप्तमी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्यदेव है ।

आज मार्गशीर्ष (अगहन) माह की शुक्ल पक्ष की षष्टी है। षष्टी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय है । षष्ठी को इनकी पूजा करने से व्यक्ति वीर, शक्ति सम्पन्न एवं यशवान बनता है। जिनकी कुंडली में मंगल की दशा चल रही हो या कोई जातक मुक़दमे में फंसा हो तो उसे भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है ।

मुक़दमे / राज द्वार में विजय प्राप्त करने के लिए षष्टी की शाम को किसी भी शिव मंदिर में जाकर भगवान कार्तिकेय को 6 दीपक अर्पित करने चाहिए । षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है ।

Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- उत्तराषाढा - 10:03 तक तदुपरान्त श्रवण ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता- उत्तराषाढा नक्षत्र के देवता विश्वदेव (अभिजित-विधि विधाता) देव हैं एवं ग्रह स्वामी सूर्य देव है । श्रवण नक्षत्र के देवता भगवान विष्णु जी हैं एवं ग्रह स्वामी चंद्र देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - वृद्धि - रात्रि 02:11 तक तदुपरान्त ध्रुव

Kalash One Image प्रथम करण : - कौलव - 18:45 तक

Kalash One Image द्वितीय करण : - तैतिल - पूर्ण रात्रि तक

Kalash One Image गुलिक काल : - शुक्रवार को शुभ गुलिक दिन 7:30 से 9:00 तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो तो घर से दही खाकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)-दिन - 10:30 से 12:00 तक।

सूर्योदय -प्रातः 06:48

सूर्यास्त - सायं 05:26

Kalash One Image विशेष - षष्ठी को नीम का सेवन नहीं करना चाहिए ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt) - षष्ठी तिथि यात्रा, पितृ कर्म, मंगल कार्य, संग्राम, शिल्प, वास्तु, भूषण के लिए शुभ है ।

"हे आज की तिथि ( तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।


pandit-ji

पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

Backword ImageBackword Image शुक्रवार का पंचाग रविवार का पंचाग Forward ImageForward Image

शनिवार का पंचाग

shani-dev-ji

हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)
पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

25 नवम्बर 2017

"ऊँ शं शनैश्चाराय नमः।"

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए

शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का चतुर्मुखी दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।

शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
* अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - मार्गशीर्ष (अगहन) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- षष्ठी - 07:57 तक तदोपरांत सप्तमी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी हैं तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव है ।

आज अगहन माह की शुक्ल पक्ष की षष्टी है। षष्टी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय है । षष्ठी को इनकी पूजा करने से व्यक्ति वीर, शक्ति सम्पन्न एवं यशवान बनता है। जिनकी कुंडली में मंगल की दशा चल रही हो या कोई जातक मुक़दमे में फंसा हो तो उसे भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है ।

मुक़दमे / राज द्वार में विजय प्राप्त करने के लिए षष्टी की शाम को किसी भी शिव मंदिर में जाकर भगवान कार्तिकेय को 6 दीपक अर्पित करने चाहिए । षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है ।


Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra)- श्रवण - 12:49 तक तदोपरांत धनिष्ठा ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी श्रवण नक्षत्र के देवता भगवान विष्णु जी हैं एवं ग्रह स्वामी चंद्र देव है तथा धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु (आठ प्रकार के वसु) देव हैं एवं ग्रह स्वामी मंगल देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - ध्रुव - रात्रि 02:39 तक तदोपरांत व्याघात ।

Kalash One Image प्रथम करण : - तैतिल - 07:57 तक ।

Kalash One Image द्वितीय करण : - गर - 20:58 तक ।

Kalash One Imageगुलिक काल : - शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)-सुबह - 9:00 से 10:30 तक।


सूर्योदय -प्रातः 06:51 ।


सूर्यास्त - सायं 05:25 ।


Kalash One Image विशेष - षष्ठी को नीम का सेवन नहीं करना चाहिए ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt)- षष्ठी तिथि यात्रा, पितृ कर्म, मंगल कार्य, संग्राम, शिल्प, वास्तु, भूषण के लिए शुभ है ।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

pandit-ji

पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

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रविवार का पंचाग


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हिन्दू पंचाग(Hindu Panchang) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचाग(panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे ।
*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना ,पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचाग (aaj ka panchang)

26 नवम्बर 2017

"ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।"

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।


Kalash One Image दिन (वार) रविवार को भगवान सूर्य को प्रात: ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़, और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए, एवं आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करना चाहिए। रविवार को यदि संभव हो तो नमक ना खाएं रविवार को मीठा खाना श्रेयकर होता है ।
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।

*विक्रम संवत् 2074 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य
*शक संवत - 1939
*अयन - दक्षिणायण
*ऋतु - शरद ऋतु
*मास - अगहन (मार्गशीर्ष) माह
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

Kalash One Image तिथि (Tithi)- सप्तमी - 09:50 तक तदुपरान्त अष्टमी ।

Kalash One Image तिथि का स्वामी - सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं तथा अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं ।

सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य है। सूर्य देव इस संसार प्रत्यक्ष देव है जो अपनी किरणों, अपने प्रकाश से इस ब्रह्माण्ड को आलोकिक करते है। सप्तमी तिथि को भगवान सूर्यदेव का जन्मदिन माना जाता है और इसी दिन सूर्य देव अपनी पत्नी संज्ञा से दोबारा मिले थे इसके कारण यह तिथि सूर्य भगवान को बहुत प्रिय है।

कार्यों में सफलता, विद्द्या, तेज, मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए सप्तमी तिथि को सूर्य देव का पूजन अवश्य ही किया जाना चाहिए। सप्तमी के दिन मीठा भोजन या फलाहार करने भोजन में नमक का सेवन ना करने से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं ।


Kalash One Image नक्षत्र (Nakshatra) धनिष्ठा - 15:04 तक तदुपरान्त शतभिषा ।

Kalash One Image नक्षत्र के देवता,ग्रह स्वामी- धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु (आठ प्रकार के वसु) देव हैं एवं ग्रह स्वामी मंगल देव है । तथा शतभिषा नक्षत्र के देवता तोयम देव हैं एवं ग्रह स्वामी राहु देव है ।

Kalash One Image योग(Yog) - व्याघात - रात्रि 02:37 तक तदुपरान्त हर्षण ।

Kalash One Image प्रथम करण : - वणिज - 09:50 तक

Kalash One Image द्वितीय करण : - विष्टि - 22:32 तक

Kalash One Image गुलिक काल : - अपराह्न - 3:00 से 4:30 तक ।

Kalash One Image दिशाशूल (Dishashool)- रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यदि यात्रा आवश्यक हो घर से पान या घी खाकर जाएँ ।

Kalash One Image राहुकाल (Rahukaal)-सायं - 4:30 से 6:00 तक ।

सूर्योदय -प्रातः 06:51 ।

सूर्यास्त - सायं 05:25 ।

Kalash One Image विशेष - सप्तमी को ताड़ का सेवन नहीं करना चाहिए ।

Kalash One Image पर्व त्यौहार-

Kalash One Image मुहूर्त (Muhurt) - सप्तमी तिथि को राज संबंधी कार्य ( सरकारी कार्य ), व्रतबंध, प्रतिष्ठा, विवाह, यात्रा, भूषणादि के लिए शुभ होते हैं।
सप्तमी तिथि को यात्रा, शिल्प, चूड़ा कर्म, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश शुभ है।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण,आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

Kalash One Image इस महीने में तेल की मालिस करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में ठन्डे पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल बंद कर दें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) में ज्यादा ठंडी, ज्यादा गर्म चीजो का सेवन ना करें ।
Kalash One Image मार्गशीष / अगहन माह में जीरा ना खाएं लेकिन खाद्य तेल का इस्तेमाल अवश्य करें अर्थात तेल से बनी हुई चीजे अधिक खाएं ।
Kalash One Image मार्गशीर्ष (अगहन) माह भगवान श्री कृष्ण को बहुत पसंद है इस महीने में गीता का पाठ करने से भगवान दामोदर की कृपा बनी रहती है ।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

pandit-ji

पं मुक्ति नारायण पाण्डेय
( कुंडली, ज्योतिष विशेषज्ञ )

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो , आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं .....धन्यवाद ।

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जानिए क्या है आज का पंचाग