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आग्नेयमुखी भवन का वास्तु

aagney mukhi ka vastu

जानिए आग्नेयमुखी भवन के वास्तु टिप्स


आग्नेयमुखी भवन / भूखण्ड का वास्तु


जिस भवन के सामने / मुख्य द्वार के सामने अग्नेय दिशा ( दक्षिण-पूर्व ) की ओर मार्ग होता है वह आग्नेयमुखी भवन कहलाते है । आग्नेय का मतलब होता है आग का स्थान । आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) दिशा के स्वामी भगवान श्री गणेश तथा इस दिशा का प्रतिनिधि ग्रह शुक्र ग्रह है। इस तरह के भवन का शुभ अशुभ परिणाम का प्रभाव सीधे घर की स्त्रियों, बच्चो पर ज्यादा पड़ता है ।

मान्यता है कि इस दिशा के भवन में निवास करने वाले लोगो को आर्थिक एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का ज्यादा सामना करना पड़ता है और इस दिशा के भवन में कलह भी ज्यादा होती है। लेकिन यदि वास्तु के सिद्दांतो का पालन किया जाय तो यह भवन भी अवश्य ही शुभ साबित होते है ।


om आग्नेय दिशा के भवन के मुख्य द्वार पर सिद्धि विनायक गणेश जी की मूर्ति अन्दर बाहर दोनों तरफ से अवश्य लगाये।

om इस दिशा के भवन में यदि आग्नेय कोण दक्षिण की तरफ ज्यादा बढ़ा हो तो शत्रुता एवं घर की स्त्रीयों को रोग की सम्भावना होती है। इसके विपरीत भवन का पूर्व, ईशान की तरफ ज्यादा बढ़ा होना शुभ होता है ।

om इस तरह के भवन में मुख्य द्वार अग्नेय और दक्षिण की जगह पूर्व की तरफ अवश्य ही होना चाहिए । यदि किसी जरुरी कारणवश पूर्व की तरफ मुख्य द्वार संभव ना हो तो भी पूर्व में एक द्वार अवश्य ही बनाना चाहिए एवं इसी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए ।



om आग्नेय दिशा के भवन में मुख्य द्वार नैऋत्य में भी कतई न बनाएं। इससे चोरी व धन हानि का सदैव भय बना रहता है ।

om आग्नेय दिशा को बंद न करें, इस दिशा में छोटा दरवाजा अथवा खिड़की अवश्य ही रखें। इस दिशा को बंद करने से विकास में गतिरोध आ जाता है और आकस्मिक दुर्घटनाओं की सम्भावना भी रहती है।

om इस तरह के भवन में चारदीवारी का निर्माण उत्तर, ईशान एवं पूर्व से ऊँचा लेकिन दक्षिण और नैत्रत्य से नीचा होना चाहिए, एवं उत्तर, ईशान एवं पूर्व में रिक्त स्थान ज्यादा से ज्यादा छोड़ना चाहिए,लेकिन दक्षिण और नैत्रत्य में रिक्त स्थान नहीं होना चाहिए ।

om अग्नेय दिशा अग्नि की दिशा है अत: इस दिशा में रसोई घर होना हर तरह से शुभ होता है । चूँकि घर की स्त्रियों का काफी समय रसोई में गुजरता है अत: आग्नेय दिशा में रसोई होने पर ना केवल घर की स्त्रियों का वरन घर के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक रहता है, एवं घर के सभी सदस्यो में प्रेम भावना भी बनी रहेगी लेकिन किचन किसी-भी प्रकार से गोल न हो वरन उसे वर्गाकार रखना चाहिए, अन्यथा मकान के निवासीयों का सुख चेन बाधित रह सकता है ।

om इस तरह के भवन के सामने की ओर अर्थात आग्नेय कोण की फर्श यदि नीची हुई या इस दिशा में सेफ्टिक टेंक या गड्डा होने घर के मालिक या उसकी संतान को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

om आग्नेय दिशा ईशान (उत्तर-पूर्व) और वायव्य (पश्चिम-उत्तर) से ऊँची होनी चाहिए लेकिन यह नैऋत्य(पश्चिम-दक्षिण) से अवश्य ही नीची होनी चाहिए। इससे यश की प्राप्ति होती है।

om इस तरह के भवन में बिजली के मीटर, जनरेटर, बिजली का खम्भा आदि की स्थापना अग्नेय कोण में ही करनी चाहिए ।

om आग्नेय दिशा के भवन में सामने की तरफ अर्थात अग्नेय दिशा में कुआं, बोरिंग नल आदि का निर्माण भूलकर भी ना करवाएं । ऐसा करने से घर की स्त्री व संतान को कष्ट होने की सम्भावना रहती है।

om आग्नेय दिशा के भवन के ईशान में उत्तर की ओर सैप्टिक टैंक एवं ईशान दिशा में पूर्व की ओर कुआं बनाना शुभ माना जाता है।

om आग्नेय दिशा के भवन के सामने की ओर अर्थात अग्नि कोण में बाथरूम बहुत ही अशुभ होता है । इस दिशा में बाथरूम होने पर पत्नी हावी रहती है । घर में कलह होगी और सास बहू में सदैव विरोध रहने की सम्भावना होगी ।

समान्यता इस तरह के भवन में दक्षिण दिशा में बरामदा या पोर्टिको होता है, लेकिन यह अशुभ माना जाता है । अत: इसके उपायस्वरूप इस दिशा के बरामदे में लोहे की ग्रिल लगवाकर उसे ज्यादातर बंद रखे एवं उसका फर्श भी ऊँचा रखे । इसी तरह इस दिशा में पोर्टिको को बिना स्तम्भ के और उत्तर से ऊँचा बनवाएं साथ ही पोर्टिको का फर्श भी ऊँचा रखे लेकिन ध्यान रखे कि दक्षिण दिशा की छत और फर्श नैत्रत्य से ऊँचा ना हो।

अत: यदि आप अपने आग्नेयमुखी भवन का निर्माण यहाँ पर बताये गए वास्तु के सिद्दांतों के अनुसार करेंगे तो आप निश्चय ही सुखी जीवन व्यतीत कर पाएंगे ।



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1.
Hamare ghar ke south-east kone me ek kuan(well) hai, ise ham hata nahi sakte. iske karan kuan banne ke turant baad parivar me 1983 ko sankat aaya tha (vajrapat hua tha). please vaastu dosh ko dur karne ka upay batayen.
swapan kumar  

2.
My home is east facing but main door in southeast.so my family is facing many problems. Please tell me the remedy ,how can we get good result
Varun trivedi  





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