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हिन्दू तीर्थ स्थान

जगन्नाथपुरी धाम

Jaggnathpuri

हिन्दुओं के चार धामों में से एक गिने जाने वाला यह तीर्थ पुरी, ओड़िसा में स्थित है। यह भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। रथ यात्रा यहाँ का प्रमुख और प्रसिद्ध उत्सव है। यह मन्दिर वैष्णव परंपराओं और संत रामानन्द से जुड़ा हुआ है। गोड़ीय वैष्णव संप्रदाय के संस्थापक चैतन्य महाप्रभु कई वर्श तक भगवान श्रीकृष्ण की इस नगरी में रहे थे।

कथाओं के अनुसार भगवान की मूर्ति अंजीर वृक्ष के नीचे मिली थी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा इस मंदिर के मुख्य देव हैं जिन्हे अति भव्य और विशाल रथों में सुसज्जित करके यात्रा पर निकालते हैं। यह यात्रा रथ यात्रा के नाम से जानी जाती है जो कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीय को आयोजित की जाती है। रथ यात्रा का उत्सव भारत के अनेकों वैष्णव कृष्ण मन्दिरों में भी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है एवं भगवान की शोभा यात्रा पूरे हर्ष उल्लास एवं भक्ति भाव से निकाली जाती है।

जगन्नाथ मंदिर वास्तव में एक बहुत बड़े परिसर का हिस्सा है जो लगभग 40000 वर्ग फिट में फैला हुआ है, मुख्य मन्दिर के शिखर पर भगवान विष्णु का श्री चक्र स्थापित है इस आठ कोणों के चक्र को “नीलचक्र” भी कहतें है जो अष्टधातु का बना है।

मुस्लिम तीर्थ स्थान

मक्का

Makka

मक्का जिसे अरबी में "मक्का अल मुकर्रमह" भी कहा जाता है विश्व भर के मुसलमानों का एक अति पाक स्थान है जो सउदी अरब में स्थित है। मक्का शहर एतिहासिक हेज़ाज क्षेत्र में स्थित हैं तथा सउदी अरब के मक्काह प्रान्त की राजधानी है यह शहर जेद्धा से 73 कि0मी0 की दूरी पर है। इस्लाम में पाक मक्का शहर हज यात्रा के लिये जाना जाता है जहाँ पर पूरे विश्व से हर साल लगभग 30 लाख लोग हज करने आते है हर मुस्लिम की यह ख्वाहिश होती है कि वह जीवन में एक बार हज जरूर करके आये। मक्का को इसलिये भी बहुत पवित्र मानते है ।

ईसाई तीर्थ स्थान

सेंट पॉल्स कैथेड्रल

St.Peters Basilica Church

प्रसिद्ध चर्च ऑफ बॉम्ब जीजस भारत के दक्षिण, गोवा राज्य में स्थित है जिसमें सेंट फासिंस जेवियर और संट कैथेड्रल के मकबरे है। वेसिलिका ऑफ बॉम्ब जीजस, गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर है। इस पवित्र एवं शानदार चर्च का निर्माण 16वीं शताब्दी में कराया गया था। बॉम्ब जीजस का अर्थ है ‘अच्छे जीजस या शिशु जीजस’। इस विश्व प्रसिद्ध कैथोलिक वेसेलिका को भारत में बारोक वास्तुकला का सर्वोत्तम दर्जा प्राप्त है। यह चर्च अति सुन्दर, मनोहर है।

सिख तीर्थ स्थान

गगुरुद्वारा ननकाना साहिब

Nankana Sahib

ननकाना साहब पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के शेखपुरा जिले में स्थित है। पहले इसे राय-भोई-दी तलबन्डी’ के नाम से जाना जाता था। यह जगह लाहौर से 80 कि0मी0 दूर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इसकी जनसंख्या लगभग 60000 है। यही पर सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल सन् 1469 ई0 को एक हिन्दु परिवार में हुआ था। गुरू नानक देव का जन्म दिवस प्रकाशपर्व के रूप में कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरी श्रद्धा से मनाया जाता है।

जैन तीर्थ स्थान

दिलवाड़ा जैन मंदिर

Dilwada jain temple

दिलवाड़ा जैन मंदिर राजस्थान राज्य के सिरोही जिले के माउन्ट आबू नगर में स्थित है। दिलवाड़ा मंदिर वस्तुतः पांच मंदिरों का समूह है। इन मंदिरों का निर्माण 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच में हुआ था। यह विशाल एवं दिव्य मंदिर जैन धर्म के तीर्थकंरों को समर्पित है। यहाँ के पांच मंदिरों में दो विशाल मंदिर है तथा तीन मंदिर उसके अनुपूरक है।

बौद्ध तीर्थ स्थान

बौध गया

Bodh Gaya

बिहार राज्य में हिन्दुओ के प्रमुख तीर्थ गया से सटा बौध गया एक छोटा किन्तु प्रमुख शहर है। बौध धर्म में बौध गया को अत्यन्त पवित्र एवं प्रमुख तीर्थ माना गया है। कहते हैं कि करीब 500 ई0 पू0 गौतम बुद्ध यहीं पर फाल्गु नदी के तट पर बोधि पेड़ के नीचे तपस्या करने बैठे थे, इसी पेड़ के नीचे उन्हे ज्ञान की प्राप्ति हुयी थी जिसके बाद वह भगवान बुद्ध कहलाने लगे तभी से यह स्थल बौध धर्म के अनुयायीयों के लिये अत्यन्त श्रद्धा एवं भक्ति का केन्द्र बन गया है।