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जानिए आज शुक्रवार का पंचांग
जानिए आज शुक्रवार का पंचांग
दुर्गा माँ का मन्त्र :- “सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥” आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी अजा एकादशी दिन शुक्रवार है। शुक्रवार को माँ दुर्गा की लाल पुष्प से पूजा करने से संकटो से रक्षा होती है , माँ का भक्त निर्भय हो जाता है सर्वत्र सफलता और सुख की प्राप्ति होती है। शुक्रवार को साँयकाल लक्ष्मी मंदिर में सुगन्धित धूप अगरबत्ती अर्पित करके कुछ वहीँ पर जला दें इससे माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। आज अजा एकादशी है। एकादशी तिथि विष्णु जी को अत्यंत प्रिय है। एकादशी के दिन किसी भी विष्णु मंदिर / कृष्ण मंदिर में पानी वाला नारियल और बादाम चढ़ाएं इससे आर्थिक पक्ष मजबूत रहता है कार्यो में विघ्न भी नहीं आते है। एकादशी के दिन चावल खाने से रोग और शत्रु बढ़ते है, जानिए आज शुक्रवार का पंचांग
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एकादशी के ये अचूक उपाय
एकादशी के ये अचूक उपाय
18 अगस्त शुक्रवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी है, एकादशी के दिन करेंगे ये उपाय तो , धन सम्पति की नहीं होगी कोई कमी, जीवन में सभी सुख और ऐश्वर्य होंगे प्राप्त, पुरखो को मिलगा विष्णु लोक में स्थान,....... अवश्य ही करें, एकादशी के ये अचूक उपाय
http://www.memorymuseum.net/hindi/ekadashi-ke-upay.php
आज गुरुवार का पंचाग
आज गुरुवार का पंचाग
विष्णु मन्त्र :- "ॐ श्री विष्णवे नम:"।। आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को श्री विष्णु जी को शंख से स्नान कराकर नारियल, इलाइची अर्पित करके पीले फूल चढ़ाकर आराधना करने से समस्त सांसारिक सुखो की प्राप्ति होती है। गुरुवार को काले चने या उड़द की खिचड़ी ना खाएं, प्रत्येक गुरुवार को चने की दाल,( पीली दाल ), पीले फलो एवं आँवले का सेवन अवश्य करें। दशमी तिथि के स्वामी यमराज ही है। दशमी को इनकी पूजा करने, इनसे अपने पापो के लिए क्षमा माँगने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं, नरक के दर्शन नहीं होते है, दीर्घायु मिलती है। जीवन में शुभ फलो के लिए नित्य पंचाग को पढ़ने की अनिवार्य आदत डालें , जानिए आज गुरुवार का पंचाग
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जानिए डेंगू से बचने के उपाय,
जानिए डेंगू से बचने के उपाय,
आजकल डेंगू एक बहुत बड़ी बीमारी के रूप पर उभरा है, यह रोग जानलेवा हो सकता है, आज इससे पूरे देश में बहुत से लोगों की जान जा रही है। डेंगू बरसात के मौसम में ज्यादा फैलता है। इस उपाय को करने से डेंगू से होगा बचाव, जानिए डेंगू से बचने के उपाय, डेंगू के घरेलू उपचार, डेंगू के आयुर्वेदिक उपचार,
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जन्माष्टमी के अचूक उपाय
जन्माष्टमी के अचूक उपाय
जन्माष्टमी के दिन करेंगे ये उपाय तो, मिलेगी द्वारिकाधीश श्री कृष्ण जी की पूर्ण कृपा, पूरी होगी सभी मनोकामनाएँ, जानिए जन्माष्टमी के अचूक उपाय
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सोमवार का पंचांग
सोमवार का पंचांग
शिव गायत्री मंत्र:- "ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात"।। आज भादौं माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दिन सोमवार 'श्री कृष्ण जन्माष्टमी' का पर्व है। जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या दूध, शहद एवं काले तिल चढ़ाएं , इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है। इस बार 14 और 15 दोनों ही दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रसन्नचित होकर इस दिन व्रत रखते हैं,भगवान श्री कृष्ण का पूजन करते है उनके घर कारोबार में सदैव स्थिर लक्ष्मी का वास रहता है, उनको कार्यो में मनवाँछित सफलता प्राप्त होती है। जानिए आज सोमवार का पंचांग
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जन्माष्टमी में भगवान श्री कृष्ण का पूजन किस प्रकार करे ,
जन्माष्टमी में भगवान श्री कृष्ण का पूजन किस प्रकार करे ,
14 अगस्त सोमवार को जन्माष्टमी है, स्कन्द पुराण के अनुसार जो उत्तम पुरुष है, वे निश्चित रूप से जन्माष्टमी व्रत को इस लोक में करते हैं। उनके पास सदैव स्थिर लक्ष्मी होती है। इस व्रत के करने के प्रभाव से उनके समस्त कार्य सिद्ध होते हैं। जानिए जन्माष्टमी का ब्रत कैसे रखे, जन्माष्टमी में भगवान श्री कृष्ण का पूजन किस प्रकार करे ,
http://www.memorymuseum.net/hindi/krishna-janmashtami-ki-puja-vidhi.php
जानिए आपको जन्माष्टमी किस दिन मनानी चाहिए और क्यों
जानिए आपको जन्माष्टमी किस दिन मनानी चाहिए और क्यों
भगवान श्री कृष्ण का अपने 8 वे अवतार के रूप में , 8 वें मनु वैवस्त के मन्वन्तर के 28 वें द्वापर में भाद्रपक्ष की कृष्ण पक्ष की रात्रि के 7 पहर बीत जाने के बाद 8 वे पहर के शुभ लग्न में जब सभी ग्रहों की शुभ दृष्टि पड़ रही थी रोहणी नक्षत्र एवं अष्टमी तिथि के संयोग से जयंती योग में बुधवार के दिन अवतरण हुआ था। इस वर्ष श्रीकृष्ण जी का 5244 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 2017 में जन्माष्टमी के पर्व को 14 अगस्त को मनाएं या 15 अगस्त को इसको लेकर जनता में भ्रम की स्तिथि बनी हुई है। जानिए आपको जन्माष्टमी किस दिन मनानी चाहिए और क्यों
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श्री कृष्ण जी की अदभुत लीलाएं,
श्री कृष्ण जी की अदभुत लीलाएं,
श्री कृष्ण जी ने अपने जीवन काल में समय समय पर ऐसी अदभुत लीलाएं की , जिनको देखकर लोगों को यह सहज ही विश्वास हो गया क‌ि श्री कृष्ण मनुष्य नहीं साक्षात् प्रभु के अवतार हैं। जानिए श्री कृष्ण जी की अदभुत लीलाएं, जिन्हे जानकर आप भी दाँतो तले उँगलियाँ दबा लेंगे
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रविवार का पंचाग
रविवार का पंचाग
सूर्य मन्त्र :- "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"।। आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्टी तिथि दिन रविवार है। रविवार को भगवान सूर्य को प्रात: ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़, और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य दे एवं आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करें। रविवार को सूर्य देव को आक के फूल अर्पित करे। रविवार को भैरव जी के दर्शन करके उन्हें जलेबी नमकीन का भोग लगाने से समस्त विघ्न बाधाएं दूर होती है। षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है, षष्टी को इनकी पूजा करने से जातक को मुक़दमे, राज-द्वार, वाद-विवाद में विजय मिलती है, शत्रु पराजित होते है, नित्य पंचाग पढ़ने वाले जातको का भाग्य सदैव साथ देता है, जानिए आज रविवार का पंचाग
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जन्माष्टमी कैसे मनाएं
जन्माष्टमी कैसे मनाएं
भाद्रपद की कृष्ण अष्टमी को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी सच्चे मन से भगवान श्री कृष्ण का पूजन करता है, जन्माष्टमी का व्रत रखता है, उसे इस संसार में किसी भी चीज़ का आभाव नहीं रहता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ अवश्य ही पूर्ण होती है। जानिए जन्माष्टमी कैसे मनाएं, कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि
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शनिवार का पंचाग
शनिवार का पंचाग
"ॐ शं शनिचराये नम:"।। आज भादौं माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दिन शनिवार है। शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल चढ़ाने और सांय पीपल के नीचे तेल का चतुर्मुखी दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाएं दूर होती है ।शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है। पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन नाग देव की पूजा करने से भय तथा कालसर्प दोष दूर होता है जातक को निर्भयता आती है। कोई भी नया कार्य शुरू करने से उसमे सफलता मिलने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है, जानिए आज शनिवार का पंचाग
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जन्माष्टमी के सुख - समृद्धि के अचूक उपाय
जन्माष्टमी के सुख - समृद्धि के अचूक उपाय
हिन्दु धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को बहुत प्रमुख माना जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार, किसी भी सिद्धि प्राप्ति या मनोकामना पूर्ति के लिए वर्ष की चार सर्वश्रेष्ठ रात्रियों में एक है श्री कृष्ण जन्माष्टमी। जानिए जन्माष्टमी के सुख - समृद्धि के अचूक उपाय
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 माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के दिव्य नाम
माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के दिव्य नाम
आज अवश्य ही लें माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के नाम मान्यता है कि नित्य इनके नामो का मात्र 11 बार जप करने से माँ लक्ष्मी की पूर्ण कृपा मिलती है,..... शुक्रवार को तो धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की दात्री माँ लक्ष्मी के पुत्रो का नाम लेना अत्यंत शुभ माना जाता है , जानिए समस्त भौतिक, सांसारिक सम्पदाओं को प्रदान करने वाली विष्णु प्रिया, माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के दिव्य नाम
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आज शुक्रवार का पंचाग
आज शुक्रवार का पंचाग
महालक्ष्मी मन्त्र :- "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:"॥ आज भादौं माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन शुक्रवार है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को कमल / गुलाब का फूल चढ़ाकर, उन्हें हलुवे का भोग लगाकर धन की देवी की आराधना करने, श्री सूक्त का पाठ करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है, स्थाई सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नहर्ता गणपति जी है, चतुर्थी को गणपति जी को दूर्वा अर्पित करके गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्न दूर होते है। चतुर्थी रिक्ता तिथि है , चतुर्थी को कोई भी नया शुभ कार्य नहीं करे , चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। नित्य पंचाग पढ़ने वाले जातको को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है, जानिए आज शुक्रवार का पंचाग
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गुरुवार का पंचाग
गुरुवार का पंचाग
"ॐ नमो विष्णवे नम:"।। आज भादपद्र माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को भगवान श्री विष्णु जी की इलाइची, मिश्री और पीले फूलो से पूजा करने से समस्त सांसारिक सुखो की प्राप्ति होती है। प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु जी को आँवला चढ़ाएं, और आँवले का सेवन भी अवश्य ही करें। गुरुवार को नाख़ून, बाल और दाढ़ी नहीं कटाने चाहिए वरना माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है । तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है । तृतीया तिथि में माँ गौरी जी की पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख सौभाग्य की एवं देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर जी पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। तृतीया को तृतीया को परवल खाने से शत्रुओं की वृद्धि होती है, जानिए आज गुरुवार का पंचाग
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जानिए रोग निवारण के उपाय ,
जानिए रोग निवारण के उपाय ,
आज से भाद्रपद अर्थात भादौ का महीना शुरू हुआ है, आरोग्य, दीर्घ आयु और संतान सुख के लिए भादौं माह में बिलकुल भी नहीं करें ये काम जानिए रोग निवारण के उपाय , आरोग्य के अचूक उपाय
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हड्डियों को मजबूत करने का रामबाण उपाय
हड्डियों को मजबूत करने का रामबाण उपाय
अगर आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता, शरीरिक क्षमता बढ़ाना चाहते है, अगर आप चाहते है कि आपके चेहरे पर चमक हो आप बिलकुल फिट नज़र आये, थकान आपसे दूर रहे, हड्डियाँ मजबूत रहे, जोड़ो का दर्द कभी भी निकट भी नहीं आये, आपके बच्चे खेलकूद, पढ़ाई में सबसे रहे आगे तो करें ये अचूक उपाय, जानिए हड्डियों को मजबूत करने, शरीर को फौलाद बनाने का रामबाण उपाय
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आज मंगलवार का पंचाग
आज मंगलवार का पंचाग
"नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा"।। आज भादौं माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दिन मंगलवार है। मंगलवार को हनुमान जी को घी का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ करने से सभी संकटो का नाश होता है, मंगलवार को नियमपूर्वक मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लड्डुओं / बूँदी का प्रशाद चढ़ाएं इससे कार्यो के समस्त अवरोध दूर होते है। प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं। हिन्दू धर्म ग्रंथो में देवताओं में प्रथम स्थान अग्नि देव का ही दिया गया है। अग्निदेव सब देवताओं के मुख हैं और यज्ञ में इन्हीं के द्वारा देवताओं को समस्त यज्ञ-वस्तु प्राप्त होती है। प्रतिपदा को इनकी आराधना से यश कर तेज मिलता है, प्रतिपदा को कद्दू ना खाएं , जानिए आज मंगलवार का पंचाग
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 चंद्रग्रहण में विशेष
चंद्रग्रहण में विशेष
चंद्रग्रहण में भूल कर भी ना करे ये काम , वरना होंगे घोर पाप के भागी , जानिए चंद्रग्रहण में क्या करे क्या ना करे, चंद्रग्रहण में विशेष
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गणेश जी के पुत्रो शुभ-लाभ की कैसे पूरी हुई मनोकामना
गणेश जी के पुत्रो शुभ-लाभ की कैसे पूरी हुई मनोकामना
रक्षाबंधन के दिन अपनी बहन से राखी / रक्षासूत्र बँधवाने पर गणेश जी के पुत्र , शुभ-लाभ और पुत्री संतोषी माँ का मिलता है आशीर्वाद, पूरे वर्ष आरोग्य की होती है प्राप्ति, घर कारोबार में सुख-समृद्धि का होता है वास जानिए रक्षाबंधन का महत्व, गणेश जी के पुत्रो शुभ-लाभ की कैसे पूरी हुई मनोकामना
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 आज रक्षाबंधन का पंचाग
आज रक्षाबंधन का पंचाग
शिव मूल मन्त्र :- "ॐ नम: शिवाय"।। आज सावन माह की पूर्णिमा, रक्षाबंधन का पर्व, सावन का अंतिम सोमवार है। पूर्णिमा और सावन के सोमवार के कारण आज शिवभक्तों को शिवमंदिर जाकर भगवान शिव का अभिषेक करने से असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनके कल्याण, उन्नति की कामना करती है और भाई बहन की रक्षा के लिए वचन देते है। आज खग्रास चंद्रग्रहण है जिसे सोमवार को होने के कारण 'चूड़ामणि चंद्रग्रहण' के नाम से जाना जाता है, शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय किये गए जप, तप, दान-पुण्य का अक्षय फल मिलता है, जानिए आज रक्षाबंधन का पंचाग
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 रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग
सूर्य मंत्र :- "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"।। आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि दिन रविवार है। जीवन में यश और कार्यों में सफलता के लिए प्रत्येक रविवार को भगवान सूर्य को प्रात: जल से अर्घ्य दे एवं आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करें । रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन अवश्य ही करें। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं। प्रत्येक चतुर्दशी को शिवजी की पूजा, अर्चना एवं रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। चतुर्दशी को सभी शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए शास्त्रों में मना किया गया। जीवन में निरन्तर शुभ फलो के लिए नित्य पंचाँग को अवश्य ही पढ़े जानिए आज रविवार का पंचांग
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 शनिवार का पंचाग
शनिवार का पंचाग
"ॐ शं शनैश्चरायै नम:"।। आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी तिथि दिन शनिवार है। शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाने और सांय पीपल के नीचे तेल का चतुर्मुखी दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते है, पितरो की कृपा मिलती है, कुंडली की समस्त ग्रह बाधाएँ दूर होती है। शनिवर को काले चने/उड़द की खिचड़ी का सेवन करे। त्रयोदशी तिथि के स्वामी प्रेम के देवता कामदेव हैं। त्रियोदशी को कामदेव की पूजा करने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है। त्रयोदशी को बैंगन नहीं खाना चाहिए, जानिए आज शनिवार का पंचाग
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जानिए रक्षाबंधन के उपाय
जानिए रक्षाबंधन के उपाय
अगर शनि से मिल रही हो पीड़ा या कुंडली में राहु दे रहे हो अशुभ फल, रक्षाबंधन के दिन इस उपाय को करने से, शनि और राहु होंगे शान्त , जीवन के उतार चढ़ाव होंगे दूर , जानिए रक्षाबंधन के उपाय
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शुक्रवार का पंचाग
शुक्रवार का पंचाग
लक्ष्मी मन्त्र :- "ऊँ श्रीं हृीं श्रीं कमलवासिन्यै नमः"।। आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दिन शुक्रवार है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को मिश्री, मखाने का भोग लगाकर लाल पुष्प अर्पित करके माँ लक्ष्मी की आराधना करने, माँ अष्ट लक्ष्मी के मन्त्र का जाप करने, श्री सूक्त का पाठ करने से घर कारोबार में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है, जीवन में कभी भी धन का आभाव नहीं होता है। द्वादशी तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं । द्वादशी को इनकी पूजा, अर्चना करने से मनुष्य को समस्त सुख और ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य ही करें । द्वादशी के दिन तुलसी तोड़ना,यात्रा करना निषिद्ध है । द्वादशी के दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। जानिए आज शुक्रवार का पंचाग
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गुरुवार का पंचाग
गुरुवार का पंचाग
विष्णु मन्त्र :- "ऊँ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्"।। आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की पवित्रा एकादशी दिन गुरुवार है। गुरुवार के दिन एकादशी होना बहुत शुभ माना जाता है। गुरुवार को शंख से भगवान विष्णु को स्नान करा के उन्हें पीले चन्दन का तिलक करके, पीले फूल अर्पित करते हुए नारियल, मिश्री, इलाइची से पूजा करने से समस्त सांसारिक सुख प्राप्त होते है, एकादशी के दिन जल में आँवले डालकर स्नान करने से बहुत पुण्य बढ़ते है, समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं जीवन में सभी सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होते है। गुरुवार के दिन सर / कपड़े धोना, तेल लगाना आदि से धन का नाश होता है , एकादशी के दिन चावल खाने से पाप और रोग बढ़ते है, जानिए गुरुवार का पंचाग
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एकादशी के भाग्य चमकाने के उपाय
एकादशी के भाग्य चमकाने के उपाय
सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 'पुत्रदा एकादशी' या 'पवित्रा एकादशी' कहलाती है, इस दिन भगवान श्री विष्णु जी की पूजा करने से संतान योग्य और यशस्वी होती है। एकादशी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। एकादशी के दिन इस उपाय को करने से जीवन में सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और यश की प्राप्ति होती है , जानिए एकादशी के भाग्य चमकाने के उपाय
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जानिए बुधवार का पंचाग
जानिए बुधवार का पंचाग
गणेश गायत्री मन्त्र :- "ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात"।। आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दिन बुधवार है। बुधवार के दिन गणेशजी की रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं का भोग लगाकर गणपति मन्त्र का जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बुधवार के दिन तेल लगाने से धन लाभ मिलता है। दशमी तिथि के देवता यमराज जी हैं। इस दिन इनकी पूजा करने, इनसे अपने पापो के लिए क्षमा माँगने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं, नरक का भय नहीं रहता है, बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाने से धन सम्बन्धी कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है। नित्य पंचांग पढ़ने से कुंडली के ग्रहो के शुभ फल मिलते है, जानिए बुधवार का पंचाग
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जानिए राशिनुसार पुरुषों /स्त्रियों की खास बातें,
जानिए राशिनुसार पुरुषों /स्त्रियों की खास बातें,
नाम के पहले अक्षर से जानिए किसी भी पुरुष /स्त्री की खास बातें, जानिए किसी का भी स्वभाव, राशिनुसार पुरुषों /स्त्रियों की खास बातें, उसकी मित्र-शत्रु राशियाँ, उसके अनुकूल ग्रह, देवता, शुभ दिन
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