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अमावस्या के महत्वपूर्ण उपाय
अमावस्या के महत्वपूर्ण उपाय
आज शनि अमावस्या है। अमावस्या के उपाय इतने महत्वपूर्ण , इतने दिव्य कहे गए है कि इनको करने से दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाता है, नए नए सफलता के मार्ग खुल जाते है। इस दिन पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से किसी भी उपाय को करने से अवश्य ही कार्य सिद्ध होते है। आज अवश्य ही करें, अमावस्या के महत्वपूर्ण उपाय
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शनि अमावस्या का पंचाग
शनि अमावस्या का पंचाग
आज शनि अमावस्या है। शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने, सांय पीपल के नीचे तेल का चतुर्मुखी दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते है, ग्रह बाधाओं का निवारण होता है। अमावस्या के स्वामी पितृ देव है, अमावस्या को पितरो का तर्पण करने, ब्राह्मण को भोजन कराने एवं उनके निमित दान करने से पितृ प्रसन्न होते है। अमावस्या पर तुलसी के पत्ते या बिल्व पत्र बिलकुल भी नहीं तोडऩा चाहिए। जीवन में निरंतर शुभ समय के लिए नित्य पंचाग को अवश्य ही पढ़े/सुने, जानिए आज शनि अमावस्या का पंचाग
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, अमावस्या पर पितरों की पूर्ण कृपा
, अमावस्या पर पितरों की पूर्ण कृपा
पितरों को अमावस का देवता माना गया है । शास्त्रों के अनुसार हर अमावस्या के दिन पितृ अपने घर अपने वंशजो के पास आते है , यदि आपके पितृ देवता प्रसन्न होंगे तभी आपको अन्य देवी-देवताओं की कृपा भी प्राप्त हो सकती है। पितृ ऋण से मुक्ति के लिए , पितरों की तृप्ति के लिए, उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए, जीवन की समस्त अस्थिरताओं को दूर करने के लिए हर परिवार के मुखिया को प्रत्येक अमावस्या पर कुछ उपाय अनिवार्य रूप से अवश्य ही करने चाहिए। जानिए, अमावस्या पर पितरों की पूर्ण कृपा
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अष्टलक्ष्मी
अष्टलक्ष्मी
धन का हमारे जीवन में काफी महत्व है। अष्ट लक्ष्मी माँ लक्ष्मी के आठ कल्याणकारी स्वरूप है जो हमें धन, विद्या, वैभव, शक्ति और सुख प्रदान करती हैं। अष्टलक्ष्मी के दर्शन, आराधना करने से व्यक्ति को धन और सुख-समृ्द्धि दोनों की प्राप्ति होती है, घर-परिवार में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है, व्यापार में वृद्धि व धन में बढोतरी होती है। शुक्रवार को माँ के इन स्वरूपों का नाम अवश्य ही लेना चाहिए, जानिए माँ लक्ष्मी का अष्ट लक्ष्मी स्वरूप और अष्टलक्ष्मी मन्त्र
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आज शुक्रवार का पंचांग
आज शुक्रवार का पंचांग
"ॐ श्रीं श्रीये नम:"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दिन शुक्रवार है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के मन्त्र का जप करने, श्री सूक्त का पाठ करने, माँ लक्ष्मी के अष्टरूपो का नाम लेने से उस घर में धन की दात्री माँ लक्ष्मी की पीढ़ियों तक कृपा बनी रहती है। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं। कृष्णपक्ष की चतुर्दशी के दिन शिव जी की पूजा, अर्चना एवं रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, भक्तो के सभी संकट दूर होते है । चतुर्दशी नया, शुभ कार्य प्रारम्भ ना करें। पंचांग में उस दिन के देवताओं, नक्षत्रो, आदि का नाम लिया जाता है , जिनसे हमें उनकी कृपा मिलती है, नित्य पंचांग को पढ़ने वाले जातक जीवन में समस्त सुख और यश प्राप्त करते है, जानिए आज शुक्रवार का पंचांग
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गुरुवार का पंचांग
गुरुवार का पंचांग
"श्री मन नारायण नारायण नारायण, हरि मन नारायण नारायण नारायण"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को भगवान श्री विष्णु जी को शंख से स्नान करा के उन्हें पीले चन्दन का तिलक करके लौंग, इलाइची, गुड़, नारियल, आँवले, आदि का भोग लगाकर पूजा करने से जीवन के सभी सुख प्राप्त होते है। त्रयोदशी तिथि के स्वामी प्रेम के देवता कामदेव माने जाते है। त्रियोदशी को इनकी पूजा करने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता, इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है परिवारिक जीवन सुखमय होता है। त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए। गुरुवार को तेल लगाने, सिर धोने, कपड़े धोने, बाल-दाढ़ी कटाने से धन हानि होती है, जानिए क्या है गुरुवार का पंचांग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Thursday
बुधवार का पंचांग
बुधवार का पंचांग
"वक्रतुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा"॥ आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दिन बुधवार है। बुधवार के दिन गणेशजी की दूर्वा अर्पित करके पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न दूर रहते हैं। बुधवार के दिन गणपति जी को गुड़ या लड्डुओं का भोग अवश्य लगाएं। द्वादशी तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं। द्वादशी को इनकी पूजा, अर्चना करने से मनुष्य को समस्त सुख और ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। द्वादशी के दिन तुलसी ना तोड़ें। द्वादशी के दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचाग पढ़ने वाले जातक समस्त सांस्कारिक सुखो को प्राप्त करते है, क्या आपने आज बुधवार का पंचांग पढ़ा ? नहीं, तो तुरंत क्लिक करें
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Wednesday
आज मंगलवार का पंचांग
आज मंगलवार का पंचांग
"प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कौसलपुर राजा"।। आज योगिनी एकादशी दिन मंगलवार है। मंगलवार को हनुमान चालीसा,बजरंग बाण का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है, बल, निर्भयता आती है, सभी संकट दूर होते है। मंगलवार को हनुमान जी के दर्शन अनिवार्य रूप से करें। एकादशी के दिन किसी भी भगवान विष्णु जी की पूजा करने , विष्णु मंदिर / कृष्ण मंदिर में पानी वाला नारियल और बादाम चढ़ाने से आर्थिक पक्ष मजबूत रहता है कार्यो में विघ्न भी नहीं आते है। एकादशी को चावल नहीं खाएं। अपने समय को अपने अनुकूल करने के लिए नित्य पंचांग को पढ़ने की अनिवार्य आदत बनायें, इससे भाग्य साथ देता है, जानिए आज मंगलवार का पंचांग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Tuesday
एकादशी के अचूक उपाय
एकादशी के अचूक उपाय
20 जून मंगलवार को योगिनी एकादशी है। योगिनी एकादशी के दिन चाहे ब्रत रखे अथवा नहीं , अगर एकादशी के दिन करेंगे ये आसान उपाय तो दूर रहेंगे सारे संकट, भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी दोनों की मिलेगी असीम कृपा,....... जानिए, एकादशी के दिन कौन से उपाय से चमकेगा भाग्य, एकादशी के अचूक उपाय
http://www.memorymuseum.net/hindi/ekadashi-ke-upay.php
बच्चो के कमरे का वास्तु
बच्चो के कमरे का वास्तु
किसी भी घर में बच्चों के कमरे का वास्तु का उतना ही महत्व है जितना घर के मुखिया के लिए बैड रूम का। शास्त्रों के अनुसार बच्चो के भविष्य, उनके उत्तम विकास के लिए वास्तु के नियमों की बिलकुल भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए । अगर बच्चो का कमरा वास्तु के अनुरूप होगा तो उनका शरीर, मन और मस्तिष्क स्वस्थ रहेगा वह शिक्षा में , खेल में , किसी भी ललित कलाओं में श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त कर पाएंगे, संस्कारी एवं आज्ञाकारी बनेंगे जानिए बच्चो के उत्तम भविष्य के लिए कैसा हो बच्चो के कमरे का वास्तु
http://www.memorymuseum.net/hindi/bachchon-ke-kamre-ka-vastu.php
बाथरूम के अचूक वास्तु टिप्स
बाथरूम के अचूक वास्तु टिप्स
अगर आपका बाथरूम वास्तु के अनुरूप नहीं है तो, घर में बीमारी, मतभेद, धन हानि लगी रहती है, अपने बाथरूम में यह उपाय करके अपने बाथरूम को वास्तु अनुरूप बनायें जानिए बाथरूम के अचूक वास्तु टिप्स, बाथरूम का वास्तु दोष कैसे दूर करें
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रविवार का पंचांग
रविवार का पंचांग
"ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दिन रविवार है। रविवार को इस ब्रह्माण्ड के प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य को प्रात: ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़, और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य दे एवं आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करें। रविवार को नमक ना खाएं। रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन अवश्य करें। नवमी तिथि में माँ दुर्गा को गुड़हल या लाल गुलाब अर्पित करते हुए दुर्गा जी के किसी भी सिद्द मन्त्र का जाप करने से जीवन के सभी मनोरथ पूर्ण होते है । नवमी एक रिक्ता तिथि है इसलिए नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत इस तिथि में ना करें। नवमी तिथि में लौकी और कद्दू का सेवन नहीं करना चाहिए। नित्य पंचांग पढ़ने वाले जीवन मे अवश्य ही श्रेष्ठ लाभ प्राप्त करते है, जानिए आज रविवार का पंचांग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Sunday
आज शनिवार का पंचाग
आज शनिवार का पंचाग
शनि मन्त्र:- "ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन शनिवार है। शनिवार को पीपल पर प्रात: दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाकर सात परिक्रमा करने एवं साँय पीपल पर चौमुखा दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते है, कुंडली के ग्रहो के शुभ फल मिलने लगते है। शनिवार को किसी ना किसी रूप में काले चने, उड़द की खिचड़ी या काले नमक का सेवन अवश्य ही करें। अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव कहे गए है। अष्टमी तिथि को भगवान शिव का पूजा करने, शिवलिंग का अभिषेक करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती है, अष्टमी को नारियल का सेवन करने से बुध्दि का नाश होता है, जीवन में शुभ फलो के लिए नित्य पंचाग को पढ़कर / सुनकर ही घर से अपने कार्यो के लिए निकले। जानिए आज शनिवार का पंचाग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Saturday
आज गुरुवार का पंचांग
आज गुरुवार का पंचांग
"ॐ नमो नारायण, ॐ नमो नारायण"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की षष्टी तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को सृष्टि के पालनहार भगवान श्री विष्णु की पीले पुष्पों से पूजा करने से सांसारिक सुखो की प्राप्ति होती है , गुरुवार को विष्णु सस्त्रनाम का पाठ करने से विष्णु जी के साथ माँ लक्ष्मी की भी कृपा मिलती है। गुरुवार को सर, कपडे धोने, नाख़ून, बाल और दाढ़ी काटने से माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय है । षष्ठी को इनकी पूजा करने से व्यक्ति वीर, शक्ति सम्पन्न एवं यशवान बनता है, मुक़दमे राजद्वार से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर सफलता, कुंडली के ग्रहो को अनुकूल करने के लिए नित्य पंचाग अवश्य ही पढ़े, जानिए आज गुरुवार का पंचांग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Thursday
मंगलवार का पंचांग
मंगलवार का पंचांग
"दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार है। कलयुग में हनुमान जी की पूजा शीघ्र फलदायी और समस्त भय और संकटो को दूर करने वाली कही गयी है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ एवं मंदिर में बूंदी / गुड़ / लड्डुओं का प्रशाद अवश्य चढ़ाएं। मंगलवार को बाल , दाढ़ी ना कटाएं। चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी है, चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते है,धन, यश और बुद्दि की प्राप्ति होती है। चतुर्थी रिक्ता तिथि है, चतुर्थी को नया, शुभ कार्य प्रारम्भ ना करे, चतुर्थी को मूली खाने से धन-नाश होता है, नित्य पंचांग पढ़े और देखे आपका भाग्य कुछ ही समय में कैसे चमकने लगता है, जानिए आज मंगलवार का पंचांग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Tuesday
जानिए भगवान शिव के परिवार के बारे में
जानिए भगवान शिव के परिवार के बारे में
भगवान शिव देवो के देव है। शिवजी का पूजन समस्त सुख देने वाला माना गया है। इस सम्पूर्ण सृष्टि में भगवान भोले शंकर ही सबसे आसानी से प्रसन्न होने वाले देवता कहे गए है। आप भगवान शिव की पत्नी, उनके पुत्रो के बारे में तो जानते है लेकिन क्या आप भगवान भोले शंकर के पूरे परिवार के बारे में , भगवान शिव की बहन, उनकी पुत्री, उनकी बहुओं पौत्रो आदि के बारे में जानते है ? अगर नहीं हो जानिए, सृष्टि के सबसे पूजनीय, पुण्यदायक भगवान शिव के परिवार के बारे में
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 कुबेर देव का मन्त्र , कुबेर जी की पूजा कैसे करें
कुबेर देव का मन्त्र , कुबेर जी की पूजा कैसे करें
कुबेर देव सुख-समृद्धि और धन प्रदान करने वाले देवता माने गए हैं। धर्म शास्त्रो में जीवन में धन, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्त करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय कुबेर देव की आराधना कही गयी है । कुबेर देव तृतीया तिथि के स्वामी माने गये है इस दिन कुबेर देव की श्रद्धा से पूजन करने उनके मन्त्र का जप करने से से अतुल धन , ऐश्वर्य एवं समस्त संसारिक सुखो की प्राप्ति होती है जानिए कुबेर देव का मन्त्र , कुबेर जी की पूजा कैसे करें
http://www.memorymuseum.net/hindi/kuber-dev-ki-kripa.php
सोमवार का पंचांग
सोमवार का पंचांग
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्"॥ आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि दिन सोमवार है| सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत / कच्चा दूध, घी, शहद, अक्षत, बेल पत्र, शमी पात्र, सफ़ेद पुष्प चढ़ाने से आरोग्य, पारिवारिक सुख प्राप्त होते है, भगवान शिव को तुलसी ना चढ़ाएं | तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है। तृतीया को माँ गौरी जी की पूजा से जीवन में सुख सौभाग्य की एवं कुबेर जी बेल पत्र से या शिव मंदिर में बैठ कर पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। तृतीया तिथि को परवल खाने से शत्रुओं की वृद्धि होती है | नित्य पंचाग पढ़ने/सुनने से देवताओं एवं कुंडली के ग्रहो का आशीर्वाद मिलता है, क्या आपने आज सोमवार का पंचांग पढ़ा नहीं ? अभी क्लिक करें
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Monday
आज रविवार का पंचाग
आज रविवार का पंचाग
सूर्य मन्त्र :- "ऊँ हृां हृीं सः सूर्याय नमः"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की दिव्तीया तिथि दिन रविवार है | रविवार को भगवान सूर्य को प्रात: ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़, और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देने, एवं आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करने से सुख-समृद्धि, तेज, यश की प्राप्ति होती है। रविवार को बिल्ववृक्ष का पूजन करने से पापो का नाश होता है। रविवार को मंदिर में भैरव नाथ का दर्शन करके उन्हें जलेबी/इमरती, नमकीन और माह में एक बार शराब चढ़ाएं, विघ्न बाधाएं और शत्रु भय दूर होता है| दिव्तीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है , दिव्तीया को ब्रह्मा जी का स्मरण करने से समस्त कार्य सफल होते है, द्वितीया को बैंगन ना खाएं,नित्य पंचाग पढ़ने वालो का भाग्य मजबूत होता है, जानिए क्या है आज रविवार का पंचाग
http://www.memorymuseum.net/hindi/aaj-ka-panchag.php?dayName=Sunday
,पूजा घर का वास्तु,
,पूजा घर का वास्तु,
कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म का हो उसके भवन में पूजा का स्थान अवश्य ही होता है । शास्त्रों के अनुसार यदि पूजा घर उचित दिशा में हो तो उस घर में ईश्वर की असीम कृपा बनी रहती है, घर में सुख-शान्ति और समृद्धि का वास होता है, जानिए,पूजा घर का वास्तु, वास्तु टिप्स, जिससे आपको अवश्य ही लाभ की प्राप्ति होगी
http://www.memorymuseum.net/hindi/pooja-ghar-ka-vastu.php
जानिए आज शनिवार का पंचांग
जानिए आज शनिवार का पंचांग
शनि मन्त्र :- "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"।। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दिन शनिवार है। शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है, शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाने और सांय पीपल के नीचे तेल का चतुर्मुखी दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है। शनिवार को सांय मंदिर में शनि देव के दर्शन करने से शनि देव की कृपा बनती है। शनिवार को काले कुत्ते को रोटी पर कड़वा तेल लगाकर उस पर चीनी / गुड़ रखकर खिलाएं। प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं। अग्निदेव सब देवताओं के मुख हैं और यज्ञ में इन्हीं के द्वारा देवताओं को समस्त यज्ञ-वस्तु प्राप्त होती है। प्रतिपदा को इनकी पूजा करने से समस्त संकटो का नाश होता है,प्रतिपदा को कद्दू का सेवन नहीं करना चाहिए। जानिए आज शनिवार का पंचांग
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जानिए माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के नाम
जानिए माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के नाम
धन की देवी माँ लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। अगर अचानक पैसे रुपए की ज़रुरत पड़ जाए तो लक्ष्मी माता को नहीं, बल्कि उनके पुत्रों को पुकारिये। मान्यता है कि जब लक्ष्मी जी के पुत्रों का नाम लेंगे, तो मां दौड़ी चली आती है और, जिस घर में नित्य माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो का नाम लिया जाता है माँ उस घर पर स्थाई रूप से निवास करती है, शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में 'नम:' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है। जानिए माँ लक्ष्मी के 18 पुत्रो के नाम https://www.memorymuseum.net/hindi/ma-lakshmi-ke-18-putr.php
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पूर्णिमा के अचूक उपाय
पूर्णिमा के अचूक उपाय
आज पूर्णिमा की रात्रि में इस मन्त्र का जप करते हुए पति पत्नी में कोई भी या दोनों यदि करेंगे ये उपाय, ....... तो सुख समृद्दि, और परिवारिक सुखो की होगी प्राप्ति, माँ लक्ष्मी की मिलेगी पूर्ण कृपा, जानिए पूर्णिमा के अचूक उपाय / पूर्णिमा के टोटके
http://www.memorymuseum.net/hindi/purnima-ke-achuk-upay-totke.php
आज पूर्णिमा, शुक्रवार का पंचांग
आज पूर्णिमा, शुक्रवार का पंचांग
लक्ष्मी मन्त्र : "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:"।। आज पूर्णिमा दिन शुक्रवार है। हिन्दु धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह दिन माँ लक्ष्मी को विशेष प्रिय है। इस दिन माँ लक्ष्मी की साधना, सात्विक उपाय से जीवन में सभी भौतिक सुख मिलते है। शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को कमल / गुलाब का फूल अर्पित करके श्री सूक्त का पाठ करने से माँ लक्ष्मी की स्थाई कृपा मिलती है। पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बेलपत्र, शमीपत्र, अक्षत, और फल चढ़ाने से भगवान शिव की जातक पर सदैव कृपा बनी रहती है । पूर्णिमा के दिन घिसे हुए सफ़ेद चंदन में केसर मिलाकर भगवान शंकर को अर्पित करने से घर से कलह और अशांति दूर होती है। जानिए आज पूर्णिमा, शुक्रवार का पंचांग
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वर्ष 2017 के प्रत्येक राशि के राशिनुसार उपाय
वर्ष 2017 के प्रत्येक राशि के राशिनुसार उपाय
वर्ष 2017 के 5 माह बीत गए है , ज्योतिष शास्त्र में राशिनुसार ऐसे कई उपाय बताये गए है जिनसे प्रत्येक जातक श्रेष्ठ लाभ ले सकता है, जानिए वर्ष 2017 के सभी 12 राशियों के उपाय जिनको करके निश्चित ही इन 7 माह में मनवाँछित लाभ ले सकते है....... वर्ष 2017 के प्रत्येक राशि के राशिनुसार उपाय
http://www.memorymuseum.net/hindi/2017-ke-mesh-rashi-ke-upay.php
किस रत्न के साथ कौन सा रत्न नहीं पहनना चाहिए
किस रत्न के साथ कौन सा रत्न नहीं पहनना चाहिए
रत्नो का अपना एक अलग ही महत्वपूर्ण संसार है। यदि हम इनका सही उपयोग कर सके तो हमें निश्चय ही अभीष्ट लाभ प्राप्त हो सकेगा। लेकिन किस रत्न के साथ कौन सा रत्न पहने और कौन सा नहीं इस बात का ज्ञान होना अत्यंत अवश्य है जानिए किस रत्न के साथ कौन सा रत्न नहीं पहनना चाहिए
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जानिए पूर्णिमा के भाग्य बदलने के अचूक उपाय
जानिए पूर्णिमा के भाग्य बदलने के अचूक उपाय
9 जून शुक्रवार को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा है, पूर्णिमा के दिन किसी भी शिव मंदिर में जाकर चावल का एक उपाय अवश्य ही करें | इस उपाय को नियमपूर्वक हर पूर्णिमा को करने से भगवान भोलेशंकर की कृपा मिलती है , समस्त आर्थिक संकट / अड़चने दूर होते है, कार्य क्षेत्र में श्रेष्ठ सफलता मिलती है। जानिए पूर्णिमा के भाग्य बदलने के अचूक उपाय
https://www.memorymuseum.net/hindi/purnima-ka-mahatwa-upay.php
आज गुरुवार का पंचाग
आज गुरुवार का पंचाग
विष्णु जी का मन्त्र :- "ऊँ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्"।। आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि दिन गुरुवार है। गुरुवार को भगवान श्री विष्णु जी की आँवला, नारियल, इलाइची, गुड़, पीले फुलो से आराधना करना परम फलदायी है। गुरुवार को तुलसी को जल में दूध मिलाकर सींचने से माँ लक्ष्मी की स्थाई कृपा मिलती है। गुरुवार को काले चने या उड़द की खिचड़ी ना खाएं, गुरुवार को चने की दाल,( पीली दाल ), पीले फलो का सेवन अवश्य करें । चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शंकर है, चतुर्दशी के दिन शिव जी की पूजा, अर्चना एवं रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, भक्तो के सभी संकट दूर होते है । चतुर्दशी को नया शुभ कार्य ना करें, जानिए आज गुरुवार का पंचाग
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लू का इलाज
लू का इलाज
हर वर्ष हमारे देश में हज़ारो लोग लू के कारण असमय ही मौत के आगोश में चले जाते है । समान्यता कोई भी व्यक्ति तब ही लू के चपेट में आता है जब वह तेज धूप में बाहर जाता है अथवा किसी गर्म जगह / कमरे में जहाँ पर कोई भी पंखा , कूलर आदि ना हो देर तक काम करता है और वहाँ पर उस जगह के गर्म होने के कारण उसे अत्यधिक पसीना आता है , घबराहट होने लगती है सर चकराने लगता है। लू के शिकार हर उम्र के लोग हो सकते है। जानिए लू से कैसे करें बचाव, लू में क्या रखे सावधानियाँ , लू का इलाज
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पेट में गैस के आसान और घरेलु उपचार
पेट में गैस के आसान और घरेलु उपचार
पेट में दर्द, पेट में जलन, खट्टी डकारें आना, छाती में जलन, जी मिचलाना, खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और खाना हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारी-भारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना यह सब पेट में गैस बनने की निशानी है, जो बढ़ती उम्र में आम समस्या है। पेट में गैस बनने को अनदेखा ना करें, जानिए पेट में गैस के आसान और घरेलु उपचार
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